राजनीति में महिला आरक्षण मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, तुरंत लागू करने की मांग पर सुनवाई शुरू
Neel Tiwari | Nov 10, 2025, 17:44 IST
political-women-reservation
सुप्रीम कोर्ट में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को चुनौती दी गई है। यह अधिनियम महिलाओं को राजनीति में 33% आरक्षण प्रदान करता है। याचिका में इसे तत्काल लागू करने की मांग की गई है।
New Delhi/Jabalpur. सुप्रीम कोर्ट ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 पर भारत सरकार को नोटिस जारी किया है। यह अधिनियम महिलाओं को राजनीति में 33% आरक्षण प्रदान करता है। याचिका में इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की गई है। याचिका में संसद से पारित कानून को परिसीमन के बाद भी लागू नहीं करने को असंवैधानिक बताया गया है।
दमोह निवासी जया ठाकुर ने जनहित याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि संसद या विधानसभा द्वारा पारित कोई भी कानून तत्काल प्रभाव से लागू होता है। भारत सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को परिसीमन प्रक्रिया के बाद लागू करने का प्रावधान जोड़ा है। इससे महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों में देरी हुई है।
याचिका की प्रारंभिक सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस महादेवन की डिविजनल बेंच ने की। खंडपीठ ने केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय और विधि मंत्रालय दोनों को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है।
![18421bec-052]()
ये भी पढ़ें...पुलिस भर्ती में महिला आरक्षण की गफलत को लेकर हाईकोर्ट पहुंची याचिका
याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, शोभा गुप्ता और वरुण ठाकुर ने पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि संसद से पारित अधिनियम को भविष्य के परिसीमन के बाद लागू करने का प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 15 का उल्लंघन है।
ये भी पढ़ें...भर्ती में महिला आरक्षण गलत ढंग से लागू होने से पुरुषों का नुकसान, ESB और MPPSC को नोटिस जारी
भारत सरकार के विधि मंत्रालय के 2022 के आंकड़ों के अनुसार, देश में महिलाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व औसतन 4% है। जबकि देश की 50% जनसंख्या महिलाएं हैं।
भारत सरकार के विधि मंत्रालय के 2022 के डाटा के अनुसार, विभिन्न राज्यों में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी औसतन 4% है।
खंडपीठ ने कहा कि देश की आधी आबादी का राजनीति में प्रतिनिधित्व बहुत कम है। ऐसे कानूनों का तत्काल लागू होना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। अदालत ने भारत सरकार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 की देरी पर विस्तृत जवाब देने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 5 जनवरी को होगी।
ये भी पढ़ें...जनगणना, जातीय गिनती, परिसीमन और महिला आरक्षण: 2026 से शुरू होगी ऐतिहासिक कवायद
ये भी पढ़ें...मध्यप्रदेश में खाली है 90 हजार पद, प्रमोशन में आरक्षण का विवाद है कारण, 12 को मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
यह मामला महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण से जुड़ा है। यह सवाल भी उठता है कि क्या संवैधानिक संशोधन में देरी करना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। अगली सुनवाई 5 जनवरी को होगी। सुप्रीम कोर्ट यह तय करेगा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को तत्काल लागू किया जा सकता है या नहीं।
अधिनियम को लागू करने में देरी पर सवाल
याचिका की प्रारंभिक सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस महादेवन की डिविजनल बेंच ने की। खंडपीठ ने केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय और विधि मंत्रालय दोनों को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है।
18421bec-052
ये भी पढ़ें...पुलिस भर्ती में महिला आरक्षण की गफलत को लेकर हाईकोर्ट पहुंची याचिका
उठाए गए कई सवाल
ये भी पढ़ें...भर्ती में महिला आरक्षण गलत ढंग से लागू होने से पुरुषों का नुकसान, ESB और MPPSC को नोटिस जारी
देश में महिलाओं का प्रतिनिधित्व अब भी बेहद कम
भारत सरकार के विधि मंत्रालय के 2022 के डाटा के अनुसार, विभिन्न राज्यों में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी औसतन 4% है।
| महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी | प्रतिशत में |
|---|---|
| आंध्र प्रदेश | 8.00 |
| अरुणाचल प्रदेश | 5.00 |
| असम | 4.76 |
| बिहार | 10.70 |
| छत्तीसगढ़ | 14.44 |
| गोवा | 7.50 |
| गुजरात | 7.14 |
| हरियाणा | 10.00 |
| हिमाचल प्रदेश | 5.88 |
| जम्मू-कश्मीर | 2.30 |
| झारखंड | 12.35 |
| कर्नाटक | 3.14 |
| केरल | 7.86 |
| मध्य प्रदेश | 9.13 |
| महाराष्ट्र | 8.33 |
| मणिपुर | 8.33 |
| मेघालय | 5.08 |
| मिजोरम | 0.00 |
| नागालैंड | 0.00 |
| उड़ीसा | 8.90 |
| पंजाब | 11.11 |
| राजस्थान | 12.00 |
| सिक्किम | 9.38 |
| तमिलनाडु | 5.13 |
| तेलंगाना | 5.04 |
| त्रिपुरा | 5.00 |
| उत्तराखंड | 11.43 |
| उत्तर प्रदेश | 11.66 |
| पश्चिम बंगाल | 13.70 |
| एनसीटी ऑफ दिल्ली | 11.43 |
| पुदुचेरी | 3.33 |
आधी आबादी का राजनीतिक प्रतिनिधित्व जरूरी
ये भी पढ़ें...जनगणना, जातीय गिनती, परिसीमन और महिला आरक्षण: 2026 से शुरू होगी ऐतिहासिक कवायद
ये भी पढ़ें...मध्यप्रदेश में खाली है 90 हजार पद, प्रमोशन में आरक्षण का विवाद है कारण, 12 को मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
राजनीति में महिला आरक्षण
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari