सतनामी धुरी पर घूमती है छत्तीसगढ़ की सियासत , जिसका दिया साथ उसी को मिला ताज

Vikram Jain | Jun 10, 2024, 21:48 IST
Share
Chhattisgarh Raipur Satnami Society Politics Baldas Maharaj
Chhattisgarh Raipur Satnami Society Politics Baldas Maharaj

छत्तीसगढ़ में जैतखाम की घटना के बाद सतनामी समाज में खासा आक्रोश है। इस समाज का सियासत में अहम रोल है। सूबे की राजनीति की धुरी 40 लाख की आबादी वाले सतनामी समाज के इर्द गिर्द ही घूमती है। राजनीति ही नहीं सतनामी समाज समाजिक तानेबाने पर भी असर डालता है।

अरुण तिवारी@RAIPUR. छत्तीसगढ़ की सियासत में सतनामी समाज की बड़ी अहम भूमिका है। कहा तो यहां तक जाता है कि छत्तीसगढ़ की राजनीति की धुरी सतनामी समाज के इर्द गिर्द ही घूमती है। अकेले राजनीति ही नहीं सतनामी समाज, समाजिक तानेबाने पर भी असर डालता है। सतनामी समाज ने जिसका साथ दिया उसको ताज मिलना तय है। इस समाज का प्रभाव छत्तीसगढ़ की तीस से ज्यादा विधानसभा सीटों और पांच लोकसभा सीटों पर है।

आबादी के हिसाब से देखें तो ओबीसी के बाद सबसे ज्यादा सतनामी समाज के लोग ही हैं। यही कारण है कि सतनामी समाज की अनदेखी कर कोई भी पार्टी सियासत में कामयाब नहीं हो सकती। जैतखाम की घटना के बाद एक बार फिर इस समाज के असर की चर्चा होने लगी है। सतनामी समाज उग्र समाज माना जाता है।

छत्तीसगढ़ में सतनामी समाज का असर


छत्तीसगढ़ में सतनामी समाज की आबादी करीब 40 लाख है। सतनामी समाज में खासतौर पर अनुसूचित जाति के लोगों को माना जाता है। राजनीतिक तौर पर देखें तो प्रदेश की 90 विधानसभा सीटों में से 10 सीटें तो सीधे तौर पर एससी के लिए आरक्षित हैं। लेकिन यह समाज इन 10 सीटों के अलावा अन्य 20 से 25 विधानसभा सीटों पर असर डालता है। यानी इन सीटों की जीत हार इसी समाज के लोग तय करते हैं। बीजेपी हो या कांग्रेस कोई भी राजनीतिक दल इनकी अनदेखी नहीं कर सकता।

पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी इसी सतनामी समाज से आते थे और इसी समाज की राजनीति करते रहे हैं। सतनामी समाज के नेता के नाते ही अजीत जोगी की राजनीति में धमक बरकरार रही। कांग्रेस की भूपेश सरकार में सतनामी समाज के गुरु रुद्रकुमार और इसी समाज के नेता शिवकुमार डेहरिया मंत्री रहे हैं। शिवकुमार डेहरिया को लोकसभा चुनाव में भी टिकट मिली थी हालांकि वे चुनाव हार गए। वहीं बीजेपी की कमलेश जांगड़े भी इसी समाज से आती हैं, वे इस बार सांसद निर्वाचित हुई हैं।

छत्तीसगढ़ की सत्ता और बालदास महाराज


साल 2018 में सतनामी समाज के धर्मगुरु बालदास महाराज कांग्रेस के साथ आए। इसका असर यह हुआ कि कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में बड़ी कामयाबी हासिल हुई। कांग्रेस ने एससी के लिए आरक्षित 10 सीटों में से ज्यादातर सीटें जीत लीं। लेकिन जब बालदास महाराज कांग्रेस से अलग होकर बीजेपी में शामिल हुए तो सियासत ही बदल गई। साल 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले बालदास महाराज ने बीजेपी का रुख किया। उन्होंने अपने बेटे के लिए भी टिकट मांगा। बेटे की भी जीत हुई और प्रदेश में 54 सीटों के साथ बीजेपी की सरकार बन गई। एससी की अधिकांश सीटें बीजेपी के पाले में चली गईं।

ये खबर भी पढ़ें...जानिए क्या होता है जैतखाम , जिसके लिए Satnami Samaj ने कलेक्टोरेट - एसपी ऑफिस में आग लगा दी

ये खबर भी पढ़ें... जैतखाम केस : सतनामी समाज भड़का , कलेक्टोरेट में तोड़फोड़ , SP ऑफिस में लगाई आग, देखें वीडियो

बालदास कभी बीजेपी तो कभी कांग्रेस के साथ


साल 2013 के चुनाव में बालदास महाराज ने बीजेपी से राज्यसभा टिकट की मांग की थी। राजनीति के जानकारों की मानें तो साल 2013 के विधानसभा चुनाव में बालदास को कांग्रेस के विरुद्ध प्रचार प्रसार के लिए हेलीकॉप्टर भी दिया गया था, जिसका फायदा बीजेपी को हुआ। सतनामी समाज की वर्चस्व वाली 11 सीटों में से 9 सीटों पर जीत हासिल की, लेकिन साल 2018 के चुनाव से ठीक पहले गुरु बालदास का समर्थन कांग्रेस को मिला। कांग्रेस की ऐतिहासिक जीत में गुरु बालदास ने समाज के समर्थन को बड़ी वजह बताया था। हालांकि उस दौरान वर्तमान कांग्रेस के मंत्री गुरु रुद्र कुमार ने भी कांग्रेस के लिए सतनामी समाज का बड़ा समर्थन जुटाया था।

ये खबर भी पढ़ें... गर्मी की छुट्टियों के बीच बढ़ी रेल यात्रियों की मुश्किलें , अब इस ट्रेन को 21 जून तक किया कैंसिल

बीजेपी-कांग्रेस के एससी चेहरे


पूरे छत्तीसगढ़ में एससी की 10 आरक्षित सीटों के अलावा भी 90 में से 20 सीटें ऐसी हैं जहां सतनामी समाज प्रभाव डालता है। इनमें से अधिकतर सीटें मैदानी इलाकों की हैं, जिनमें बलौदाबाजार, कसडोल, दुर्ग, राजनांदगांव, धमतरी, राजिम, आरंग, धरसीवां, महासमुंद, बागबाहरा, बेमेतरा, बालोद जैसे क्षेत्र शामिल हैं। प्रदेश में सतनामी समाज की कुल जनसंख्या लगभग 40 लाख बताई जाती हैं। ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस के पास एससी सीटों पर राजनीतिक चेहरे लगभग बराबर हैं।



ये खबर भी पढ़ें... अरुणाचल प्रदेश से पहले डीजीपी बने रॉबिन हिबू , 'सुपर कॉप' के संघर्ष और सफलता की कहानी जानकर दंग रह जाएंगे आप

जैतखाम की घटना, छत्तीसगढ़ सतनामी समाज, सतनामी समाज और राजनीति, धर्मगुरु बालदास महाराज, छत्तीसगढ़ न्यूज



Tags:
  • छत्तीसगढ़ न्यूज
  • छत्तीसगढ़ सतनामी समाज
  • जैतखाम की घटना
  • सतनामी समाज और राजनीति
  • धर्मगुरु बालदास महाराज
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा