LBSNAA की ट्रेनिंग में क्यों फेल हो गए 213 IAS, जानिए क्या रहा इसका कारण?

Jageshwar prasad | May 16, 2026, 18:52 IST
Share
Ashish Bhardwaj - 2026-05-16T185910.689
Photograph: (the sootr)

क्या यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा पास कर लेना ही आईएएस अधिकारी के सफर की आखिरी परीक्षा है? आरटीआई से निकले ताजा आंकड़े तो कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। LBSNAA से सामने आए आंकड़ों ने प्रशासनिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।

देश की सबसे प्रतिष्ठित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) से चौकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। ये आंकड़े साबित करते हैं कि IAS बनना भले ही कठिन हो, लेकिन IAS बने रहना और प्रशिक्षण पास करना भी कम चुनौतीपूर्ण नहीं है।

आरटीआई (RTI) से मिली जानकारी के अनुसार साल 2020 से 2026 के बीच ट्रेनिंग के दौरान विभिन्न परीक्षाओं में खराब प्रदर्शन करने वाले 213 IAS प्रोबेशनरों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ी।

कुल ट्रेनी 1079, री-एग्जाम देने वाले 213
आंकड़े बताते हैं कि 1 जनवरी 2020 से 1 जनवरी 2026 के बीच LBSNAA में कुल 1,079 IAS अधिकारियों ने ट्रेनिंग ली। इनमें से 213 (लगभग 20 प्रतिशत) को किसी न किसी मूल्यांकन में दोबारा परीक्षा देनी पड़ी।

हर साल औसतन 182 से 187 ट्रेनी अकादमी में दाखिला लेते हैं। यानी हर बैच के करीब 35-40 अधिकारियों को अपनी गलतियों को सुधारने का मौका दिया गया।

AGMUT टॉप पर

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार सबसे हैरान करने वाला खुलासा कैडर-वार आंकड़ों में हुआ। अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल करने वाले AGMUT कैडर ने सबसे अधिक 21 प्रशिक्षुओं के साथ टॉप किया। ये वो प्रोबेशनर IAS हैं जिन्होंने री-एग्जाम दिया था।

कैडर-वार दोबारा परीक्षा देने वालों की सूची

RTI से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न राज्यों के कैडर में से दोबारा परीक्षा देने वाले शीर्ष कैडरों की सूची इस प्रकार है:

Gemini_Generated_Image_ko09jhko09jhko09
Gemini_Generated_Image_ko09jhko09jhko09
उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े कैडरों में भी दोहराने वालों की संख्या काफी अधिक रही। वहीं, कुछ छोटे कैडरों में यह संख्या बहुत कम या शून्य के करीब रही।

6 साल में नकल का एक भी मामला नहीं

राहत की बात यह है कि इस पूरी अवधि में परीक्षाओं के दौरान अनुचित साधनों (नकल) का उपयोग करते हुए कोई भी IAS प्रोबेशनर नहीं पकड़ा गया। अकादमी ने पुष्टि की है कि सख्त डिसिप्लिन मानकों और पेशेवर नैतिकता के चलते छह साल में धोखाधड़ी का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ। यानि चाहे मार्क्स कम आएं, लेकिन ईमानदारी पर कोई समझौता नहीं।

LBSNAA की ट्रेनिंग इतनी क्यों है कठिन?

एक IAS अधिकारी के अनुसार LBSNAA का दो वर्षीय प्रेरण कार्यक्रम दुनिया के सबसे कठिन प्रशासनिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में से एक है। यहां प्रशिक्षुओं का मूल्यांकन सिर्फ किताबी ज्ञान के आधार पर नहीं, बल्कि कई आयामों पर किया जाता है:

लोक प्रशासन (Public Administration)

कानून और अर्थशास्त्र (Law & Economics)

शासन और नीति (Governance & Policy)

जिला और क्षेत्रीय अनुलग्नक (District & Field Attachments)

शारीरिक फिटनेस (Physical Fitness)

नेतृत्व विकास (Leadership Development)

क्या दोबारा परीक्षा देना फेल होना है?

अक्सर लोग सोचते हैं कि दोबारा परीक्षा देना यानी फेल होना है, लेकिन एक IAS अधिकारी का कहना है कि इसे नेगेटिव नहीं देखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि मूल्यांकन प्रणाली का उद्देश्य यह तय करना है कि सभी ट्रेनी वास्तविक दुनिया की प्रशासनिक जिम्मेदारियों के लिए पूरी तरह से तैयार हों।

दोबारा मौका देना यह तय करने का एक तरीका है कि कोई भी ट्रेनी लंगड़ा ज्ञान लेकर जिले में न जाए। कमजोर पकड़ वाले अधिकारी को सुधरने का मौका देना ही असली मंशा है।

LBSNAA क्या है?

मसूरी में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) देश का सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा ट्रेनिंग संस्थान है। यहां IAS के अलावा अन्य अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों को भी प्रशिक्षित किया जाता है।

अकादमी का दो-वर्षीय प्रेरण कार्यक्रम नए सिविल सेवकों को कठोर कक्षा निर्देश, जिला प्रशिक्षण और शारीरिक प्रशिक्षण के जरिए जमीनी प्रशासन के लिए तैयार करता है।

ये भी पढ़ें:-

भाजपा विधायक के भतीजे का हुआ था MBBS में एडमिशन, डोटासरा ने किया खुलासा

पेपर लीक के मास्टरमाइंड का नया पैंतरा, खुद को बताया मनोरोगी, SOG पर प्रताड़ना का आरोप

जब सिर्फ 4 घंटे के लिए अधिकारी को मिला दो शहरों का जिम्मा, आदेश देखकर सब रह गए दंग

भीषण गर्मी में भी नहीं लौटे ठंडे क्षेत्रों के परिंदे, जानें क्या है वजह?



Tags:
  • IAS
  • आरटीआई
  • RTI
  • AGMUT कैडर
  • LBSNAA
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज