विधानसभा में कांग्रेस लाएगी अविश्वास प्रस्ताव, नकटी पर भारी हंगामे के आसार
Arun Tiwari | Jul 13, 2026, 09:20 IST
छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र 2026
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ कांग्रेस ने बीजेपी को घेरने की रणनीति तैयार कर ली है। कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव लाएगी और नकटी पर स्थगन प्रस्ताव के जरिए सरकार से जवाब मांगेगी।
आज से छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। मानसून सत्र में कांग्रेस सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में यह फैसला लिया गया कि 14 जुलाई को विधानसभा में बीजेपी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा।
इसके साथ ही नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और उससे जुड़े घटनाक्रम को लेकर स्थगन प्रस्ताव भी लाया जाएगा। विपक्ष का कहना है कि राज्य सरकार कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर पूरी तरह विफल रही है और अब विधानसभा के भीतर उसे जवाब देना होगा।
मानसून सत्र से पहले हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक करीब दो घंटे तक चली, जिसमें विधानसभा के दौरान अपनाई जाने वाली रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में तय किया गया कि सरकार को कानून-व्यवस्था, किसानों, युवाओं, बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और आदिवासी हितों से जुड़े मुद्दों पर घेरा जाएगा।
पार्टी नेताओं का मानना है कि प्रदेश में कई गंभीर मामलों पर सरकार जवाब देने से बच रही है और विपक्ष इन सभी विषयों को सदन में मजबूती से उठाएगा।
बैठक में विशेष रूप से नकटी गांव की घटना पर चर्चा हुई। कांग्रेस का आरोप है कि प्रशासन की कार्रवाई से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है और सरकार ने संवेदनशील तरीके से मामले का समाधान करने के बजाय बल प्रयोग का रास्ता अपनाया।
इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव लाकर तत्काल चर्चा की मांग करेगी। पार्टी का कहना है कि सरकार को इस पूरे मामले में अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए।
विपक्ष का आरोप है कि बीजेपी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में विकास कार्यों की गति धीमी हुई है और आम जनता से जुड़े कई वादे अधूरे हैं। कांग्रेस का कहना है कि किसानों को उनकी उपज का उचित लाभ नहीं मिल रहा, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सीमित हैं और कई सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठ रहे हैं।
इन सभी मुद्दों को अविश्वास प्रस्ताव की बहस के दौरान प्रमुखता से उठाया जाएगा।
विधानसभा सत्र के लिए कांग्रेस ने व्यापक तैयारी की है। पार्टी की ओर से विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 1033 सवाल लगाए गए हैं, जिनके जरिए सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि केवल राजनीतिक आरोप लगाने के बजाय तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर सरकार की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा किया जाएगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा में कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव सरकार के लिए संख्या बल के लिहाज से कोई बड़ा खतरा नहीं है, लेकिन यह विपक्ष को सरकार के खिलाफ अपने आरोपों और मुद्दों को विस्तार से रखने का अवसर जरूर देगा। सदन में होने वाली बहस के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है।
बीजेपी सरकार के पास विधानसभा में स्पष्ट बहुमत है, इसलिए अविश्वास प्रस्ताव पारित होने की संभावना नहीं मानी जा रही है। इसके बावजूद कांग्रेस इस प्रस्ताव के जरिए सरकार की नीतियों, फैसलों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए राजनीतिक संदेश देने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में सदन की कार्यवाही के दौरान अविश्वास प्रस्ताव और नकटी मुद्दे पर होने वाली बहस पर सभी की नजरें रहेंगी।
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इसके साथ ही नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और उससे जुड़े घटनाक्रम को लेकर स्थगन प्रस्ताव भी लाया जाएगा। विपक्ष का कहना है कि राज्य सरकार कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर पूरी तरह विफल रही है और अब विधानसभा के भीतर उसे जवाब देना होगा।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक:
पार्टी नेताओं का मानना है कि प्रदेश में कई गंभीर मामलों पर सरकार जवाब देने से बच रही है और विपक्ष इन सभी विषयों को सदन में मजबूती से उठाएगा।
नकटी पर होगा हंगामा:
इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव लाकर तत्काल चर्चा की मांग करेगी। पार्टी का कहना है कि सरकार को इस पूरे मामले में अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए।
विकास में फेल सरकार:
इन सभी मुद्दों को अविश्वास प्रस्ताव की बहस के दौरान प्रमुखता से उठाया जाएगा।
एक हज़ार से ज्यादा सवाल:
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि केवल राजनीतिक आरोप लगाने के बजाय तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर सरकार की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा किया जाएगा।
अविश्वास से सरकार को खतरा नहीं:
बीजेपी सरकार के पास विधानसभा में स्पष्ट बहुमत है, इसलिए अविश्वास प्रस्ताव पारित होने की संभावना नहीं मानी जा रही है। इसके बावजूद कांग्रेस इस प्रस्ताव के जरिए सरकार की नीतियों, फैसलों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए राजनीतिक संदेश देने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में सदन की कार्यवाही के दौरान अविश्वास प्रस्ताव और नकटी मुद्दे पर होने वाली बहस पर सभी की नजरें रहेंगी।
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