छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: सुप्रीम कोर्ट से अनवर ढेबर को नहीं मिली राहत,जमानत याचिका खारिज
Harrison Masih | Jul 14, 2025, 18:18 IST
Chhattisgarh liquor scam Supreme Court rejected Anwar Dhebar bail plea the sootr
Chhattisgarh Liquor Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में मुख्य आरोपी अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सोमवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने अनवर ढेबर की जमानत याचिका खारिज कर दी।
Chhattisgarh Liquor Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में मुख्य आरोपी अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सोमवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने अनवर ढेबर की जमानत याचिका खारिज कर दी। यह फैसला प्रवर्तन निदेशालय (ED) की लगातार कार्रवाई और गंभीर आरोपों के बाद आया है।
इससे पहले इस घोटाले में लिप्त पाए गए 22 आबकारी अधिकारियों को राज्य सरकार द्वारा निलंबित किया जा चुका है। जांच एजेंसियों का दावा है कि इन अधिकारियों ने 88 करोड़ रूपए की अवैध कमाई की थी।
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इस घोटाले की शुरुआत उस वक्त हुई जब आयकर विभाग ने 11 मई 2022 को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में एक याचिका दायर की। इसमें छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार, रिश्वत और अवैध वसूली के संगठित रैकेट का खुलासा किया गया।
इस याचिका में नाम थे पूर्व IAS अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा, त्कालीन उपसचिव सौम्या चौरसिया (CM सचिवालय), रायपुर के पूर्व महापौर एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर, जिसे इस घोटाले का किंगपिन बताया गया।
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18 नवंबर 2022 को ED ने इस मामले में PMLA के तहत मामला दर्ज किया। चार्जशीट में 2161 करोड़ रुपये के घोटाले का जिक्र किया गया, जो CSMCL (छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के जरिए शराब बिक्री और कमीशनबाजी के माध्यम से हुआ।
ED के मुताबिक 2017 में आबकारी नीति बदली गई। 2019 में अनवर ढेबर ने अरुणपति त्रिपाठी को CSMCL का MD बनवाया। इसके बाद नेताओं, अधिकारियों और व्यापारियों का सिंडिकेट बना, जिसने शराब सप्लाई, वितरण, डिस्टलरी चयन, ठेका आवंटन जैसे कार्यों में भारी भ्रष्टाचार किया।
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13 मार्च 2025 को ED ने 3,841 पन्नों की चार्जशीट स्पेशल कोर्ट में पेश की। चार्जशीट में 22 आरोपियों के नाम हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
कवासी लखमा (पूर्व आबकारी मंत्री)
अनवर ढेबर (मुख्य सरगना)
अनिल टुटेजा
त्रिलोक सिंह ढिल्लन
छत्तीसगढ़ डिस्टलर, वेलकम डिस्टलर, टॉप सिक्योरिटी, ओम सांई ब्रेवरेज, दिशिता वेंचर, नेस्ट जेन पावर, भाटिया वाइन मर्चेंट, सिद्धार्थ सिंघानिया आदि।
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शराब घोटाले का मास्टरमाइंड अनवर ढेबर सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए पहुंचा, लेकिन कोर्ट ने गंभीर आर्थिक अपराध मानते हुए याचिका खारिज कर दी।
ED की जांच अब भी जारी है। और गिरफ्तारियां संभव हैं। शराब घोटाले को लेकर सरकार, विपक्ष और अफसरों के बीच बड़ी सियासी हलचल देखी जा रही है।
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इससे पहले इस घोटाले में लिप्त पाए गए 22 आबकारी अधिकारियों को राज्य सरकार द्वारा निलंबित किया जा चुका है। जांच एजेंसियों का दावा है कि इन अधिकारियों ने 88 करोड़ रूपए की अवैध कमाई की थी।
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क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला?
इस याचिका में नाम थे पूर्व IAS अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा, त्कालीन उपसचिव सौम्या चौरसिया (CM सचिवालय), रायपुर के पूर्व महापौर एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर, जिसे इस घोटाले का किंगपिन बताया गया।
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ED की जांच और चार्जशीट
ED के मुताबिक 2017 में आबकारी नीति बदली गई। 2019 में अनवर ढेबर ने अरुणपति त्रिपाठी को CSMCL का MD बनवाया। इसके बाद नेताओं, अधिकारियों और व्यापारियों का सिंडिकेट बना, जिसने शराब सप्लाई, वितरण, डिस्टलरी चयन, ठेका आवंटन जैसे कार्यों में भारी भ्रष्टाचार किया।
5 पॉइंट्स में समझें पूरा मामला1️⃣ अनवर ढेबर की जमानत याचिका खारिज2161 करोड़ के शराब घोटाले में मुख्य आरोपी अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली, कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। 2️⃣ 22 आबकारी अधिकारी निलंबित घोटाले में शामिल पाए गए 22 आबकारी अफसरों को सरकार ने हाल ही में निलंबित किया, जिन पर 88 करोड़ की अवैध कमाई का आरोप है। 3️⃣ ED ने किया था 2161 करोड़ के घोटाले का खुलासा ED ने जांच में बताया कि शराब सिंडिकेट ने CSMCL के जरिए अवैध वसूली और कमीशनखोरी से 2161 करोड़ रुपये का घोटाला किया। 4️⃣ सिंडिकेट में कई रसूखदार शामिल ED की चार्जशीट में अनवर ढेबर, पूर्व IAS अनिल टुटेजा, सौम्या चौरसिया, कवासी लखमा और कई कंपनियों के नाम आरोपी के रूप में दर्ज हैं। 5️⃣ ED ने दाखिल की थी 3841 पेज की चार्जशीट 13 मार्च 2025 को दाखिल चार्जशीट में 22 लोगों को आरोपी बनाया गया, मामले की जांच अभी भी जारी है। |
चार्जशीट और आरोपी
कवासी लखमा (पूर्व आबकारी मंत्री)
अनवर ढेबर (मुख्य सरगना)
अनिल टुटेजा
त्रिलोक सिंह ढिल्लन
छत्तीसगढ़ डिस्टलर, वेलकम डिस्टलर, टॉप सिक्योरिटी, ओम सांई ब्रेवरेज, दिशिता वेंचर, नेस्ट जेन पावर, भाटिया वाइन मर्चेंट, सिद्धार्थ सिंघानिया आदि।
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22 अधिकारियों पर कार्रवाई सरकार ने हाल ही में 22 आबकारी अफसरों को निलंबित किया, जिन पर आरोप है कि वे इस सिंडिकेट का हिस्सा बनकर 88 करोड़ की अवैध कमाई कर चुके थे। शराब घोटाले के मामले में और भी नाम सामने आ सकते हैं। ED लगतार इस मामले में छानबीन कर रही है।
अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से झटका
आगे की कार्रवाई
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