चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा को लगाएं मालपुआ का भोग, मां होंगी प्रशन्न
Kaushiki | Mar 21, 2026, 17:00 IST
chaitra-navratri-day
चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा होती है। वे ब्रह्मांड की रचयिता हैं। पीले वस्त्र पहनकर पूजन करने से रोगों से मुक्ति और सुख-समृद्धि मिलती है।
Fourth day of Navratri: चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन (22 मार्च 2026) देवी कूष्मांडा को समर्पित होता है। कूष्मांडा शब्द का अर्थ है ब्रह्मांड को उत्पन्न करने वाला छोटा गोला। पौराणिक कथाओं के मुताबिक, पहले केवल चारों ओर गहरा अंधकार व्याप्त था।
तब मां ने अपनी मंद मुस्कान से इस सृष्टि की रचना की। इसी कारण उन्हें ब्रह्मांड की आदिस्वरूपा और आदि शक्ति कहा जाता है। मां कूष्मांडा की पूजा से भक्तों के समस्त दुख और कष्ट मिट जाते हैं।
![WhatsApp Image 2024-10-05 at 16.29.40(1)]()
मां कूष्मांडा का स्वरूप अत्यंत तेजस्वी और कांतिमान दिखाई देता है। उन्हें अष्टभुजा देवी कहा जाता है क्योंकि उनकी आठ भुजाएं हैं। वे सिंहनी की सवारी करती हैं जो साहस का प्रतीक है। उनके हाथों में कमंडल, धनुष, बाण और कमल का फूल रहता है।
वे अमृत कलश, माला, चक्र और गदा भी धारण करती हैं। मां का निवास सूर्यमंडल के भीतर माना जाता है जिससे ऊर्जा मिलती है। देवी कूष्मांडा हमारे शरीर के अनाहत चक्र पर शासन करती हैं।
उनकी साधना से हृदय संबंधी रोगों में बहुत लाभ मिलता है। मां की शक्ति से ही सूर्य अपनी धुरी पर स्थित रहता है। वे समस्त प्राणियों में सकारात्मकता और दिव्य तेज का संचार करती हैं। जो भक्त निर्भय होना चाहते हैं उन्हें माँ का पूजन करना चाहिए। मां की कृपा से बुद्धि और रचनात्मक शक्ति में वृद्धि होती है।
![Maa Kushmanda 4]()
मां कूष्मांडा की
नवरात्रि के चौथे दिन पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ होता है। पीला रंग उत्साह, खुशी और नए ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और फिर पूजा का संकल्प लें।
पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध कर मां की प्रतिमा रखें। मां कूष्मांडा को कुम्हड़े या कद्दू की बलि बहुत प्रिय है। भोग में मालपुआ अर्पित करने से मां शीघ्र प्रसन्न हो जाती हैं।
![Maa Kushmanda 03]()
पूजा के दौरान "ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः" मंत्र का निरंतर जाप करें। मां को मीठा पान, लौंग और इलायची भी जरूर चढ़ाएं। इसके बाद दुर्गा चालीसा और सप्तशती का पाठ करना फलदायी होता है।
अंत में घी के दीपक से मां की आरती करें। अपनी गलतियों के लिए मां से क्षमा याचना जरूर मांगें। सच्चे मन से की गई प्रार्थना माँ कभी खाली नहीं जाने देतीं।
देवी की पूजा करने से आयु और यश में वृद्धि होती है। मां अपने भक्तों को उत्तम स्वास्थ्य का वरदान देती हैं। उनके तेज से भक्तों का मानसिक अंधकार पूरी तरह मिट जाता है।
जो लोग लंबे समय से बीमार हैं उन्हें राहत मिलती है। माँ कूष्मांडा संसार के हर कण में ऊर्जा का स्रोत हैं। उनकी भक्ति से आत्मविश्वास बढ़ता है और भय का नाश होता है। यह दिन नई शुरुआत और उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
![Maa Kushmanda 5]()
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
ये खबरें भी पढ़ें...
चैत्र नवरात्रि: इस नवरात्रि करें भारत के प्रमुख देवी मंदिरों के दर्शन और पाएं आशीर्वाद
चैत्र नवरात्रि: देवी के आशीर्वाद के लिए 9 दिनों में पहनें 9 रंग के कपड़े
क्यों इसी दिन से होती है हिंदू नववर्ष की शुरुआत, जानें इसका कारण
आज से शुरू हो रही चैत्र नवरात्रि, मां दुर्गा की पूजा में न करें ये गलतियां, वरना अधूरा रहेगा व्रत
तब मां ने अपनी मंद मुस्कान से इस सृष्टि की रचना की। इसी कारण उन्हें ब्रह्मांड की आदिस्वरूपा और आदि शक्ति कहा जाता है। मां कूष्मांडा की पूजा से भक्तों के समस्त दुख और कष्ट मिट जाते हैं।
WhatsApp Image 2024-10-05 at 16.29.40(1)
मां कूष्मांडा की पौराणिक कथा
वे अमृत कलश, माला, चक्र और गदा भी धारण करती हैं। मां का निवास सूर्यमंडल के भीतर माना जाता है जिससे ऊर्जा मिलती है। देवी कूष्मांडा हमारे शरीर के अनाहत चक्र पर शासन करती हैं।
उनकी साधना से हृदय संबंधी रोगों में बहुत लाभ मिलता है। मां की शक्ति से ही सूर्य अपनी धुरी पर स्थित रहता है। वे समस्त प्राणियों में सकारात्मकता और दिव्य तेज का संचार करती हैं। जो भक्त निर्भय होना चाहते हैं उन्हें माँ का पूजन करना चाहिए। मां की कृपा से बुद्धि और रचनात्मक शक्ति में वृद्धि होती है।
Maa Kushmanda 4
मां कूष्मांडा की पूजा विधि
पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध कर मां की प्रतिमा रखें। मां कूष्मांडा को कुम्हड़े या कद्दू की बलि बहुत प्रिय है। भोग में मालपुआ अर्पित करने से मां शीघ्र प्रसन्न हो जाती हैं।
Maa Kushmanda 03
मां कूष्मांडा के मंत्र
अंत में घी के दीपक से मां की आरती करें। अपनी गलतियों के लिए मां से क्षमा याचना जरूर मांगें। सच्चे मन से की गई प्रार्थना माँ कभी खाली नहीं जाने देतीं।
मां कूष्मांडा की आराधना
जो लोग लंबे समय से बीमार हैं उन्हें राहत मिलती है। माँ कूष्मांडा संसार के हर कण में ऊर्जा का स्रोत हैं। उनकी भक्ति से आत्मविश्वास बढ़ता है और भय का नाश होता है। यह दिन नई शुरुआत और उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
मां कूष्मांडा की आरती
Maa Kushmanda 5
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
ये खबरें भी पढ़ें...
चैत्र नवरात्रि: इस नवरात्रि करें भारत के प्रमुख देवी मंदिरों के दर्शन और पाएं आशीर्वाद
चैत्र नवरात्रि: देवी के आशीर्वाद के लिए 9 दिनों में पहनें 9 रंग के कपड़े
क्यों इसी दिन से होती है हिंदू नववर्ष की शुरुआत, जानें इसका कारण
आज से शुरू हो रही चैत्र नवरात्रि, मां दुर्गा की पूजा में न करें ये गलतियां, वरना अधूरा रहेगा व्रत
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman