जंबूरी के बाद एक और टेंडर घोटाले का आरोप, सामूहिक विवाह सम्मेलन के लिए कांट्रेक्ट के पहले ही लग गए टेंट

Arun Tiwari | Feb 05, 2026, 17:24 IST
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रायपुर में 10 फरवरी को होने वाले मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह समारोह से पहले महिला एवं बाल विकास विभाग पर टेंडर प्रक्रिया का उल्लंघन करने का आरोप लगा है। पंडाल लगाने का काम बिना टेंडर और वर्क ऑर्डर जारी किए ही शुरू कर दिया गया।

Raipur. छत्तीसगढ़ में एक और टेंडर घोटाले का आरोप लगा है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने सामूहिक विवाह सम्मेलन के लिए कांट्रेक्ट से पहले ही काम शुरु करवा दिया।

10 फरवरी को रायपुर में सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए विभाग के कार्यक्रम अधिकारी ने पांच फरवरी को इंपैनल्ड कंपनियों को प्रजेंटेशन के लिए बुलाया गया।

लेकिन कार्यक्रम स्थल पर काम शुरु हो चुका है और टेंट लग चुके हैं। अब सवाल यही उठ रहा है कि जब कांट्रेक्ट तय ही नहीं हुआ तो फिर काम कैसे शुरु हो गया। आरोप है कि कंपनी को पहले ही काम सौंप दिया गया और औपचारिक कागजी प्रक्रिया बाद में की गई।

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एकऔर टेंडर घोटाले का आरोप :

राजधानी रायपुर में 10 फरवरी को प्रस्तावित मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह समारोह को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। कार्यक्रम स्थल पर पंडाल और टेंट लगाने का काम भी शुरु कर दिया गया है।

इस आयोजन को लेकर कांग्रेस ने आपत्ति दर्ज कराई है और प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महामंत्री मलकीत सिंह गैदू और प्रदेश सचिव सुबोध हरितवाल ने कहा कि आयोजन में नियमों और तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बिना टेंडर और बिना वर्क ऑर्डर के टेंट लगाने का काम शुरू कर दिया गया है, जो सरकारी नियमों के खिलाफ है। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि इस आयोजन से संबंधित टेंट और पंडाल व्यवस्था के लिए अभी एजेंसी चयन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।

Tender Scam
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इसके बावजूद कार्यक्रम स्थल पर टेंट लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि इस तरह की प्रक्रिया आगे चलकर वित्तीय अनियमितता का कारण बन सकती है।

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पांच टेंट हाउस को बुलाया गया :

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (CSIDC) द्वारा इंपैनल किए गए कुल पांच टेंट हाउस को सोमवार को प्रेजेंटेशन के लिए आमंत्रित किया गया है।

इनमें दो फर्म दिल्ली की, दो रायपुर की और एक बिलासपुर की है। कांग्रेस का कहना है कि जब प्रेजेंटेशन और चयन की प्रक्रिया अभी चल रही है, तो उससे पहले टेंट लगाने का काम किस आधार पर शुरू किया गया, यह स्पष्ट नहीं है।

कांग्रेस ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह समारोह का आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत किया जा रहा है और इसकी निगरानी जिला कार्यक्रम अधिकारी शैल ठाकुर द्वारा की जा रही है।

इसके बावजूद नियमों के अनुसार टेंडर और वर्क ऑर्डर जारी किए बिना काम शुरू होना सवाल खड़े करता है। मलकीत सिंह गैदू ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे बड़े सामाजिक आयोजन में सरकारी धन का उपयोग होता है और इसमें पारदर्शिता जरूरी है।

उन्होंने मांग की कि आयोजन से पहले सभी प्रक्रियाओं को सार्वजनिक किया जाए और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं।

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जंबूरी आयोजन के बाद दूसरा घोटाला :

जंबूरी कार्यक्रम को लेकर टेंडर प्रक्रिया पर भी गंभीर आरोप लगाए गए। कांग्रेस प्रवक्ता सुबोध हरितवाल ने कहा कि जंबूरी आयोजन के लिए जेम पोर्टल पर टेंडर 3 जनवरी को सुबह 12 बजे खुलना था, लेकिन उससे पहले ही आयोजन स्थल पर एक निजी कंपनी ने काम शुरू कर दिया था।

सुबोध हरितवाल ने आरोप लगाया कि कई कामों में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही काम शुरू कर दिया गया। नियमों के मुताबिक पहले टेंडर, फिर स्वीकृति और उसके बाद काम शुरू होना चाहिए, लेकिन यहां प्रक्रिया के उलट होने के आरोप सामने आए।

कहा गया कि कुछ एजेंसियों को बिना औपचारिक आदेश के काम सौंप दिया गया और बाद में कागजी प्रक्रिया पूरी की गई।

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