सुप्रीम कोर्ट ने कवासी लखमा को दी जमानत, शराब घोटाले में जेल में बंद हैं पूर्व मंत्री
Harrison Masih | Feb 03, 2026, 16:06 IST
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छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री और विधायक कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था।
NEWS IN SHORT
- छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में पूर्व मंत्री कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से जमानत
- ED ने कवासी लखमा को 15 जनवरी 2025 को किया था गिरफ्तार
- गिरफ्तारी के बाद रिमांड और न्यायिक हिरासत में रहे लखमा
- ED ने लखमा पर शराब सिंडिकेट का अहम हिस्सा होने का आरोप लगाया
- घोटाले से 2,100 करोड़ से अधिक की अवैध कमाई का दावा
NEWS IN DETAIL
सुप्रीम कोर्ट से कवासी लखमा को राहत
मंगलवार को हुई सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने उन्हें जमानत देने का आदेश दिया। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कवासी लखमा को 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी के बाद उनसे 7 दिनों तक रिमांड पर पूछताछ की गई। इसके बाद 21 जनवरी से 4 फरवरी तक उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
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रायपुर सेंट्रल जेल में थे बंद
स्वास्थ्य को लेकर उठे सवालों के बाद कवासी लखमा को रायपुर के अंबेडकर अस्पताल लाया गया, जहां उनकी आंखों की जांच की गई।
इलाज के बाद उन्हें दोबारा सेंट्रल जेल भेज दिया गया था। सुरक्षा को देखते हुए उनके साथ पुलिस बल की तैनाती भी की गई थी।
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ED के गंभीर आरोप
आरोप है कि उन्होंने शराब नीति में बदलाव और FL-10 लाइसेंस की शुरुआत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ED के वकील ने कोर्ट में बताया कि लखमा को हर महीने करीब 2 करोड़ रुपए कमीशन मिलता था। तीन साल में उन्हें लगभग 72 करोड़ रुपए मिले, जिनका उपयोग बेटे के घर और सुकमा में कांग्रेस भवन के निर्माण में किया गया।
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Sootr Knowledge
- शराब घोटाला छत्तीसगढ़ का अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक घोटाला माना जा रहा है
- ED इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच कर रही है
- FL-10 लाइसेंस निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने का जरिया बने
- घोटाले में नेता, अफसर और कारोबारी शामिल होने का आरोप
- मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर संवेदनशील
IMP FACTS
- गिरफ्तारी: 15 जनवरी 2025
- जेल: रायपुर सेंट्रल जेल
- आरोपित अवैध कमाई: 72 करोड़ रुपए
- कुल घोटाला: 2100 करोड़ रुपए से अधिक
- जांच एजेंसी: प्रवर्तन निदेशालय (ED)
आगे क्या
- जमानत की शर्तों के साथ लखमा जेल से बाहर आ सकते हैं
- ED की जांच और चार्जशीट प्रक्रिया जारी रहेगी
- राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना
निष्कर्ष
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