OMG : वक्फ बोर्ड संशोधन के लिए इतने सुझाव कि पढ़ने में ही महीनों बीत जाएं
Sourabh Bhatnagar | Sept 20, 2024, 09:20 IST
झड़ी
वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक 2024 पर चल रही संयुक्त संसदीय समिति की प्रक्रिया ने आम जनता को जोरदार तरीके से आकर्षित किया है। 18 सितंबर 2024 तक समिति को 91 लाख 78 हजार 419 सुझावों के ई-मेल मिल चुके थे।
वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक 2024 (Waqf Board Amendment Bill, 2024) पर चल रही संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की प्रक्रिया ने आम जनता को जोरदार तरीके से आकर्षित किया है। 18 सितंबर 2024 तक समिति को 91 लाख 78 हजार 419 ई-मेल प्राप्त हो चुके थे, जिनमें से इनबॉक्स की क्षमता केवल 33 लाख 43 हजार 404 ई-मेल तक सीमित है। साथ ही, लगभग 30 लाख सुझाव पत्र भी लिखित रूप से भेजे गए हैं, जो विधेयक पर लोगों की गहरी दिलचस्पी को दर्शाते हैं।
समिति के चेयरमैन जगदंबिका पाल ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर इस भारी मात्रा में प्राप्त ई-मेल और पत्रों का अध्ययन करने के लिए अतिरिक्त अधिकारियों की मांग की है। समिति में पहले से ही 15 अधिकारी और कर्मचारी जेपीसी की रिपोर्ट तैयार करने में मदद कर रहे हैं, लेकिन बढ़ती संख्या के कारण अधिक संसाधनों की आवश्यकता महसूस हो रही है।
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बीजेपी सांसद
गुरुवार को हुई जेपीसी की बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बीजेपी की राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी और आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के बीच हुए विवाद ने बैठक में तनाव पैदा कर दिया। मेधा कुलकर्णी ने आरोप लगाया कि संजय सिंह ने उनके साथ अपमानजनक ढंग से बातचीत की, जिसके कारण वह भावुक हो गईं।
समिति के चेयरमैन जगदंबिका पाल के हस्तक्षेप के बाद लंच ब्रेक के दौरान संजय सिंह ने मेधा कुलकर्णी से माफी मांगी, लेकिन मेधा ने मांग की कि माफी सार्वजनिक रूप से बैठक में ही मांगी जाए। इस विवाद ने बैठक के माहौल को काफी गंभीर बना दिया।
बैठक के दौरान बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने इस मुद्दे पर फैल रही अफवाहों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बाहर ऐसी अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि अगर यह बिल संसद से पास हो गया तो सभी मस्जिदों को हटाया जाएगा और उनकी जमीनों पर कब्जा कर लिया जाएगा। उन्होंने इस तरह की अफवाहों को रोकने की अपील की ताकि समाज में असामंजस्य न फैले।
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वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक 2024 पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को जनता से भारी प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है, जिसमें 91 लाख से अधिक ई-मेल और 30 लाख लिखित सुझाव पत्र शामिल हैं। चेयरमैन जगदंबिका पाल ने इन सुझावों की समीक्षा के लिए अतिरिक्त अधिकारियों की मांग की है। बैठक में बीजेपी सांसद मेधा कुलकर्णी और AAP सांसद संजय सिंह के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद संजय सिंह ने माफ़ी मांगी।
समिति के चेयरमैन जगदंबिका पाल ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर इस भारी मात्रा में प्राप्त ई-मेल और पत्रों का अध्ययन करने के लिए अतिरिक्त अधिकारियों की मांग की है। समिति में पहले से ही 15 अधिकारी और कर्मचारी जेपीसी की रिपोर्ट तैयार करने में मदद कर रहे हैं, लेकिन बढ़ती संख्या के कारण अधिक संसाधनों की आवश्यकता महसूस हो रही है।
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बीजेपी सांसद मेधा कुलकर्णी v/s 'AAP' सांसद संजय सिंह
समिति के चेयरमैन जगदंबिका पाल के हस्तक्षेप के बाद लंच ब्रेक के दौरान संजय सिंह ने मेधा कुलकर्णी से माफी मांगी, लेकिन मेधा ने मांग की कि माफी सार्वजनिक रूप से बैठक में ही मांगी जाए। इस विवाद ने बैठक के माहौल को काफी गंभीर बना दिया।
बैठक के दौरान बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने इस मुद्दे पर फैल रही अफवाहों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बाहर ऐसी अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि अगर यह बिल संसद से पास हो गया तो सभी मस्जिदों को हटाया जाएगा और उनकी जमीनों पर कब्जा कर लिया जाएगा। उन्होंने इस तरह की अफवाहों को रोकने की अपील की ताकि समाज में असामंजस्य न फैले।
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वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक 2024
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