यूजर्स क्यों कर रहे हैं ChatGPT को अनइंस्टॉल? पेंटागन डील और प्राइवेसी का डर बढ़ा रहे हैं चिंता

Jitendra Shrivastava | Mar 03, 2026, 16:54 IST
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openai pentagon deal
Photograph: (thesootr)

OpenAI और पेंटागन के बीच एक डील हुई। इस डील से ChatGPT को अनइंस्टॉल करने की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद Sam Altman को सफाई तक देना पड़ रही है।

News In Short

  • पेंटागन डील ने ChatGPT को निगरानी के रूप में इस्तेमाल करने पर चिंता बढ़ाई।
  • Sam Altman ने स्पष्ट किया कि AI का इस्तेमाल नागरिकों की निगरानी के लिए नहीं होगा।
  • एक दिन में ChatGPT के अनइंस्टॉल में 295% की बढ़ोतरी।
  • AI कंपनियां जैसे Anthropic ने सैन्य उपयोग को लेकर असहमति जताई।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिक स्वतंत्रता पर AI के प्रभाव पर बहस तेज़ हो गई।

News In Detail

OpenAI की पेंटागन के साथ डील ने अमेरिका में एक बड़ी प्रतिक्रिया को जन्म दिया, जिसके परिणामस्वरूप ChatGPT को अनइंस्टॉल करने की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई।

यूजर्स ने इस डील के बाद यह चिंता जताई कि AI का इस्तेमाल निगरानी और सैन्य ऑपरेशनों में हो सकता है। Sam Altman ने यह स्पष्ट किया कि AI का इस्तेमाल अमेरिकी नागरिकों की निगरानी के लिए नहीं किया जाएगा, लेकिन फिर भी ट्रस्ट को लेकर सवाल उठे हैं।

OpenAI और अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) के बीच हुए विवादास्पद समझौते ने काफी सुर्खियाँ बटोरी हैं। इस डील को लेकर लोगों में यह डर है कि ChatGPT जैसे एआई टूल का उपयोग निगरानी और सैन्य कार्यों में हो सकता है।

एक ही दिन में, ChatGPT ऐप को अनइंस्टॉल करने में 295% की वृद्धि देखी गई, जो इस बात को दर्शाता है कि सार्वजनिक रूप से यह चिंता बहुत गहरी हो गई है।

Sam Altman का बयान

इस प्रतिक्रिया के बाद, OpenAI के CEO Sam Altman ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस समझौते के बारे में स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यह समझौता इस बात की गारंटी देता है कि AI का उपयोग नागरिकों की निगरानी के लिए नहीं किया जाएगा।

Altman ने यह भी कहा कि यह तकनीकी उपाय कानूनी दायरे में होंगे और किसी भी प्रकार की मॉनिटरिंग या सर्विलांस के लिए OpenAI की तकनीक का उपयोग नहीं किया जाएगा।

विश्वसनीयता के सवाल

Sam Altman द्वारा दिए गए आश्वासनों के बावजूद, आम जनता और यूजर्स में विश्वास की कमी बनी हुई है। लोग यह चिंतित हैं कि कहीं AI का प्रयोग भविष्य में निगरानी या सैन्य कार्यों के लिए न किया जाए।

इस विवाद में और भी गहरा ट्विस्ट तब आया जब AI कंपनी Anthropic ने रक्षा विभाग के साथ अपनी असहमति जताई, और उसने स्पष्ट रूप से कहा कि उनका AI सिस्टम युद्ध के हथियारों या मास सर्विलांस के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

विश्व स्तर पर असर

दुनिया वर्तमान में भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध के दौर से गुजर रही है, और ऐसे में AI का सैन्य ऑपरेशनों और इंटेलिजेंस में उपयोग एक महत्वपूर्ण सवाल बन गया है।

एक ओर जहां सरकारें AI को सुरक्षा के लिए एक जरिया मान रही हैं, वहीं नागरिक अधिकार समूह इसके खतरे और प्राइवेसी उल्लंघन को लेकर चेतावनी दे रहे हैं। यह विवाद केवल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिक स्वतंत्रता का सवाल बन चुका है।

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FAQ

  1. क्या OpenAI का AI सिस्टम अमेरिकी नागरिकों की निगरानी के लिए इस्तेमाल होगा?
    Sam Altman ने स्पष्ट किया है कि OpenAI के AI सिस्टम का इस्तेमाल अमेरिकी नागरिकों की निगरानी के लिए नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह बताया कि इसका उपयोग सिर्फ कानूनी दायरे में ही होगा और किसी प्रकार की सर्विलांस के लिए इसका उपयोग नहीं किया जाएगा।
  2. ChatGPT के अनइंस्टॉल होने के पीछे क्या कारण हैं?
    OpenAI और पेंटागन के समझौते के बाद, यूजर्स को यह डर था कि AI का इस्तेमाल सैन्य निगरानी और डेटा ट्रैकिंग के लिए हो सकता है, जिससे 295% तक अनइंस्टॉल बढ़ गए।
  3. क्या AI कंपनियों को सरकार के साथ काम करना चाहिए?
    यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या AI कंपनियों को सैन्य और सरकारी उपयोग से दूरी बनानी चाहिए। कुछ का मानना है कि AI की शक्ति को जिम्मेदारी से उपयोग किया जाना चाहिए।


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