SBI का बड़ा फैसला: 1 दिसंबर से mCash सेवा बंद, एटीएम शुल्क में होगी बढ़ोतरी
Jitendra Shrivastava | Nov 15, 2025, 23:09 IST
Photograph: (THESOOTR)
SBI ने 1 दिसंबर से mCash सेवा को बंद करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही एटीएम ट्रांजेक्शन शुल्क में भी बढ़ोतरी की जा रही है। ग्राहकों को UPI, IMPS, NEFT और RTGS का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
BUSINESS DESK. SBI ने एक अहम बदलाव की घोषणा की है, जो अगले महीने 1 दिसंबर से लागू होगा। बैंक ने mCash सेवा को बंद करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही एटीएम ट्रांजेक्शन शुल्क भी बदल जाएगा।
SBI (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर इसकी जानकारी दी है। अब mCash सेवा ऑनलाइन SBI और YONO Lite पर उपलब्ध नहीं होगी। बैंक ने इसके बदले यूपीआई, IMPS, NEFT और RTGS जैसे विकल्पों का उपयोग करने की सलाह दी है।
SBI ने घोषणा की है कि वह अपनी mCash सेवा को 1 दिसंबर 2025 से बंद कर देगा। यह सेवा एसबीआई ग्राहकों के लिए एक सुविधाजनक तरीका थी। इससे वे आसानी से और जल्दी फंड का दावा कर सकते थे।
mCash से बिना ग्राहक का पंजीकरण किए दूसरी बैंक के अकाउंट में पैसा ट्रांसफर कर सकते थे। यह ट्रांसफर मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी के जरिए किया जाता था। अब यह सेवा बंद हो जाएगी और ग्राहकों को इसके स्थान पर नए विकल्प अपनाने होंगे।
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mCash की मदद से ग्राहक बिना किसी कठिनाई के और बिना अकाउंट नंबर के भुगतान प्राप्त कर सकता था। अब बैंक ने यह निर्णय लिया है कि यह सुविधा अगले महीने से बंद हो जाएगी। बैंक ने बताया कि अब mCash के बजाय ग्राहक यूपीआई, IMPS, NEFT और RTGS का इस्तेमाल कर पाएंगे।
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1 दिसंबर से SBI में एटीएम ट्रांजेक्शन शुल्क में भी बदलाव होने जा रहा है। अब यदि आप अपनी निर्धारित सीमा से अधिक मंथली ट्रांजेक्शन करते हैं, तो आपको 2 रुपए अधिक शुल्क का भुगतान करना होगा।
यह शुल्क खाते से निर्धारित सीमा से अधिक एटीएम ट्रांजेक्शन करने पर लागू होगा। इसके अलावा, नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन (जैसे बैलेंस चेक, मिनी स्टेटमेंट आदि) के लिए भी एक रुपए का अतिरिक्त शुल्क लागू किया जाएगा।
अब सैलरी पैकेज सेविंग अकाउंट होल्डर्स को हर महीने अनलिमिटेड फ्री ट्रांजेक्शन की सुविधा नहीं मिलेगी। अब केवल 10 फ्री ट्रांजेक्शन की सुविधा मिलेगी। 10 ट्रांजेक्शन के बाद प्रत्येक अतिरिक्त ट्रांजेक्शन पर 23 रुपए + जीएसटी शुल्क लगेगा। नॉन-वित्तीय लेनदेन के लिए यह शुल्क 11 रुपए + जीएसटी होगा।
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एसबीआई ने इन तरीकों से ग्राहकों को एसएमएस और ईमेल के जरिए ट्रांजेक्शन करने की सलाह दी है। ग्राहक इन सेवाओं का उपयोग करके किसी भी थर्ड पार्टी को पैसा भेज सकते हैं।
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1 दिसंबर से लागू होने वाले इन बदलावों का SBI के खाताधारकों पर बड़ा असर पड़ेगा। mCash सेवा बंद होने से, जो लोग मोबाइल नंबर या ईमेल से पैसे ट्रांसफर करते थे, उन्हें नए माध्यमों का इस्तेमाल करना होगा। इसके अलावा, एटीएम शुल्क बढ़ने से उन ग्राहकों को परेशानी हो सकती है, जो नियमित रूप से एटीएम से पैसे निकालते हैं।
SBI (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर इसकी जानकारी दी है। अब mCash सेवा ऑनलाइन SBI और YONO Lite पर उपलब्ध नहीं होगी। बैंक ने इसके बदले यूपीआई, IMPS, NEFT और RTGS जैसे विकल्पों का उपयोग करने की सलाह दी है।
क्या है SBI की mCash सेवा
mCash से बिना ग्राहक का पंजीकरण किए दूसरी बैंक के अकाउंट में पैसा ट्रांसफर कर सकते थे। यह ट्रांसफर मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी के जरिए किया जाता था। अब यह सेवा बंद हो जाएगी और ग्राहकों को इसके स्थान पर नए विकल्प अपनाने होंगे।
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अब ऐसे होगा पैसा ट्रांसफर
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ATM शुल्क में बदलाव
यह शुल्क खाते से निर्धारित सीमा से अधिक एटीएम ट्रांजेक्शन करने पर लागू होगा। इसके अलावा, नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन (जैसे बैलेंस चेक, मिनी स्टेटमेंट आदि) के लिए भी एक रुपए का अतिरिक्त शुल्क लागू किया जाएगा।
अब सैलरी पैकेज सेविंग अकाउंट होल्डर्स को हर महीने अनलिमिटेड फ्री ट्रांजेक्शन की सुविधा नहीं मिलेगी। अब केवल 10 फ्री ट्रांजेक्शन की सुविधा मिलेगी। 10 ट्रांजेक्शन के बाद प्रत्येक अतिरिक्त ट्रांजेक्शन पर 23 रुपए + जीएसटी शुल्क लगेगा। नॉन-वित्तीय लेनदेन के लिए यह शुल्क 11 रुपए + जीएसटी होगा।
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SBI ने ग्राहकों को दिए ये विकल्प...
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नए बदलाव से ग्राहकों पर असर
ग्राहक क्या करें...
- SBI mCash सेवा क्यों बंद हो रही है?
SBI ने अपनी mCash सेवा को बंद करने का फैसला लिया है क्योंकि बैंक अब यूपीआई, IMPS, NEFT और RTGS जैसे सुरक्षित और अधिक प्रभावी ट्रांजेक्शन विकल्पों को बढ़ावा देना चाहता है। ये सेवाएं mCash की तुलना में अधिक व्यापक और सुविधाजनक हैं। - SBI एटीएम ट्रांजेक्शन शुल्क में बदलाव कब से होगा?
SBI ने 1 दिसंबर से एटीएम ट्रांजेक्शन शुल्क में बदलाव करने का निर्णय लिया है। अब ग्राहकों को निर्धारित सीमा से अधिक ट्रांजेक्शन करने पर 2 रुपए अतिरिक्त शुल्क देना होगा। इसके अलावा, नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन पर 1 रुपए अधिक शुल्क लिया जाएगा।
- SBI mCash सेवा क्यों बंद हो रही है?
SBI ने अपनी mCash सेवा को बंद करने का फैसला लिया है क्योंकि बैंक अब यूपीआई, IMPS, NEFT और RTGS जैसे सुरक्षित और अधिक प्रभावी ट्रांजेक्शन विकल्पों को बढ़ावा देना चाहता है। ये सेवाएं mCash की तुलना में अधिक व्यापक और सुविधाजनक हैं। - SBI एटीएम ट्रांजेक्शन शुल्क में बदलाव कब से होगा?
SBI ने 1 दिसंबर से एटीएम ट्रांजेक्शन शुल्क में बदलाव करने का निर्णय लिया है। अब ग्राहकों को निर्धारित सीमा से अधिक ट्रांजेक्शन करने पर 2 रुपए अतिरिक्त शुल्क देना होगा। इसके अलावा, नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन पर 1 रुपए अधिक शुल्क लिया जाएगा।
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