पुलिस भर्ती फर्जीवाड़े में डॉक्टर भी था शामिल, FIR दर्ज कराई जाएगी
Marut raj | Jan 23, 2025, 13:16 IST
Police recruitment fake medical certificate doctor suspended kawardha the sootr
Police recruitment fake medical certificate doctor suspended : राजनांदगांव पुलिस भर्ती में नव नियुक्त आरक्षकों के मेडिकल प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए थे। डॉक्टर कवर्धा जिला अस्पताल में पदस्थ था।
Police recruitment fake medical certificate doctor suspended kawardha : पुलिस भर्ती फर्जीवाड़े में डॉक्टर भी शामिल था। उसने फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनाए थे। जांच के बाद डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है। आरोपी डॉक्टर कवर्धा जिला अस्पताल में नेत्र सहायक अधिकारी के रूप में सेवाएं दे रहा था। डॉक्टर ने तीन अभ्यर्थियों के लिए फर्जी मेडिकल प्रमाण पत्र बनाया था।
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जानकारी के अनुसार साल 2021 में राजनांदगांव में पुलिस भर्ती आयोजित की गई थी। इसमें दस्तावेज प्रमाणीकरण के दौरान तीन नवनियुक्त आरक्षकों के मेडिकल प्रमाण पत्र पर शक हुआ था। इसके बाद इन तीनों आरक्षकों में से दो को राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में फिटनेस प्रमाण पत्र के लिए भेजा गया। वहीं, एक अन्य आरक्षक को कवर्धा जिला अस्पताल भेजा गया। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में हुई जांच के दौरान तीनों ही आरक्षक अनफिट पाए गए।
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इसमें सबसे बड़ी बात ये थी कि ये तीनों की मेडिकल प्रमाण पत्र डॉ. मनीष जॉय द्वारा बनाए गए थे। पुलिस भर्ती के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने की अनिवार्य प्रक्रिया है। तीनों आरक्षकों के मेडिकल प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने के बाद डॉक्टर के खिलाफ जांच शुरू की गई। करीब चार साल तक चली जांच के बाद आखिरकार मनीष जॉय को संस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही सीएमएचओ को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
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चार साल चली जांच के बाद हुई कार्रवाई
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FIR भी दर्ज की जाएगी
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FAQ
- पुलिस भर्ती फर्जीवाड़े में डॉक्टर का क्या रोल था और क्या कार्रवाई की गई ?
पुलिस भर्ती फर्जीवाड़े में डॉक्टर मनीष जॉय ने तीन अभ्यर्थियों के लिए फर्जी मेडिकल प्रमाण पत्र बनाए थे। जांच के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया और सीएमएचओ को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। - फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट के मामले में जांच कब शुरू हुई और क्या पता चला ?
पुलिस भर्ती के दौरान 2021 में दस्तावेज प्रमाणीकरण के दौरान तीन आरक्षकों के मेडिकल प्रमाण पत्र पर शक हुआ। जांच के बाद यह पाया गया कि उनके मेडिकल प्रमाण पत्र फर्जी थे, और यह प्रमाण पत्र डॉक्टर मनीष जॉय ने बनाए थे। - इस मामले में डॉक्टर के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई और एफआईआर किस पर दर्ज की जाएगी ?
डॉक्टर मनीष जॉय को सस्पेंड कर दिया गया और सीएमएचओ को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
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