ये कैसी लापरवाही! तहसीलदार ने जारी कर दिया पूरे भिंड जिले का मृत्यु प्रमाणपत्र
Manish Kumar | May 21, 2025, 18:49 IST
Photograph: (the sootr)
भिंड तहसीलदार की लापरवाही से 'भिंड' नाम का डेथ सर्टिफिकेट जारी हुआ, परिवार और सोशल मीडिया में हंगामा। लोक सेवा केंद्र को 25 हजार रुपये की पेनल्टी और नोटिस भी जारी।
BHIND. मध्य प्रदेश के भिंड जिले से एक अनोखी और गंभीर लापरवाही की खबर सामने आई है। तहसीलदार कार्यालय से जारी एक डेथ सर्टिफिकेट (मृत्यु प्रमाण पत्र) में मृतक के नाम की जगह ‘भिंड’ लिख दिया गया। अब यह डेथ सर्टिफिकेट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कमी और गंभीर भूल की ओर इशारा करती है।
भिंड जिले के चतुर्वेदी नगर कॉलोनी निवासी गोविंद के पिता रामहेत का 8 नवंबर 2018 को निधन हो गया था। परिवार को अप्रैल 2025 में मृत्यु प्रमाण पत्र की जरूरत पड़ी। उन्होंने तहसीलदार कार्यालय में आवेदन किया।
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5 मई 2025 को तहसीलदार कार्यालय ने प्रमाण पत्र जारी किया, लेकिन जब इसे परिवार के लोगों ने देखा तो सभी हैरान रह गए। प्रमाण-पत्र में मृतक का नाम ‘भिंड’, निवासी और स्थान भी ‘भिंड’ लिखा हुआ था। इस त्रुटि के कारण सोशल मीडिया में इसे लेकर खूब चर्चा हुई।
तहसीलदार मोहन लाल शर्मा ने इस गंभीर चूक को लेकर कहा कि यह एक टाइपिंग मिस्टेक थी। हालांकि, इस लापरवाही के चलते इसके लिए आवेदन करने वाले लोक सेवा केंद्र के प्रबंधक को नोटिस जारी कर 25 हजार रुपए की पेनल्टी भी लगाई गई है।
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प्रशासन का कहना है कि मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की जिम्मेदारी लोक सेवा केंद्र की होती है। कर्मचारियों की लापरवाही से बिना जांच के प्रमाणपत्र जारी हो गया, जो गंभीर मामला है।
यह मामला प्रशासनिक कार्यशैली में सुधार की जरूरत को दर्शाता है। सरकारी दस्तावेजों की जांच और क्रॉस चेकिंग प्रक्रिया को सख्त किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो।
लोक सेवा केंद्र के संचालकों और कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण और जागरूकता देने की भी आवश्यकता है ताकि वे संवेदनशील दस्तावेजों को ठीक ढंग से जारी कर सकें।
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5 मई को जारी किया था डेथ सर्टिफिकेट
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5 मई 2025 को तहसीलदार कार्यालय ने प्रमाण पत्र जारी किया, लेकिन जब इसे परिवार के लोगों ने देखा तो सभी हैरान रह गए। प्रमाण-पत्र में मृतक का नाम ‘भिंड’, निवासी और स्थान भी ‘भिंड’ लिखा हुआ था। इस त्रुटि के कारण सोशल मीडिया में इसे लेकर खूब चर्चा हुई।
तहसीलदार ने बताया टाइपिंग मिस्टेक
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प्रशासन का कहना है कि मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की जिम्मेदारी लोक सेवा केंद्र की होती है। कर्मचारियों की लापरवाही से बिना जांच के प्रमाणपत्र जारी हो गया, जो गंभीर मामला है।
क्रॉस चेकिंग की होना चाहिए व्यवस्था
लोक सेवा केंद्र के संचालकों और कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण और जागरूकता देने की भी आवश्यकता है ताकि वे संवेदनशील दस्तावेजों को ठीक ढंग से जारी कर सकें।
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FAQ (अकसर पूछे जाने वाले सवाल)
- मृत्यु प्रमाण पत्र में गलत नाम होने पर क्या करें?
यदि मृत्यु प्रमाण पत्र में नाम गलत लिखा गया हो, तो तुरंत तहसीलदार कार्यालय या लोक सेवा केंद्र से संपर्क कर सुधार हेतु आवेदन करें। त्रुटि सुधार के बाद नया प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। - मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में कौन जिम्मेदार होता है?
मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की जिम्मेदारी लोक सेवा केंद्र या तहसील कार्यालय की होती है, जहां संबंधित अधिकारी इस प्रक्रिया का पालन करते हैं। - ऐसे मामलों में कौन-कौन सी कार्रवाई होती है?
लापरवाही या गलती पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को नोटिस, पेनल्टी या जांच के आदेश दिए जा सकते हैं। सुधारात्मक कदम उठाने के लिए प्रशिक्षण भी अनिवार्य किया जाता है।
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