एमपी बीजेपी की ओरछा बैठक में Gen-Z पर फोकस, 2028 से पहले बनेगी नई रणनीति
Ramanand Tiwari | Aug 23, 2026, 17:38 IST
एमपी बीजेपी की ओरछा बैठक
मध्यप्रदेश भाजपा की 30-31 अगस्त की ओरछा प्रदेश कार्यसमिति बैठक में 2028 की तैयारी के साथ Gen-Z और युवाओं को संगठन से जोड़ने पर बड़ा फोकस रहेगा। वंदे मातरम प्रस्ताव, सेवा संकल्प अभियान और डिजिटल आउटरीच की कार्ययोजना पर भी मंथन होगा।
समझें क्या है पूरा मामला
बैठक 30 और 31 अगस्त को आयोजित होगी।
संगठन Gen-Z से जुड़ने की रणनीति बनाएगा।
वंदे मातरम प्रस्ताव पर चर्चा और मुहर होगी।
2028 चुनाव से पहले संगठन का रोडमैप तैयार होगा।
एमपी बीजेपीकी ओरछा में होने वाली दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति बैठक इस बार सिर्फ सरकार और संगठन की समीक्षा तक सीमित नहीं रहने वाली।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्र से मिली गाइडलाइन के बीच बैठक में Gen-Z और युवाओं को संगठन से जोड़ने की रणनीति पर खास मंथन होगा।
30 और 31 अगस्त की बैठक में वंदे मातरम प्रस्ताव के अनुमोदन, सेवा संकल्प अभियान की कार्ययोजना और नए दौर के युवा आउटरीच पर भी चर्चा प्रस्तावित है।
इस बार निशाने पर सिर्फ संगठन नहीं
सूत्रों के अनुसार, Gen-Z को जोड़ने के लिए सोशल मीडिया को महज प्रचार का माध्यम नहीं, बल्कि संगठनात्मक आउटरीच का टूल बनाने पर विचार हो सकता है। इंस्टाग्राम, यूट्यूब और लिंक्डइन जैसे प्लेटफॉर्म पर छोटे वीडियो, रील्स और शॉर्ट्स के जरिए युवाओं तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा हो सकती है।
रील से लेकर कैंपस तक पहुंचेगा संगठन
इंटर्नशिप के जरिए युवाओं को संगठनात्मक काम समझने का मौका देना और क्विज, कॉन्टेस्ट तथा डिजिटल गतिविधियों से उनकी भागीदारी बढ़ाना भी प्रस्तावित रणनीति का हिस्सा हो सकता है। यानी संदेश साफ है—जिस युवा की दुनिया मोबाइल स्क्रीन पर है, संगठन वहां अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहता है।
वंदे मातरम प्रस्ताव पर भी रहेगा फोकस
यह मुद्दा संगठनात्मक कार्यक्रम के साथ वैचारिक संदेश से भी जुड़ा माना जा रहा है। ऐसे में बैठक में इस पर चर्चा को लेकर खास नजर रहेगी।
सेवा संकल्प अभियान की बनेगी जमीन
अभियान के जरिए संगठन अपनी गतिविधियों को केवल राजनीतिक कार्यक्रमों तक सीमित रखने के बजाय सामाजिक सरोकारों से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
केंद्र की गाइडलाइन के बीच Gen-Z पर नजर
राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संगठन की ओर से युवाओं से लगातार जुड़ने पर जोर दिए जाने के बीच प्रदेश भाजपा भी अपने संगठनात्मक मॉडल में डिजिटल और युवा आउटरीच को ज्यादा जगह देने की तैयारी में दिखाई दे रही है।
2028 की तैयारी अभी से तेज
ओरछा में करीब 350 से 400 नेताओं के जुटने की संभावना है। प्रदेश कार्यसमिति में 106 नियमित और 41 विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव, दोनों उपमुख्यमंत्री, मंत्री, केंद्रीय मंत्री, राष्ट्रीय पदाधिकारी, सांसद और विधायक भी बैठक में शामिल होंगे।
सरकार की उपलब्धियों के साथ संगठन की परीक्षा
लेकिन इस बार असली सवाल सिर्फ उपलब्धियों का नहीं है। सवाल यह है कि इन उपलब्धियों को Gen-Z और नए मतदाता तक किस भाषा और किस प्लेटफॉर्म से पहुंचाया जाए।
400 कमरों से लेकर कार्यक्रम तक तैयारी
रेलवे स्टेशन से होटलों तक परिवहन की व्यवस्था रहेगी। ध्वजारोहण, प्रदर्शनी अवलोकन, पंजीयन और मुख्य सत्र के साथ रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं।
असली संदेश बैठक के बाद दिखेगा
वंदे मातरम से वैचारिक संदेश, सेवा संकल्प से जमीनी सक्रियता और Gen-Z आउटरीच से नई पीढ़ी पर पकड़—भाजपा इन तीनों को एक साथ साधने की कोशिश करती दिख रही है।
2028 अभी दूर है, लेकिन ओरछा की बैठक से यह संकेत जरूर मिल रहे हैं कि भाजपा चुनावी तैयारी को आखिरी साल तक टालने के मूड में नहीं है।
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