ओरल सेक्स बन रहा कैंसर का कारण, जितने ज्यादा पार्टनर उतना ही बड़ा खतरा
CHAKRESH | Mar 18, 2026, 19:25 IST
hpv virus oral sex
अमेरिका और ब्रिटेन में HPV (Human Papillomavirus) वायरस अब गले के कैंसर का सबसे बड़ा कारण बन चुका है। यह वायरस मुख्य रूप से ओरल सेक्स के जरिए फैलता है। भारत में अभी भी तंबाकू और धूम्रपान प्रमुख कारण हैं, लेकिन HPV का खतरा यहां भी बढ़ रहा है…
5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला
- अमेरिका और ब्रिटेन में गले के कैंसर का सबसे बड़ा कारण अब धूम्रपान नहीं, HPV वायरस बन चुका है।
- यह वायरस मुख्य रूप से ओरल सेक्स के जरिए एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलता है।
- पश्चिमी देशों में गले के कैंसर के 70 से 85 प्रतिशत मामलों की वजह HPV है।
- छह या उससे ज्यादा ओरल सेक्स पार्टनर हों, यह कैंसर होने का खतरा 8.5 गुना ज्यादा होता है।
- भारत में अभी तंबाकू और धूम्रपान मुख्य कारण हैं, लेकिन HPV से कैंसर के मामले भी बढ़ रहे हैं।
धूम्रपान नहीं, अब HPV है बड़ा खतरा
अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में HPV ने तंबाकू और शराब को पीछे छोड़ते हुए ऑरोफेरिंजियल (Oropharyngeal) यानी गले के कैंसर का सबसे बड़ा कारण बनने की जगह ले ली है। यह एक बड़ा बदलाव है, जिसे दुनिया भर के डॉक्टर और शोधकर्ता गंभीरता से ले रहे हैं।
2023 में अमेरिका और ब्रिटेन में ऑरोफेरिंजियल कैंसर के मामले सर्वाइकल (Cervical) यानी गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से भी ज्यादा हो गए। यह आंकड़े बताते हैं कि स्थिति कितनी तेजी से बदल रही है।
प्रोफेशनल्स के लिए सरकारी नौकरी, झारखंड स्वास्थ्य विभाग भर्ती में करें आवेदन
HPV वायरस क्या है और कैसे फैलता है?
यह वायरस लिप-लॉक जैसे गहरे चुंबन या ओरल सेक्स के जरिए गले तक पहुंचता है। गले का पिछला हिस्सा, जिसमें टॉन्सिल और जीभ की जड़ शामिल है, उसकी सतह असमान होती है। इसमें गहरी दरारें होती हैं जो वायरस के ठहरने के लिए अनुकूल जगह होती हैं।
ज्यादातर लोगों में एक-दो साल के भीतर शरीर खुद ही इस वायरस को साफ कर देता है। लेकिन कुछ लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में कोई खामी होती है, जिसके चलते वे इस संक्रमण से छुटकारा नहीं पा पाते। ऐसे लोगों में वायरस लगातार बढ़ता रहता है और धीरे-धीरे कोशिकाओं के डीएनए (DNA - Deoxyribonucleic Acid) में घुलकर उन्हें कैंसर में बदल देता है।
Oropharyngeal cancer
आज से में शुरू होगा फ्री सर्वाइकल कैंसर कैंपेन, MP की 8 लाख बेटियों को फ्री लगेगा HPV वैक्सीन
HPV-16 सबसे खतरनाक किस्म क्यों?
HPV की सबसे खतरनाक किस्म HPV-16 है। यह टॉन्सिल और गले के पिछले हिस्से को निशाना बनाती है। कई पश्चिमी देशों में गले के कैंसर के 70 से 85 प्रतिशत मामलों की वजह HPV है।
HPV-16 ही वह किस्म है जो HPV से जुड़े गले के 90 प्रतिशत से ज्यादा कैंसर के लिए जिम्मेदार मानी जाती है। यही वजह है कि विशेषज्ञ इस खास किस्म पर सबसे ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
HPV-16 और HPV-18 शरीर में लंबे समय तक रह सकती हैं और अंततः कैंसर की वजह बन सकती हैं। इन दोनों किस्मों को उच्च जोखिम वाला माना गया है।
महाराष्ट्र के इस जिले में पाए गए 13 हजार से ज्यादा महिलाओं में कैंसर के लक्षण, ऐसे हुआ खुलासा
कितने पार्टनर, कितना खतरा?
तो भारत में क्या है स्थिति?
पुरुषों में ऑरोफेरिंजियल कैंसर HPV से जुड़ा सबसे आम कैंसर है। 2025 तक भारत में HPV से जुड़े कैंसर के एक लाख 21 हजार 302 मामले होने का अनुमान था। भारत में गले और सिर-गर्दन के कैंसर का बोझ दुनिया में सबसे ज्यादा है। यहां पुरुषों में इसकी दर प्रति एक लाख में 20.9 और महिलाओं में 6.1 है। तंबाकू चबाने की आदत इसका बड़ा कारण है।
KBC फेम तहसीलदार अमिता सिंह तोमर पर गिरफ्तारी की तलवार: अमिताभ बच्चन ने दिया था 50 लाख का चेक
बचाव कैसे करें?
ओरल सेक्स के दौरान कंडोम या डेंटल डैम (Dental Dam) का इस्तेमाल करने से HPV के एक से दूसरे व्यक्ति में फैलने का खतरा कम होता है। इसके अलावा यौन साझेदारों की संख्या सीमित रखना भी एक अहम उपाय माना जाता है।
गले के HPV से जुड़े कैंसर का सबसे आम शुरुआती लक्षण गर्दन में एक दर्दरहित गांठ होती है। यह लक्षण नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर मुंह में कोई घाव तीन हफ्ते से ज्यादा समय तक ठीक न हो, या गले में लगातार दर्द बना रहे, तो तुरंत डॉक्टर से मिलना जरूरी है।
अच्छी बात यह है कि HPV से जुड़े गले के करीब 90 प्रतिशत कैंसर पहले चरण में पकड़े जाते हैं। ऐसे मरीजों के ठीक होने की संभावना 90 प्रतिशत से भी ज्यादा होती है।
धूम्रपान और HPV का मेल ज्यादा खतरनाक
HPV का टीका मौजूदा संक्रमण का इलाज नहीं करता। यह केवल नए संक्रमण से बचाता है। इसीलिए विशेषज्ञ कहते हैं कि यह टीका जितनी जल्दी लगवाया जाए, उतना बेहतर है।
FAQ
- क्या
ओरल सेक्स से गले का कैंसर हो सकता है?
उत्तर: ओरल सेक्स सीधे गले का कैंसर नहीं करता, लेकिन यह HPV वायरस गले का कैंसर फैलाने का एक बड़ा जरिया है। HPV संक्रमण के बाद ज्यादातर मामलों में शरीर खुद ही वायरस को खत्म कर देता है। लेकिन कुछ लोगों में यह वायरस सालों तक छिपा रहता है और बाद में ऑरोफेरिंजियल यानी गले का कैंसर बन सकता है। अमेरिका में गले के 60 से 70 प्रतिशत कैंसर HPV से जोड़े जाते हैं। - HPV से गले के कैंसर से बचने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
HPV वैक्सीन सबसे कारगर बचाव है। यह 9 से 45 साल की उम्र तक के लोगों को दी जा सकती है और इसे 11-12 साल की उम्र में लगवाना सबसे फायदेमंद रहता है। इसके अलावा ओरल सेक्स (oral sex ) के दौरान कंडोम या डेंटल डैम का इस्तेमाल, यौन साझेदारों की संख्या सीमित रखना और नियमित दंत चिकित्सक जांच से भी खतरा कम किया जा सकता है। - भारत में HPV से जुड़े गले के कैंसर की स्थिति क्या है?
भारत में अभी भी तंबाकू और धूम्रपान गले के कैंसर का मुख्य कारण है। लेकिन शोध बताते हैं कि भारत में भी HPV से जुड़े ऑरोफेरिंजियल कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। 2025 तक भारत में HPV से जुड़े कैंसर (HPV vaccine India ) के एक लाख से ज्यादा मामले होने का अनुमान था। राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक पुरुषों में HPV से जुड़ा ऑरोफेरिंजियल कैंसर सबसे आम है।
सोर्स / रेफरेंस
The Conversation: https://theconversation.com/oral-sex-is-now-the-leading-risk-factor-for-throat-cancer-204063
ecancer (India HPV Data): https://ecancer.org/en/journal/article/1444
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari