अजय सिंह ने माला नहीं पहनने का लिया संकल्प, 2028 में कांग्रेस की सरकार बनने का किया दावा

Sandeep Kumar | Mar 21, 2026, 20:13 IST
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ajay singh
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पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कांग्रेस में अपनी बढ़ती सक्रियता के तहत बुंदेलखंड और चंबल में दौरे किए। उन्होंने माला न पहनने का संकल्प लिया और 2028 में कांग्रेस सरकार बनाने का विश्वास जताया।

मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में लगभग पौने तीन साल बाकी हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी में पावर की रेस तेज हो गई है। कांग्रेस के पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी कई नेताओं को मंत्री और उपमुख्यमंत्री बनाने की बात कर चुके हैं। कई मंचों से आदिवासी सीएम बनाने की मांग भी उठ चुकी है। इस बीच, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने अपनी सक्रियता बढ़ाने के लिए चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र में दौरे शुरू किए हैं।

चंबल और बुंदेलखंड में सक्रियता

अजय सिंह ने अपने राजनीतिक दौरे की शुरुआत चंबल अंचल से की, जो कांग्रेस के लिए मजबूत क्षेत्र रहा है। उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव में चंबल-ग्वालियर अंचल की सीटों पर हार का कम अंतर देखा। इसके बाद वे बुंदेलखंड पहुंचे, जहां उन्होंने अर्जुन सिंह के समय के कद्दावर कांग्रेसियों से मुलाकात की। अजय सिंह का उद्देश्य इस क्षेत्र में कांग्रेस को और मजबूत करना है।

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माला न पहनने का संकल्प

अजय सिंह राहुल ने टीकमगढ़ में कहा कि वह ठंडे पड़े कांग्रेसियों में ऊर्जा भरने के लिए यात्रा पर निकले हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2018 में कांग्रेस की सरकार बनने के दौरान माला न पहनने का संकल्प लिया था। अब वही संकल्प लेकर यात्रा पर निकले हैं। उनका कहना है कि 2028 में कांग्रेस सरकार बनेगी और इस बार वह सरकार पूरी पांच साल चलेगी।

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अजय सिंह का राजनीतिक इतिहास

अजय सिंह राहुल के पिता अर्जुन सिंह मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। अजय सिंह भी मप्र सरकार में मंत्री और नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं। अब वे विंध्य क्षेत्र के अलावा बुंदेलखंड और चंबल जैसे अन्य क्षेत्रों में भी अपनी सक्रियता बढ़ा रहे हैं। यह उनके लिए एक रणनीतिक कदम है। वे कांग्रेस के पुराने कार्यकर्ताओं से मिलकर अपनी टीम बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

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सियासी समीकरण

अजय सिंह की यात्रा का उद्देश्य केवल कांग्रेसियों से मिलना नहीं है। उन्होंने चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्रों में अपनी सियासी रणनीति को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया है। वे विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेशभर में अपनी टीम बनाने में जुटे हैं।

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