छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बिना मान्यता वाले स्कूलों में नए एडमिशन पर लगाई रोक...

Harrison Masih | Jul 11, 2025, 18:04 IST
Share
Chhattisgarh High Court Banned new admissions unrecognized schools the sootr
Chhattisgarh High Court Banned new admissions unrecognized schools the sootr

छत्तीसगढ़ में बिना मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश खंडपीठ ने स्पष्ट आदेश देते हुए कहा है कि राज्य में सभी गैर-मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में नए सत्र के लिए प्रवेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।

छत्तीसगढ़ में बिना मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने स्पष्ट आदेश देते हुए कहा है कि राज्य में सभी गैर-मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में नए सत्र के लिए प्रवेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।

साथ ही शिक्षा विभाग के सचिव को व्यक्तिगत शपथपत्र के साथ यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि आखिर गैर-मान्यता प्राप्त स्कूल अभी भी क्यों संचालित हो रहे हैं।

ये खबर भी पढ़ें... मंदिर की संपत्ति पर पुजारी का अधिकार नहीं: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सुनाया अहम फैसला

पूरा मामला क्या है?

इस पूरे मामले की जड़ निःशुल्क बाल शिक्षा के अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act) से जुड़ी है। इस अधिनियम के अनुसार, राज्य सरकार ने 7 जनवरी 2013 को एक विनियम लागू किया था जिसमें यह कहा गया कि कक्षा नर्सरी से केजी-2 तक की कक्षाएं संचालित करने वाले सभी निजी स्कूलों को भी मान्यता लेना अनिवार्य है।

इसके बावजूद राज्य में बड़ी संख्या में निजी स्कूल बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं और बच्चों का प्रवेश लिया जा रहा है, जिससे न केवल बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है बल्कि अभिभावकों को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।

ये खबर भी पढ़ें... CG हाईकोर्ट ने माना, डीजीपी को हवलदार के स्थानांतरण का अधिकार नहीं

हाईकोर्ट में क्या हुआ?

यह मामला विकास तिवारी की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया।शिक्षा विभाग के संचालक ने कोर्ट में हलफनामा देकर कहा कि नर्सरी से केजी-2 तक की कक्षाओं के लिए मान्यता जरूरी नहीं है।

वादी पक्ष के अधिवक्ताओं संदीप दुबे और मानस वाजपेयी ने इसका विरोध करते हुए कोर्ट को बताया कि 2013 के विनियम के अनुसार सभी निजी स्कूलों को मान्यता जरूरी है, चाहे वे केवल नर्सरी से केजी-2 तक की कक्षाएं ही क्यों न चला रहे हों।

राज्य में बिना मान्यता वाले स्कूलों की स्थिति

शिक्षा विभाग की ओर से कोर्ट में पेश आंकड़ों के अनुसार:
केवल नर्सरी से केजी-2 तक की कक्षाएं चलाने वाले स्कूल: 72
नर्सरी से प्राथमिक स्तर तक: 1391
नर्सरी से पूर्व-माध्यमिक स्तर तक: 3114
नर्सरी से उच्चतर माध्यमिक तक: 2618

कुल मिलाकर हजारों स्कूल बिना मान्यता के बच्चों को पढ़ा रहे हैं।

ये खबर भी पढ़ें... हाईकोर्ट का आदेश, MP सरकार पर 7 लाख का हर्जाना, नायब तहसीलदार को 30 दिन में दो नियुक्ती

हाईकोर्ट का आदेश क्या है?

*अगली सुनवाई (5 अगस्त) तक सभी गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों में नया प्रवेश रोकें। शिक्षा विभाग के सचिव व्यक्तिगत शपथपत्र देकर यह स्पष्ट करें कि नियमों के बावजूद बिना मान्यता वाले स्कूल क्यों चल रहे हैं। जिन छात्रों का पहले ही प्रवेश हो चुका है, उसे रद्द न किया जाए। *न्यायालय के रजिस्ट्री को आदेश दिया गया कि वे ऐसे मामलों में याचिकाएं स्वीकार न करें जिनमें प्रवेश निरस्त हुआ हो, ताकि बार-बार याचिका दायर कर भ्रम की स्थिति न बने। *राज्य भर के जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे ऐसे स्कूलों की पहचान कर कार्रवाई करें। केवल मान्यता प्राप्त स्कूल ही प्रवेश प्रक्रिया जारी रख सकते हैं।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक में लिए गए बड़े फैसले: युवाओं,कारोबारियों और वंचित वर्गों को मिलेगा लाभ

महंगी किताबें भी बनी चिंता का विषय

याचिकाकर्ता सी.वी. भगवंत राव के वकील देवर्षि ठाकुर ने कोर्ट को अवगत कराया कि प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने पहले एकलपीठ से राहत ली थी, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन महंगी निजी प्रकाशन की किताबें खरीदने का दबाव अभिभावकों पर बना रहे हैं। इससे आर्थिक नुकसान हो रहा है।

कोर्ट ने इस पहलू को भी गंभीरता से लेते हुए कहा कि इस याचिका को भी RTE एक्ट की जनहित याचिका के साथ जोड़कर देखा जाएगा और अगली सुनवाई 5 अगस्त को की जाएगी।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि बिना मान्यता के स्कूलों को बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। यह फैसला बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता, संस्थानों की पारदर्शिता और अभिभावकों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक सशक्त कदम माना जा रहा है।

स्कूलों में नए एडमिशन पर रोक | छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला | High Court decision on schools | CG High Court | CG News | CG education news

thesootr links

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃 🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧

Tags:
  • CG News
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
  • CG High Court
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला
  • स्कूलों में नए एडमिशन पर रोक
  • High Court decision on schools
  • CG education news
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई