सीपीआई (माओवादी) समेत 6 फ्रंट संगठनों पर एक साल के लिए बढ़ी पाबंदी, आदिवासी महिलाओं पर करते हैं फोकस

Arun Tiwari | Apr 20, 2026, 10:22 IST
Share
naxal-ban-extension-cpi-maoist-front-organizations-2026
naxal-ban-extension-cpi-maoist-front-organizations-2026

सरकार ने सीपीआई (माओवादी) और उससे जुड़े छह फ्रंट संगठनों पर लगे प्रतिबंध को एक साल के लिए और बढ़ा दिया है। यह प्रतिबंध छत्तीसगढ़ विशेष जन सुरक्षा अधिनियम, 2005 के तहत लागू किया गया है और 12 अप्रैल 2026 से प्रभावी रहेगा।

Raipur. छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सल गतिविधियों पर सख्ती जारी रखते हुए एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। राज्य में सक्रिय कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) और उससे जुड़े छह अग्र (फ्रंट) संगठनों पर लगे प्रतिबंध को एक वर्ष के लिए और बढ़ा दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम प्रदेश में सार्वजनिक व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए जरूरी है।

जारी हुई अधिसूचना:

जारी अधिसूचना के अनुसार यह प्रतिबंध 12 अप्रैल 2026 से प्रभावी होकर अगले एक साल तक लागू रहेगा। राज्य शासन ने यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ विशेष जन सुरक्षा अधिनियम, 2005 की धारा 3(1) के तहत मिली शक्तियों का उपयोग करते हुए की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन संगठनों की गतिविधियां राज्य की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज में बाधा उत्पन्न कर रही हैं।

महिला और ग्रामीण नेटवर्क के जरिए विस्तार:

सरकारी आकलन के मुताबिक माओवादी संगठन अपने फ्रंट संगठनों के माध्यम से समाज के अलग-अलग वर्गों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। विशेष रूप से ‘क्रांतिकारी आदिवासी महिला संघ’ को महिला कैडर तैयार करने और विचारधारा के प्रसार में सक्रिय बताया गया है। यह संगठन आदिवासी महिलाओं को संगठित कर उन्हें माओवादी गतिविधियों से जोड़ने का काम करता है।

ग्रामीण इलाकों में सक्रियता:

बताया गया है कि यह समूह न केवल दूर-दराज के आदिवासी इलाकों में सक्रिय है, बल्कि शहरी क्षेत्रों में भी अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ी है, क्योंकि यह गतिविधियां राज्य की स्थापित संस्थाओं और प्रशासनिक तंत्र के लिए चुनौती बन रही हैं।

जनताना सरकार समानांतर व्यवस्था पर भी रोक:

सरकार ने ‘आरपीसी’ यानी रिवोल्यूशनरी पीपल्स काउंसिल, जिसे आमतौर पर ‘जनताना सरकार’ कहा जाता है, को भी प्रतिबंधित संगठनों में शामिल किया है। इसे माओवादियों की समानांतर शासन व्यवस्था के रूप में देखा जाता है। आरोप है कि यह संगठन माओवादी प्रभाव वाले क्षेत्रों में अपनी अलग ‘अदालत’, ‘कर वसूली’ और प्रशासनिक ढांचा संचालित करने की कोशिश करता है।

सरकार के अनुसार इस तरह की गतिविधियां न केवल राज्य की संप्रभुता को चुनौती देती हैं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और विकास कार्यों में भी बाधा डालती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी सक्रियता अधिक पाई गई है, जहां यह स्थानीय संसाधनों पर नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास करता है।

इन संगठनों पर रहेगा प्रतिबंध:

छत्तीसगढ़ विशेष जन सुरक्षा अधिनियम के तहत जिन संगठनों को विधि विरुद्ध घोषित किया गया है, उनमें मुख्य रूप से सीपीआई (CPI Maoist) के साथ दण्डकारण्य आदिवासी किसान मजदूर संघ, क्रांतिकारी आदिवासी महिला संघ, क्रांतिकारी आदिवासी बालक संघ, क्रांतिकारी किसान कमेटी, महिला मुक्ति मंच और आरपीसी (जनताना सरकार) शामिल हैं।

प्रतिबंध बढ़ाने के पीछे कारण:

सरकार का कहना है कि इन संगठनों के सदस्य न केवल राज्य के अंदरूनी और संवेदनशील इलाकों में सक्रिय हैं, बल्कि वे शहरों में भी अपना नेटवर्क फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। इससे सार्वजनिक शांति और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो रहा है। साथ ही, ये समूह विधि द्वारा स्थापित शासन व्यवस्था के कार्यों में व्यवधान डाल रहे हैं।

इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने प्रतिबंध (CPI Banned) की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है, ताकि नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके और प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके।

ये खबरें भी पढ़ें...

भारत अब पूरी तरह माओवादी हिंसा से मुक्त, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया आधिकारिक ऐलान

माओवादियों पर प्रतिबंध: नक्सलियों से जुड़े 6 संगठनों पर प्रतिबंध

Naxal News: नक्सलियों के गढ़ में बड़ी कार्रवाई, सुरक्षा बलों ने सुकमा में माओवादी स्मारक किया ध्वस्त

मैनपुर के जंगल में माओवादी खजाना जब्त, कैश समेत हथियारों का जखीरा बरामद

Tags:
  • छत्तीसगढ़ सरकार
  • CPI
  • Naxal News
  • CPI Maoist
  • CPI Banned
  • माओवादियों पर प्रतिबंध
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच