सीएम के कुनबे में होगा बदलाव, संगठन में भी फेरबदल, बीजेपी कार्यसमिति की बैठक कल
Arun Tiwari | May 12, 2026, 15:05 IST
BJP Executive Committee Meeting Tomorrow
छत्तीसगढ़ BJP में बड़े बदलाव के संकेत नज़र आ रहे हैं। सत्ता और संगठन में फेरबदल की चर्चा तेज, 2028 की रणनीति पर मंथन हो रहा है। आज कोर कमेटी, कल बीजेपी कार्यसमिति की बैठक होगी।
RAIPUR : छत्तीसगढ़ बीजेपी में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा किसी चुनावी मुकाबले या विपक्षी रणनीति की नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर संभावित बड़े बदलावों की हो रही है। सत्ता और संगठन दोनों स्तरों पर फेरबदल की अटकलें तेज हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बीजेपी में नई राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति के साथ आगे बढ़ सकती है।मंगलवार बीजेपी कार्यसमिति की बैठक और बुधवार को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक है। इन बैठकों में अगले विधानसभा चुनाव को देखते हुए कुछ अहम बदलावों पर मंथन होगा।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद बीजेपी राष्ट्रीय स्तर पर संगठन और राज्यों की सत्ता संरचना में व्यापक बदलाव कर सकती है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ को भी महत्वपूर्ण राज्य माना जा रहा है। ऐसे माहौल में 12 और 13 मई को रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में होने वाली बैठकों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
12 मई को शाम 6 बजे कोर कमेटी की बैठक होगी, जबकि उसी दिन शाम 7:30 बजे प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की जाएगी। इसके बाद 13 मई को सुबह 10 बजे प्रदेश कार्यसमिति की बैठक होगी। इन बैठकों में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और संगठन महामंत्री पवन साय शामिल होंगे। औपचारिक रूप से इन बैठकों का एजेंडा संगठन समीक्षा, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा और कार्ययोजना तय करना बताया जा रहा है। हालांकि पार्टी के भीतर माना जा रहा है कि यह सिर्फ नियमित बैठक नहीं, बल्कि भविष्य के बड़े राजनीतिक फैसलों की भूमिका भी बन सकती है।
बीजेपी फिलहाल दो समानांतर परिस्थितियों से गुजर रही है। एक तरफ सरकार अपने कार्यकाल के ढाई साल पूरे होने की ओर बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर संगठन में कई पदाधिकारियों का कार्यकाल भी समाप्ति की ओर है।संगठन महामंत्री पवन साय और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल की भूमिका को लेकर भी पार्टी के भीतर चर्चाएं चल रही हैं। माना जा रहा है कि संगठन में नए चेहरों को मौका देने और कुछ नेताओं को राष्ट्रीय जिम्मेदारियां सौंपने की तैयारी में है।
सूत्रों के मुताबिक पार्टी नेतृत्व ने सत्ता और संगठन दोनों को लेकर फीडबैक और सर्वे कराया है। उसी के आधार पर भविष्य की रणनीति तैयार की जा रही है। यही वजह है कि अब चर्चाएं छोटे बदलावों से आगे बढ़कर बड़े फेरबदल तक पहुंच गई हैं। राजनीतिक हलकों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि राज्य के किसी उपमुख्यमंत्री को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।
इसमें डिप्टी सीएम विजय शर्मा का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है, जबकि कुछ चर्चाओं में अरुण साव का नाम भी सामने आ रहा है। बीजेपी ऐसे नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाना चाहती है जिन्होंने चुनावी प्रबंधन, आक्रामक राजनीति और संगठन विस्तार में प्रभावी भूमिका निभाई हो। बंगाल चुनाव में जिम्मेदारी निभाने वाले नेताओं के प्रदर्शन को भी इसी नजरिए से देखा जा रहा है।
यह भी माना जा रहा है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन अपनी नई टीम तैयार कर सकते हैं। चूंकि वे लंबे समय तक छत्तीसगढ़ के प्रभारी रहे हैं, इसलिए यहां के नेताओं की कार्यशैली से अच्छी तरह परिचित हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ के कुछ नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है। यदि डिप्टी सीएम स्तर पर बदलाव होता है तो बीजेपी किसी महिला चेहरे को आगे ला सकती है।
राजनीतिक चर्चाओं में लता उसेंडी और रेणुका सिंह के नाम सामने आ रहे हैं। इसके पीछे बीजेपी की सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति देखी जा रही है। पार्टी यदि किसी महिला आदिवासी या ओबीसी चेहरे को आगे करती है तो इससे महिला प्रतिनिधित्व के साथ-साथ आदिवासी वोट बैंक और सरगुजा-बस्तर क्षेत्र में भी मजबूत संदेश जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी अब सिर्फ सरकार चलाने पर नहीं, बल्कि 2028 विधानसभा चुनाव की सामाजिक और क्षेत्रीय रणनीति पर भी फोकस कर रही है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व को लेकर केंद्रीय नेतृत्व पूरी तरह संतुष्ट है। पार्टी आगामी चुनाव भी उनके नेतृत्व में लड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।
हालांकि मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि 2 से 4 मंत्रियों के विभाग या चेहरे बदले जा सकते हैं। इस बार पार्टी नए और युवा चेहरों को प्राथमिकता दे सकती है। जिन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है उनमें भावना बोहरा, पुरंदर मिश्रा, सुशांत शुक्ला और सरगुजा क्षेत्र की किसी आदिवासी महिला विधायक का नाम शामिल बताया जा रहा है।
बीजेपी अब चुनाव से ठीक पहले बदलाव करने के बजाय पहले से रणनीतिक तैयारी के मॉडल पर काम कर रही है। छत्तीसगढ़ में पार्टी सत्ता में आने के बाद अब दूसरे चरण की राजनीतिक तैयारी शुरू करती दिख रही है। 2028 विधानसभा चुनाव के लिए अभी से मजबूत टीम तैयार करना। सत्ता और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाना और छत्तीसगढ़ के नेताओं को राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका देना। इन अहम मुद्दों को लेकर तैयारी की जा रही है। पार्टी युवा, आक्रामक और सामाजिक संतुलन वाले नेतृत्व को आगे लाने की रणनीति पर काम कर रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 12-13 मई की बैठकों में किसी बड़े फैसले का औपचारिक ऐलान होने की संभावना कम है। बीजेपी आमतौर पर ऐसे निर्णय केंद्रीय नेतृत्व स्तर पर अंतिम रूप देने के बाद ही सार्वजनिक करती है। हालांकि बैठकों के दौरान इन बातों पर चर्चा ज़रूर होगी। फिलहाल इतना तय माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ बीजेपी अब सिर्फ नियमित संगठनात्मक गतिविधियों तक सीमित नहीं है। पार्टी ने अगले चुनावी चक्र की तैयारी शुरू कर दी है और आने वाले समय में सत्ता और संगठन दोनों स्तरों पर बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
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छत्तीसगढ़ में बदलाव की चर्चा:
दो दिन की बैठकें क्यों अहम:
सत्ता और संगठन में बदलाव की चर्चा:
सर्वे को लेकर चर्चा:
इसमें डिप्टी सीएम विजय शर्मा का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है, जबकि कुछ चर्चाओं में अरुण साव का नाम भी सामने आ रहा है। बीजेपी ऐसे नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाना चाहती है जिन्होंने चुनावी प्रबंधन, आक्रामक राजनीति और संगठन विस्तार में प्रभावी भूमिका निभाई हो। बंगाल चुनाव में जिम्मेदारी निभाने वाले नेताओं के प्रदर्शन को भी इसी नजरिए से देखा जा रहा है।
नितिन नबीन की टीम पर नज़र:
राजनीतिक चर्चाओं में लता उसेंडी और रेणुका सिंह के नाम सामने आ रहे हैं। इसके पीछे बीजेपी की सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति देखी जा रही है। पार्टी यदि किसी महिला आदिवासी या ओबीसी चेहरे को आगे करती है तो इससे महिला प्रतिनिधित्व के साथ-साथ आदिवासी वोट बैंक और सरगुजा-बस्तर क्षेत्र में भी मजबूत संदेश जाएगा।
2028 पर मंथन:
हालांकि मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि 2 से 4 मंत्रियों के विभाग या चेहरे बदले जा सकते हैं। इस बार पार्टी नए और युवा चेहरों को प्राथमिकता दे सकती है। जिन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है उनमें भावना बोहरा, पुरंदर मिश्रा, सुशांत शुक्ला और सरगुजा क्षेत्र की किसी आदिवासी महिला विधायक का नाम शामिल बताया जा रहा है।
भाजपा अभी से क्यों कर रही तैयारी:
क्या बैठक में होगा बड़ा ऐलान:
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