विदिशा में अधिवक्ता पर हमला, स्टेट बार काउंसिल ने जताया आक्रोश
Neel Tiwari | Oct 28, 2025, 22:27 IST
Photograph: (THESOOTR)
मध्यप्रदेश के विदिशा में भाजपा नेता विमल प्रकाश तारण पर हमले के बाद प्रदेशभर में वकील समुदाय में आक्रोश है। स्टेट बार काउंसिल ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और सरकार से "एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट" लागू करने की मांग की है।
JABALPUR. मध्यप्रदेश के विदिशा में अधिवक्ता और भाजपा नेता विमलप्रकाश तारण पर हुए हमले के विरोध में अब प्रदेशभर के वकील समुदाय में उबाल देखा जा रहा है।
इस घटना को लेकर मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद (स्टेट बार काउंसिल) ने प्रदेश सरकार से कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और डीजीपी को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई और “एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट” लागू करने की मांग की है।
एमपी स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष राधेलाल गुप्ता ने अपने पत्र में कहा है कि 25 अक्टूबर को विदिशा में वरिष्ठ अधिवक्ता विमल प्रकाश तारण पर हमला अत्यंत निंदनीय, दुखद और गंभीर घटना है। यह न केवल एक व्यक्ति पर हमला है बल्कि समूचे अधिवक्ता समुदाय की गरिमा पर प्रहार है। उन्होंने आशंका जताई कि इस हमले के पीछे “किसी बड़े राजनीतिक षड्यंत्र” की भी संभावना है।
अध्यक्ष राधेलाल गुप्ता ने मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, वित्त मंत्री और डीजीपी को भेजे गए पत्र में चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए ठोस नीति नहीं बनाई गई तो प्रदेशभर के अधिवक्ता भोपाल पहुंचकर आंदोलन करने को विवश होंगे।
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गुप्ता ने कहा कि राज्य के अधिवक्ता वर्षों से एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन लगातार इस मांग को नजरअंदाज करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि “अब वक्त आ गया है कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर सरकार ठोस नीति बनाए, क्योंकि इस तरह के हमले वकीलों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर रहे हैं।”
राज्य परिषद की कार्यकारी सचिव गीता शुक्ला ने बताया कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन मिश्रा को भी पत्र भेजा गया है, ताकि इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाकर केंद्रीय एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट बनाने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया जा सके।
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घटना विदिशा के हॉस्पिटल रोड की है, जहां भाजपा नेता और अधिवक्ता विमल प्रकाश तारण पर एक युवक ने बीच सड़क पर हमला कर दिया। हमलावर ने उन्हें रोककर लगातार थप्पड़ मारे, जिससे वे सड़क पर गिर पड़े। यह पूरा घटनाक्रम वीडियो में कैद हो गया जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
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पीड़ित अधिवक्ता ने आरोप लगाया है कि इस हमले के पीछे उनकी ही पार्टी के कुछ स्थानीय नेता शामिल हैं। उन्होंने बताया था कि शहर की समस्याओं को लेकर सोशल मीडिया पर आवाज उठाने के कारण उनकी कई नेताओं से बहस हुई थी।
तारण ने कहा था कि “परसों ही मेरी श्याम सुंदर शर्मा से बहस हुई थी, उन्होंने मुझे देख लेने की धमकी दी थी। इसके बाद एक व्यक्ति ने कहा कि वह विधायक का आदमी है और उसने मुझ पर हमला कर दिया।”
इस घटना ने न केवल अधिवक्ता समुदाय बल्कि भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच भी आक्रोश पैदा कर दिया है। अब देखना होगा कि सरकार अधिवक्ताओं की इस पुरानी मांग एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट पर आखिर कब तक चुप्पी साधे रहती है।
इस घटना को लेकर मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद (स्टेट बार काउंसिल) ने प्रदेश सरकार से कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और डीजीपी को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई और “एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट” लागू करने की मांग की है।
राज्य अधिवक्ता परिषद ने सरकार को लिखा पत्र
अध्यक्ष राधेलाल गुप्ता ने मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, वित्त मंत्री और डीजीपी को भेजे गए पत्र में चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए ठोस नीति नहीं बनाई गई तो प्रदेशभर के अधिवक्ता भोपाल पहुंचकर आंदोलन करने को विवश होंगे।
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“वर्षों से की जा रही है अनसुनी”
राज्य परिषद की कार्यकारी सचिव गीता शुक्ला ने बताया कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन मिश्रा को भी पत्र भेजा गया है, ताकि इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाकर केंद्रीय एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट बनाने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया जा सके।
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क्या था पूरा मामला
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अधिवक्ता ने लगाया था साजिश का आरोप
तारण ने कहा था कि “परसों ही मेरी श्याम सुंदर शर्मा से बहस हुई थी, उन्होंने मुझे देख लेने की धमकी दी थी। इसके बाद एक व्यक्ति ने कहा कि वह विधायक का आदमी है और उसने मुझ पर हमला कर दिया।”
इस घटना ने न केवल अधिवक्ता समुदाय बल्कि भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच भी आक्रोश पैदा कर दिया है। अब देखना होगा कि सरकार अधिवक्ताओं की इस पुरानी मांग एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट पर आखिर कब तक चुप्पी साधे रहती है।
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