चुनाव आयोग का ऐलान : बिहार में सफलता के बाद अब एमपी सहित देश के 12 राज्यों में होगा SIR
Jitendra Shrivastava | Oct 27, 2025, 17:09 IST
Photograph: (THESOOTR)
चुनाव आयोग ने बिहार के बाद देश के 12 राज्यों में एसआईआर (Special Intensive Revision) का ऐलान किया है। मतदाता सूची में सुधार, नए मतदाताओं का समावेश, और त्रुटियों को सुधारने के लिए यह अभियान चलेगा, खासकर 2026 विधानसभा चुनावों के लिए।
NEW DELHI. 12 राज्यों में होगा SIR:चुनाव आयोग ने बिहार में एसआईआर (Special Intensive Revision) के पहले चरण की सफलता के बाद अब 12 राज्यों में इसका दूसरा चरण शुरू करने का ऐलान किया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को सही और अप-टू-डेट बनाना बताया। इसमें नामों की जांच, पुराने मतदाताओं की पुष्टि और नए मतदाताओं को जोड़ने का कार्य होगा।
आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को बताया कि एसआईआर का यह चरण मंगलवार, 28 अक्टूबर से शुरू हो जाएगा। इसको लेकर 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची में सुधार किया जाएगा। इन 12 राज्यों की मतदाता सूची को मंगलवार रात 12 बजे से फ्रीज कर दिया जाएगा।
चुनाव आयोग ने एसआईआर (Special Intensive Revision) के दूसरे चरण की शुरुआत की तारीख का ऐलान कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को बताया कि एसआईआर का यह चरण मंगलवार से शुरू होगा। इसके तहत 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची में सुधार किया जाएगा। इन राज्यों की मतदाता सूची को आज रात 12 बजे से फ्रीज कर दिया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार के बदलाव को रोका जा सके।
मुख्य चुनाव आयुक्त के मुताबिक, एसआईआर के दूसरे चरण का मुद्रण और प्रशिक्षण कार्य 28 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025 तक चलेगा। इसके बाद, घर-घर गणना का चरण 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक चलेगा। ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन 9 दिसंबर 2025 को होगा। दावे और आपत्तियां 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक दाखिल की जा सकेंगी। इसके बाद नोटिस प्राप्त व्यक्तियों की सुनवाई और सत्यापन 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक होगा। अंततः अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
इस अभियान के दूसरे चरण में असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होगी। ये सभी राज्य 2026 में विधानसभा चुनाव कराएंगे। चुनाव आयोग ने यह सुनिश्चित किया है कि जहां स्थानीय निकाय चुनाव हो रहे हैं, वहां एसआईआर की प्रक्रिया फिलहाल नहीं होगी।
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एसआईआर ( स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) एक चुनावी प्रक्रिया है जिसमें मतदाता सूची की संपूर्ण समीक्षा की जाती है। इसमें विशेष रूप से पुराने नामों को हटाने, मृत मतदाताओं के नाम हटाने और नए मतदाताओं को जोड़ने का काम किया जाता है।
यह प्रक्रिया चुनावों से पहले आवश्यक होती है ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो और हर योग्य नागरिक को वोट डालने का अधिकार प्राप्त हो।
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एसआईआर का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना है, ताकि चुनावों में अधिकतम भागीदारी हो सके। इससे चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होगी।
इस प्रक्रिया में चुनाव आयोग (Election Commission) मतदाता सूची की जांच करता है और यह सुनिश्चित करता है कि इसमें कोई गलत जानकारी न हो। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में यह सुनिश्चित किया जाता है कि हर योग्य मतदाता को वोट डालने का अधिकार मिले।
एसआईआर की आवश्यकता इसलिए है क्योंकि समय के साथ वोटर लिस्ट में कई बदलाव हो जाते हैं। लोग पलायन करते हैं, मृत व्यक्तियों के नाम सूची में रहते हैं, और कई बार एक से ज्यादा जगह नाम दर्ज हो जाता है। इसलिए चुनाव आयोग इसे आवश्यक मानता है कि मतदाता सूची को नियमित रूप से अपडेट किया जाए।
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चुनाव आयोग ने एसआईआर के पहले चरण को बिहार (Bihar) में सफलतापूर्वक संपन्न किया। बिहार में लगभग 7.5 करोड़ वोटरों ने इसमें भाग लिया और 90,000 बीएलओ (Booth Level Officer) और राजनीतिक दलों ने मिलकर मतदाता सूची को शुद्ध किया। इस प्रक्रिया के बाद बिहार की मतदाता सूची अब पूरी तरह से सही और अपडेटेड है।
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चुनाव आयोग ने अब एसआईआर के दूसरे चरण का ऐलान किया है, जो देश के 12 राज्यों (12 states) और केंद्र शासित प्रदेशों में होगा। इस प्रक्रिया में नए मतदाताओं का समावेश, नामों की पुष्टि, और सूची में त्रुटियों का निवारण किया जाएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष होगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को सही और अप-टू-डेट बनाना बताया। इसमें नामों की जांच, पुराने मतदाताओं की पुष्टि और नए मतदाताओं को जोड़ने का कार्य होगा।
आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को बताया कि एसआईआर का यह चरण मंगलवार, 28 अक्टूबर से शुरू हो जाएगा। इसको लेकर 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची में सुधार किया जाएगा। इन 12 राज्यों की मतदाता सूची को मंगलवार रात 12 बजे से फ्रीज कर दिया जाएगा।
एसआईआर का दूसरा चरण
एसआईआर की समयसीमा
ये राज्य होंगे एसआईआर में
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ये होंगे 12 राज्य...
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अंडमान निकोबार
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छत्तीसगढ़
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गोवा
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गुजरात
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केरल
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लक्षद्वीप
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मध्य प्रदेश
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पुडुचेरी
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राजस्थान
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तमिलनाडु
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उत्तर प्रदेश
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पश्चिम बंगाल
एसआईआर (Special Intensive Revision) क्या है?
यह प्रक्रिया चुनावों से पहले आवश्यक होती है ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो और हर योग्य नागरिक को वोट डालने का अधिकार प्राप्त हो।
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एसआईआर का उद्देश्य
इस प्रक्रिया में चुनाव आयोग (Election Commission) मतदाता सूची की जांच करता है और यह सुनिश्चित करता है कि इसमें कोई गलत जानकारी न हो। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में यह सुनिश्चित किया जाता है कि हर योग्य मतदाता को वोट डालने का अधिकार मिले।
क्यों जरूरी है एसआईआर?
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एसआईआर के फेज-1 की सफलता
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एसआईआर के फेज-2 का आगाज
ऐसे की जाएगी एसआईआर की प्रोसेस...👉 बीएलओ का काम: प्रत्येक बीएलओ हर घर पर तीन बार जाएगा और मतदाताओं की जानकारी जुटाएगा। 👉 मतदाता सूची की शुद्धि: मृत व्यक्तियों और डुप्लिकेट नामों को सूची से हटाया जाएगा। 👉 नई जोड़ियां: नए मतदाताओं को सूची में शामिल किया जाएगा। 👉 समीक्षा और संशोधन: नामों की पुष्टि की जाएगी और आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। |
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