इंदौर रेलवे TI मैडम लंच पर गई थीं, इसलिए हिंदू छात्र पर हमला होने की नहीं हुई FIR
Vishwanath Singh | Apr 28, 2025, 13:33 IST
The Sootr
पीड़ित छात्र रविवार को दोपहर में डेढ़ घंटे तक अपने आवेदन पर कार्रवाई करने के लिए रेलवे पुलिस के थाने पर ही बैठा रहा। इस दौरान वह गवाही के लिए अपने साथियाें को भी लेकर गया था जो कि घटना के समय वहां मौजूद थे।
पहलगाम आतंकी हमले को लेकर जहां एक ओर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने काफी कड़ी रुख अपनाया है और देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त लोगाें पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
दूसरी ओर भोपाल–इंदौर ट्रेन में वर्ग विशेष के लोगों द्वारा एक हिंदू छात्र पर केवल इसलिए जानलेवा हमला कर दिया क्योंकि वह पहलगाम आतंकी हमले से संबंधित रील्स देख रहा था। उन्होंने उसे चलती ट्रेन से बाहर फेंकने की भी कोशिश की।
इतने गंभीर अपराध पर भी लापरवाह रेलवे पुलिस ने 24 घंटे तक भी FIR तक नहीं की थी। पीड़ित छात्र डेढ़ घंटे तक FIR करवाने के लिए थाने पर भी बैठा टीआई के आने का इंतजार करता रहा, लेकिन टीआई रश्मि पाटीदार लंच करके ही नहीं आ पाईं।
इस घटना को लेकर जब द सूत्र ने खबर प्रकाशित करते हुए रेलवे पुलिस की लापरवाही उजागर की तो रेलवे एसपी संतोष कोरी ने जीआरपी थाने को जमकर फटकार लगाई और इसमें आरोपियों के खिलाफ FIR कराने का कहा। तब कहीं जाकर पुलिस ने रविवार सुबह की घटना की रिपोर्ट सोमवार सुबह की।
पीड़ित छात्र रविवार को दोपहर में डेढ़ घंटे तक अपने आवेदन पर कार्रवाई करने के लिए रेलवे पुलिस के थाने पर ही बैठा रहा। इस दौरान वह गवाही के लिए अपने साथियाें को भी लेकर गया था जो कि घटना के समय वहां मौजूद थे। जब टीआई रश्मि पाटीदार लंच करके नहीं लौटीं तो छात्र ने थाने के स्टाफ से गुहार लगाई कि वे ही एफआईआर कर दें। इस पर स्टाफ ने यह कहकर मामले को टाल दिया कि जिन्होंने तुम्हारा आवेदन रात को लिया था वे ही इसमें आगे की कार्रवाई करेंगे। अभी तुम चले जाओ जब वे आएंगे तो तुम्हें कॉल कर देंगे। इसके बाद जब शाम को टीआई पाटीदार थाने पहुंचीं तो उन्होंने छात्र को दोबारा बुलाकर मामले की जानकारी लेना भी उचित नहीं समझा।
ट्रेन में हिंदू छात्र के साथ सरेआम हुई मारपीट और जानलेवा हमले की घटना से छात्र काफी डरा व सहमा हुआ है। एक तरफ तो उस पर वर्ग विशेष के लोगों ने हमला कर दिया और दूसरी तरफ लापरवाही रेलवे पुलिस ने उसकी सुनवाई तक नहीं की। रेलवे पुलिस की एफआईआर करने में लापरवाही बरतने पर जब रेलवे एसपी संतोष कोरी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मैं इस मामले में अभी एफआईआर करवा रहा हूं। उन्होंने माना की घटना काफी संवेदनशील है।
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इंदौर में पढ़ने वाले एक छात्र को ट्रेन में पहलगाम आतंकी हमले की रील्स देखना भारी पड़ गया। शुजालपुर निवासी 23 वर्षीय छात्र रविवार अलसुबह लगभग 4 बजे भोपाल–इंदौर पैसेंजर ट्रेन से इंदौर आ रहा था। उसने बताया कि ट्रेन के जनरल कोच में सफर करने के दौरान वह जिस सीट पर बैठा था उसके आसपास काफी बड़ी संख्या में वर्ग विशेष के लोग बैठे थे। इस दौरान जब ट्रेन लक्ष्मीबाईनगर से इंदौर के बीच पहुंची तो वह अपने मोबाइल में कुछ रील्स देख रहा था। इसी दौरान कुछ रील्स पहलगाम आतंकी हमले से संबंधित भी आ गईं तो वह उन्हें भी देखने लगा। यह सब उसके आसपास बैठे वर्ग विशेष के लोगों को नागवार गुजरा और उन्होंने छात्र को रील्स देखने से मना किया। जब युवक ने उन्हें समझाते हुए कहा कि इन रील्स में क्या गलत है तो उनमें से एक लड़के ने कहा कि हमें पता है तुम यह हमारे कारण देख रहे हो। युवक ने कहा कि यह तो देशभक्ति की बात है, इसमें क्या गलत है तो वे बोले कि अपना ये देश प्रेम ट्रेन के बाहर दिखाना। इसके बाद उन्होंने युवक के साथ गाली–गलौज करते हुए हमला कर दिया।
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छात्र ने बताया कि रविवार को दोपहर में भी वह रिपोर्ट लिखाने के लिए जीआरपी थाने गया था, लेकिन तब टीआई लंच करने के लिए चली गईं थी। इस पर उसके साथियों ने टीआई से फोन पर बात भी की और रिपोर्ट कराने का कहा तो वे बोलीं कि वह कुछ देर में आ जाएंगी। इसके बाद छात्र डेढ़ घंटे तक थाने में बैठकर रिपोर्ट लिखवाने के लिए इंतजार करता रहा, लेकिन टीआई अपना लंच खतम करके ही नहीं लौटीं।
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इस संबंध में जब टीआई रश्मि पाटीदार से बात की तो उन्होंने बताया कि अभी छात्र ने केवल आवेदन दिया है। उसने 10 से 15 लोगों द्वारा मारे जाने और चलती ट्रेन से बाहर फेंके जाने की बात तो कही है। हालांकि घटना कितनी गंभीर है यह तो छात्र के बयान के बाद ही पता चलेगा। छात्र जब पहली बार थाने आया था तक ही उसे एफआईआर कराने का कहा था, लेकिन उसने मना कर दिया था। दोपहर में जब वह आया तो मैं लंच करने चली गई थी। अब उसे बयान के लिए बुला रहे हैं।
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दूसरी ओर भोपाल–इंदौर ट्रेन में वर्ग विशेष के लोगों द्वारा एक हिंदू छात्र पर केवल इसलिए जानलेवा हमला कर दिया क्योंकि वह पहलगाम आतंकी हमले से संबंधित रील्स देख रहा था। उन्होंने उसे चलती ट्रेन से बाहर फेंकने की भी कोशिश की।
इतने गंभीर अपराध पर भी लापरवाह रेलवे पुलिस ने 24 घंटे तक भी FIR तक नहीं की थी। पीड़ित छात्र डेढ़ घंटे तक FIR करवाने के लिए थाने पर भी बैठा टीआई के आने का इंतजार करता रहा, लेकिन टीआई रश्मि पाटीदार लंच करके ही नहीं आ पाईं।
इस घटना को लेकर जब द सूत्र ने खबर प्रकाशित करते हुए रेलवे पुलिस की लापरवाही उजागर की तो रेलवे एसपी संतोष कोरी ने जीआरपी थाने को जमकर फटकार लगाई और इसमें आरोपियों के खिलाफ FIR कराने का कहा। तब कहीं जाकर पुलिस ने रविवार सुबह की घटना की रिपोर्ट सोमवार सुबह की।
थाने के स्टाफ ने कहा, रात में जिसने आवेदन लिया वे ही देखेंगे केस
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रेलवे एसपी बोले, हम करवा रहे हैं FIR
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इन धाराओं में दर्ज की एफआईआर
रेलवे एसपी की फटकार के बाद जीआरपी थाना हरकत में आया और फिर ताबड़तोड़ 24 घंटे के बाद एफआईआर दर्ज की। इसमें छात्र के आवेदन के आधार पर पुलिस ने धारा 115, 118(1), 296, 351(2), 3(5) में प्रकरण दर्ज किया है। जिसमें छात्र ने मारपीट और सोने की चेन लूटने की बात भी कही है।
पहलगाम हमले की रील्स देखने पर भड़के
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सब इंस्पेक्टर ने आवेदन लिया और बोला कल आना इस घटना के बाद छात्र अलसुबह ही रिपोर्ट लिखाने अपने साथियों के साथ जीआरपी थाने पहुंचा था। इस पर वहां मौजूद सब इंस्पेक्टर सियाराम ने उससे आवेदन ले लिया और मेडिकल करवाकर कहा कि कल सुबह रिपोर्ट लिखाने आ जाना। इस पर छात्र के साथ आए लोगों ने टीआई से बात करने का भी कहा, लेकिन फिर भी उसे सुबह आने का कह दिया।
FIR के लिए डेढ़ घंटे तक बैठा रहा, लेकिन टीआई लंच करके नहीं लौटीं
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टीआई बोलीं, रात को छात्र ने रिपोर्ट का मना कर दिया था
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