रायगढ़ हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने महिला आरक्षक के कपड़े फाड़े, अर्धनग्न किया

Harrison Masih | Jan 02, 2026, 14:30 IST
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raigarh tamnar violence
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रायगढ़ के तमनार ब्लॉक में JPL कोयला खदान के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान महिला आरक्षक से बर्बरता की गई। उसके कपड़े फाड़कर अर्धनग्न किया गया और घटना का वीडियो वायरल हुआ। हिंसा में पुलिस वाहन जलाए गए और कोल हैंडलिंग प्लांट में आगजनी हुई।

Raigarh. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में जिंदल ग्रुप (JPL) कोयला खदान के खिलाफ चल रहे आंदोलन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़प ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। प्रदर्शन के दौरान एक महिला आरक्षक के साथ बर्बरता की गई, उसके कपड़े फाड़ दिए गए और उसे करीब आधा किलोमीटर तक दौड़ाया गया।

जब महिला आरक्षक खेत में गिर गई, तो प्रदर्शनकारियों ने उसकी वर्दी फाड़-फाड़कर उसे अर्धनग्न कर दिया। इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाती दिखी महिला आरक्षक

करीब 40 सेकेंड के वायरल वीडियो में महिला आरक्षक रोते हुए प्रदर्शनकारियों को भाई कहकर छोड़ देने की गुहार लगाती नजर आ रही है। वीडियो में वह कहती सुनाई देती है- “मुझे माफ कर दो, छोड़ दो”।

इसके जवाब में कुछ प्रदर्शनकारी उसे धमकाते हुए कहते हैं- "क्या करने आई थी, चप्पल से मारूं अभी, भाग जाओ यहां से"। इसके बाद प्रदर्शनकारी उसे छोड़कर वहां से चले जाते हैं।

इससे पहले भी इसी हिंसा से जुड़ा महिला थाना प्रभारी (TI) को लात मारने का वीडियो सामने आ चुका है।



रायगढ़ खनन विवाद
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27 दिसंबर 2025 को हुई थी हिंसक झड़प

यह पूरी घटना 27 दिसंबर 2025 की है। मामला JPL कोयला खदान सेक्टर-1 के खिलाफ चल रहे जनआंदोलन से जुड़ा है। दरअसल, 8 दिसंबर 2025 को धौराभाठा में प्रस्तावित कोल ब्लॉक को लेकर हुई जनसुनवाई के विरोध में 14 गांवों के लोग 12 दिसंबर से धरने पर बैठे थे।

सड़क जाम से भड़की हिंसा

27 दिसंबर की सुबह करीब 9 बजे तमनार के लिबरा चौक पर लगभग 300 ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर आवागमन रोक दिया। स्थिति बिगड़ती देख अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, SDOP और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर धरनास्थल के टेंट में वापस भेजा। कुछ समय तक माहौल शांत रहा, लेकिन तनाव बना रहा।

भीड़ 1000 तक पहुंची, बैरिकेड तोड़कर हमला

जिला प्रशासन के अनुसार आसपास के गांवों से और लोग जुड़ते गए। दोपहर तक भीड़ की संख्या करीब 1000 के आसपास पहुंच गई। पुलिस और प्रशासन लगातार माइक से शांति की अपील करते रहे, लेकिन दोपहर करीब ढाई बजे अचानक हालात बेकाबू हो गए।

उग्र भीड़ ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए, पत्थर और डंडों से हमला कर दिया। कई पुलिसकर्मी और महिला आरक्षक घायल हो गए।

महिला TI को लात-घूंसे, वाहनों में लगाई आग

हिंसा के दौरान तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम को महिलाओं ने लात-घूंसे मारे। इसके बाद भीड़ ने मौके पर खड़ी पुलिस बस, जीप और एम्बुलेंस में आग लगा दी। कई अन्य सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया।

इसके बाद उग्र भीड़ JPL के कोल हैंडलिंग प्लांट में घुस गई और वहां कन्वेयर बेल्ट, दो ट्रैक्टर अन्य वाहन को आग के हवाले कर दिया। प्लांट के दफ्तर में भी जमकर तोड़फोड़ की गई।

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अधिकारियों की मौजूदगी में भी पथराव

स्थिति संभालने के लिए लैलूंगा विधायक विद्यावती सिदार, रायगढ़ कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक खुद मौके पर पहुंचे, लेकिन भीड़ और उग्र हो गई। अधिकारियों की मौजूदगी में भी पथराव हुआ और दोबारा आगजनी की गई।

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14 गांवों ने जारी किया प्रेस नोट, साजिश का आरोप

घटना के बाद 14 गांवों के ग्रामीणों ने संयुक्त प्रेस नोट जारी कर महिला आरक्षक से बदसलूकी की घटना की निंदा की है। ग्रामीणों ने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन को बदनाम करने की साजिश की गई है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

कांग्रेस का आरोप: सरकार से बढ़ता अविश्वास

कांग्रेस ने इस घटना को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी का कहना है कि यह घटना पुलिस और प्रशासन के प्रति जनता के बढ़ते अविश्वास और आक्रोश को दर्शाती है। कांग्रेस ने तमनार के साथ-साथ लोहारीडीह और बलौदाबाजार जैसी पिछली घटनाओं का भी हवाला दिया।

करीब 4 हजार से अधिक ग्रामीणों की मांग थी कि गारे पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक के लिए प्रस्तावित जनसुनवाई रद्द की जाए। हालात बिगड़ने के बाद JPL प्रबंधन ने जनसुनवाई नहीं कराने का फैसला लिया है।

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