सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: सरकारी कैंपस में कुत्तों को खाना खिलाने के लिए नियम बनाए जाएंगे
Sandeep Kumar | Nov 03, 2025, 17:41 IST
rules-dogs-feeding
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों पर सुनवाई की। कोर्ट ने सरकारी बिल्डिंग्स में कुत्तों को खाना खिलाने के दिशा-निर्देश जारी करने का फैसला लिया। अब मामले की अगली सुनवाई 7 नवंबर को होगी।
NEW DELHI. सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने सरकारी कैम्पस में कुत्तों को खाना खिलाने के नियम बनाने का फैसला किया है। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि आदेश एक-दो दिन में अपलोड होगा। सभी राज्यों के मुख्य सचिव को कोर्ट में पेश होने से राहत दी गई है।
जस्टिस नाथ ने कहा कि दादर, नगर हवेली, दमन और दीव को छोड़कर सभी राज्यों ने हलफनामे दाखिल कर दिए हैं। अब मुख्य सचिवों की व्यक्तिगत पेशी की जरूरत नहीं होगी। हलफनामे में चूक होने पर उन्हें पेश होना पड़ेगा। मामले की अगली सुनवाई 7 नवंबर को होगी।
ये भी पढ़ें...आवारा कुत्तों ने कर दिया फेमस, आखिर क्यों बोले ऐसा सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ
31 अक्टूबर को कोर्ट ने मुख्य सचिवों को पेश होने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने पश्चिम बंगाल और तेलंगाना को छोड़कर सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को बुलाया था। वे कोर्ट के आदेश के बावजूद हलफनामा दाखिल नहीं कर पाए थे। यह हलफनामा पशु जन्म नियंत्रण नियमों के अनुपालन से संबंधित था।
जस्टिस नाथ ने कहा कि मुख्य सचिवों से हलफनामा मांगा, तो वे चुप रहते हैं। हमारे आदेश का कोई सम्मान नहीं है। उन्हें आने दीजिए, हम उनसे निपट लेंगे।
ये भी पढ़ें...राजस्थान में 58 हजार से ज्यादा कुत्ते पकड़े, 52 हजार की नसबंदी, सरकार का सुप्रीम कोर्ट में जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने 27 अक्टूबर को राज्यों के रुख पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने पश्चिम बंगाल और तेलंगाना को छोड़कर सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को तलब किया था। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने कहा कि सिर्फ पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और दिल्ली नगर निगम ने हलफनामा दिया है। कोर्ट ने कहा कि बाकी राज्यों ने एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) नियमों पर रिपोर्ट दाखिल नहीं की है।
ये भी पढ़ें...राजस्थान में आवारा कुत्तों को लेकर नए निर्देश : फीडिंग पॉइंट तय, नसबंदी और रेबीज टीकाकरण के निर्देश
जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा कि नेशनल लेवल पर पॉलिसी बननी चाहिए। हमने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पक्षकार बनाया है। बाकी हाईकोर्ट में लंबित मामले सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर किए जाएं। अगली सुनवाई आठ हफ्ते बाद अक्टूबर में होगी।
ये भी पढ़ें...सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला,वैक्सीनेशन के बाद छोडे़ जाएंगे आवारा कुत्ते, सार्वजनिक स्थानों पर खाना देने पर रोक
कुत्तों को
कुत्तों से जुड़े केस की सुनवाई 22 अगस्त को हुई थी। कोर्ट ने कहा कि पकड़े गए कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के बाद उन्हें वहीं छोड़ दिया जाए। रेबीज से संक्रमित और आक्रामक कुत्तों को शेल्टर होम में रखा जाए। सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त के आदेश को कठोर बताया। उस आदेश में कुत्तों को दिल्ली-NCR के आवासीय क्षेत्रों से हटाकर शेल्टर होम भेजने का निर्देश था।
जस्टिस नाथ ने कहा कि दादर, नगर हवेली, दमन और दीव को छोड़कर सभी राज्यों ने हलफनामे दाखिल कर दिए हैं। अब मुख्य सचिवों की व्यक्तिगत पेशी की जरूरत नहीं होगी। हलफनामे में चूक होने पर उन्हें पेश होना पड़ेगा। मामले की अगली सुनवाई 7 नवंबर को होगी।
ये भी पढ़ें...आवारा कुत्तों ने कर दिया फेमस, आखिर क्यों बोले ऐसा सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ
कोर्ट ने दिया था मुख्य सचिवों को पेश होने का निर्देश
जस्टिस नाथ ने कहा कि मुख्य सचिवों से हलफनामा मांगा, तो वे चुप रहते हैं। हमारे आदेश का कोई सम्मान नहीं है। उन्हें आने दीजिए, हम उनसे निपट लेंगे।
ये भी पढ़ें...राजस्थान में 58 हजार से ज्यादा कुत्ते पकड़े, 52 हजार की नसबंदी, सरकार का सुप्रीम कोर्ट में जवाब
कोर्ट ने मुख्य सचिवों पर जताई थी नाराजगी
ये भी पढ़ें...राजस्थान में आवारा कुत्तों को लेकर नए निर्देश : फीडिंग पॉइंट तय, नसबंदी और रेबीज टीकाकरण के निर्देश
हाईकोर्ट में लंबित मामले सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर किए जाएं
ये भी पढ़ें...सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला,वैक्सीनेशन के बाद छोडे़ जाएंगे आवारा कुत्ते, सार्वजनिक स्थानों पर खाना देने पर रोक
कुत्तों को नसबंदी के बाद छोड़ने का था आदेश
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari