सजा के बजाय तरक्की की सीढ़ी चढ़ रहे IFS श्रीनिवास राव, जानें पूरा मामला
Vikram Jain | May 03, 2024, 17:35 IST
IFS Shri Niwas Rao
छत्तीसगढ़ में कैम्पा फंड में गड़बड़ी के मामले में जिम्मेदार IFA श्री निवास राव पर सरकार मेहरबान बनी हुई है। उन्हे सजा के बजाय तरक्की मिल रही है। गंभीर मामले में घिरे ये अधिकारी अब PCCF और वन बल प्रमुख बन गए हैं।
शिव शंकर सारथी, RAIPUR. वनीकरण के लिए आए रुपयों से लग्जरी कारें खरीदकर छत्तीसगढ़ के आईएफएस बिरादरी ने देश में प्रदेश का नाम कुख्यात किया है। कैम्पा फंड (Campa Fund) में बड़ा बंदरबाट आईएफएस श्री निवास राव ने किया। मामले में जांच भी हुई, जिसमें श्री निवास राव को जिम्मेदार भी माना गया। लेकिन, सजा के बजाय आईएफएस श्री निवास राव (IFS Shri Niwas Rao) लगातार तरक्की की सीढ़ियां चढ़ रहे हैं। अब राव साहब 7 आईएफएस को पछाड़कर IFS श्री निवास राव PCCF और वन बल प्रमुख बन गए हैं।
PCCF श्री निवास राव, वन बल प्रमुख हैं। राव साहब पर हैदराबाद में 25 करोड़ का आलिशान बंगला बनवाने का भी आरोप है। आईएफएस श्री निवास राव पर बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दलों के मुख्यमंत्री मेहरबान रहे। डॉक्टर रमन सिंह के कार्यकाल में कैम्पा मद के रुपयों से लगभग 35 स्कॉर्पियो खरीदी गई थी। मीडिया में मामला सामने आया और जांच की घोषणा हुई, लेकिन आईएएस श्री निवास राव का भी बाल भी बांका नहीं हुआ। आईएफएस श्री निवास राव DFO रहते आरा मिल घोटाला (saw mill scam) में भी आरोपी रहे हैं। भले ही जांच में उन्हें क्लीन चिट दे दी गई।
अधिकारियों पर सरकार की मेहरबान बनी हुई है। घोटाले के आरोप में घिरे अधिकारियों पर कार्रवाई को लेकर लोक आयोक की अनुसंशा को सरकार नहीं सुनती। आईएएस भानु प्रताप सिंह 30 अप्रैल 2024 को रिटायर हो गए हैं। इनके खिलाफ लोक आयोग में करप्शन की शिकायत थी। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट (Chhattisgarh High Court) में चीफ जस्टिस रहे एलसी भादू ने बतौर लोकायुक्त लिखा था कि इसे सेवा से बर्खास्त किया जाना चाहिए। इस कमाल की टिप के बाद भी आईएफएस भानु प्रताप सिंह को बर्खास्त करना तो दूर उन्हें मामूली सजा तक नहीं दी गई।
अशोक कुमार पटेल वर्तमान में सुकमा जिले में DFO हैं। बीजापुर जिले में DFO रहते अशोक कुमार पटेल ने सड़क निर्माण में डेढ़ करोड़ का घोटाला किया। RTI से मिले दस्तावेजों के मुताबिक जांच हुई है। अशोक कुमार पटेल पर घोटाला करने का आरोप सिद्ध भी हुआ है। लेकिन, सजा के नाम पर कुछ भी नहीं हुआ।
कैम्पा फंड से खरीद ली 35 स्कॉर्पियो
PCCF श्री निवास राव, वन बल प्रमुख हैं। राव साहब पर हैदराबाद में 25 करोड़ का आलिशान बंगला बनवाने का भी आरोप है। आईएफएस श्री निवास राव पर बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दलों के मुख्यमंत्री मेहरबान रहे। डॉक्टर रमन सिंह के कार्यकाल में कैम्पा मद के रुपयों से लगभग 35 स्कॉर्पियो खरीदी गई थी। मीडिया में मामला सामने आया और जांच की घोषणा हुई, लेकिन आईएएस श्री निवास राव का भी बाल भी बांका नहीं हुआ। आईएफएस श्री निवास राव DFO रहते आरा मिल घोटाला (saw mill scam) में भी आरोपी रहे हैं। भले ही जांच में उन्हें क्लीन चिट दे दी गई।
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लोक आयोग की अनुसंशा भी नहीं सुनती सरकार
अधिकारियों पर सरकार की मेहरबान बनी हुई है। घोटाले के आरोप में घिरे अधिकारियों पर कार्रवाई को लेकर लोक आयोक की अनुसंशा को सरकार नहीं सुनती। आईएएस भानु प्रताप सिंह 30 अप्रैल 2024 को रिटायर हो गए हैं। इनके खिलाफ लोक आयोग में करप्शन की शिकायत थी। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट (Chhattisgarh High Court) में चीफ जस्टिस रहे एलसी भादू ने बतौर लोकायुक्त लिखा था कि इसे सेवा से बर्खास्त किया जाना चाहिए। इस कमाल की टिप के बाद भी आईएफएस भानु प्रताप सिंह को बर्खास्त करना तो दूर उन्हें मामूली सजा तक नहीं दी गई।
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कहानी एक और आईएफएस की
अशोक कुमार पटेल वर्तमान में सुकमा जिले में DFO हैं। बीजापुर जिले में DFO रहते अशोक कुमार पटेल ने सड़क निर्माण में डेढ़ करोड़ का घोटाला किया। RTI से मिले दस्तावेजों के मुताबिक जांच हुई है। अशोक कुमार पटेल पर घोटाला करने का आरोप सिद्ध भी हुआ है। लेकिन, सजा के नाम पर कुछ भी नहीं हुआ।
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