Budget 2025: भारत के बजट की रोचक कहानी... जानें समय के साथ कैसे बदली परंपराएं
Sandeep Kumar | Jan 31, 2025, 22:37 IST
budget-2025-changes-traditions-india
1 फरवरी 2025 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भारत का बजट पेश करने जा रही हैं। बजट पेश करने से पहले हलवा सेरेमनी की परंपरा है। आइए जानते है इन अनोखी परंपरा की इनसाइड स्टोरी
1 फरवरी 2025 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भारत का बजट पेश करने जा रही हैं। यह मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट होगा। बजट, जो ब्रिटिशकाल से लेकर अब तक कई बदलावों से गुजर चुका है, आज भी अपनी परंपराओं और रस्मों के साथ एक अहम स्थान रखता है। इस बजट को लेकर न केवल देश, बल्कि पूरी दुनिया की नजरें टिकी होती हैं। इस लेख में, हम भारत के बजट से जुड़े कुछ बड़े बदलावों और परंपराओं पर नज़र डालेंगे।
20 महीने में सिर्फ 'लाड़ली' पर बजट का 11 फीसदी खर्च, फ्रीबीज के दो 'मिशन' अभी कतार में
भारत में बजट से पहले 'हलवा सेरेमनी' की परंपरा है, जो बजट की तैयारी का एक अहम हिस्सा होती है। इस साल, 24 जनवरी को हलवा सेरेमनी आयोजित की गई थी। बजट बनाने वाली टीम को इस दौरान हलवा परोसा जाता है, और इसी के साथ उनकी 'लॉक-इन पीरियड' की शुरुआत होती है। यह परंपरा भारतीय संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य से पहले मुंह मीठा कराने की आदत से जुड़ी है।
आठवीं बार बजट पेश करते ही इस पूर्व वित्त मंत्री के रिकॉर्ड की बराबरी करेंगी सीतारमण
भारत में किसी भी शुभ कार्य के दौरान मुंह मीठा कराने की परंपरा है। Budget के दस्तावेज तैयार हो जाने की खुशी में हलवा कढ़ाहे में बनाया जाता है और वित्त मंत्री की मौजूदगी में हलवा बजट बनाने वाले अफसरों और कर्मचारियों में बांटा जाता है। इसे हलवा सेरेमनी कहा जाता है।
भारत का बजट: एक ऐतिहासिक यात्रा और आर्थिक सुधारों की दिशा
Budget बनाने वाली टीम के अधिकारियों को लोकसभा में Budget पेश होने से पहले एक सप्ताह के लिए वित्त मंत्रालय के बेसमेंट में 'लॉक' किया जाता है। यह उपाय बजट से जुड़े दस्तावेज़ लीक होने से बचाने के लिए किया जाता है। इस अवधि में अधिकारियों के मोबाइल फोन ले लिए जाते हैं, और उन्हें किसी से मिलने की अनुमति नहीं होती है। यह पहले दो सप्ताह तक होता था, लेकिन अब इसे एक सप्ताह तक सीमित कर दिया गया है।
बजट के पहले केंद्रीय कैबिनेट की बैठक, लिए गए ये बड़े फैसले
भारत में पहले बजट हमेशा 28 फरवरी को पेश होता था, लेकिन 2017 में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसे 1 फरवरी को पेश करने की परंपरा शुरू की। इसका मुख्य उद्देश्य यह था कि बजट पेश होने और लागू होने के बीच का अंतराल कम हो, ताकि बजट को जल्दी लागू किया जा सके। इसके अलावा, रेल बजट को आम बजट में शामिल करने के कारण अब बजट पेश होने के लिए अधिक समय मिल पाता है
आमतौर पर, भारतीय बजट ब्रिटिश काल में शाम 5 बजे पेश होता था, क्योंकि तब ब्रिटेन में यह समय दोपहर का होता था। लेकिन 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान इस परंपरा को बदलते हुए बजट सुबह 11 बजे पेश किया जाने लगा। वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने इस बदलाव को 'भारत अब स्वतंत्र है' के तर्क के साथ स्वीकार किया। इसके बाद से हर साल बजट सुबह 11 बजे पेश किया जाता है।
भारत में बजट पेश करने की एक परंपरा रही है, जिसमें वित्त मंत्री चमड़े के ब्रीफकेस में बजट दस्तावेज लेकर संसद में जाते थे। 2019 में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस परंपरा को बदलते हुए लाल रंग के कपड़े में बजट के दस्तावेज पेश किए। यह बदलाव भारत की सांस्कृतिक धरोहर और स्वतंत्रता का प्रतीक माना गया। 2021 में, वित्त मंत्री ने 'पेपरलेस बजट' पेश किया, जो टैबलेट के जरिए प्रस्तुत किया गया था।
वित्तीय वर्ष की शुरुआत 1 अप्रैल से क्यों होती है?
भारत में वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से शुरू होता है, जबकि नया कैलेंडर वर्ष 1 जनवरी से शुरू होता है। इसका मुख्य कारण भारत का कृषि चक्र है, जिसमें रबी फसलों की कटाई फरवरी और मार्च में होती है। कृषि क्षेत्र का भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है, और यही कारण है कि वित्तीय वर्ष की शुरुआत 1 अप्रैल से होती है।
भारत में बजट को लोकसभा में पेश किया जाता है, क्योंकि यह वह सदन है जो सरकार के खजाने में राशि जमा करने और निकालने की अनुमति देती है। राज्यसभा इसमें कुछ सुझाव दे सकती है, लेकिन लोकसभा को अपने निर्णय पर अडिग रहने का अधिकार है। इसके बाद, बजट राष्ट्रपति के पास जाता है, जहां उनकी भूमिका केवल स्वीकृति देने तक सीमित होती है।
भारत में 1924 से रेल बजट और आम बजट अलग-अलग पेश किए जाते थे। लेकिन 2016 में, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसे जोड़ने का निर्णय लिया। उनका मानना था कि रेल बजट अब इतना छोटा हो गया था कि इसे अलग पेश करने की कोई आवश्यकता नहीं थी। इसके बाद, रेल बजट को आम बजट के साथ मिला दिया गया, जिससे सरकारी खर्चों को समग्र रूप से देखना आसान हो गया।
20 महीने में सिर्फ 'लाड़ली' पर बजट का 11 फीसदी खर्च, फ्रीबीज के दो 'मिशन' अभी कतार में
हलवा सेरेमनी: Budget के दस्तावेज़ तैयार होने का जश्न
आठवीं बार बजट पेश करते ही इस पूर्व वित्त मंत्री के रिकॉर्ड की बराबरी करेंगी सीतारमण
क्या है हलवा सेरेमनी
भारत का बजट: एक ऐतिहासिक यात्रा और आर्थिक सुधारों की दिशा
बजट से जुड़े अधिकारी क्यों होते हैं 'लॉक-इन'?
बजट के पहले केंद्रीय कैबिनेट की बैठक, लिए गए ये बड़े फैसले
बजट का समय और तारीख में बदलाव
बजट पेश करने का समय: ब्रिटिशकाल से आज तक
चमड़े के ब्रीफकेस से लाल कवर तक का सफर
वित्तीय वर्ष की शुरुआत 1 अप्रैल से क्यों होती है?
भारत में वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से शुरू होता है, जबकि नया कैलेंडर वर्ष 1 जनवरी से शुरू होता है। इसका मुख्य कारण भारत का कृषि चक्र है, जिसमें रबी फसलों की कटाई फरवरी और मार्च में होती है। कृषि क्षेत्र का भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है, और यही कारण है कि वित्तीय वर्ष की शुरुआत 1 अप्रैल से होती है।
बजट पेश करने का लोकसभा में महत्व
रेल बजट का विलय: 92 साल बाद बड़ा बदलाव
FAQ
- बजट पेश करने की तारीख कब बदलकर 1 फरवरी हुई?
बजट पेश करने की तारीख 2017 में वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा बदली गई और इसे 1 फरवरी किया गया। - हलवा सेरेमनी का क्या मतलब है?
हलवा सेरेमनी बजट दस्तावेजों की तैयारियों के जश्न के रूप में मनाई जाती है, जिसमें बजट बनाने वाली टीम को हलवा परोसा जाता है। - बजट पेश करने का समय क्यों बदला गया?
1999 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने बजट पेश करने का समय 5 बजे से सुबह 11 बजे कर दिया, क्योंकि भारत अब स्वतंत्र था और यह समय भारतीय उपयुक्त था। - रेल बजट और आम बजट का विलय कब हुआ था?
रेल बजट और आम बजट का विलय 2016 में हुआ था, जब वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसे एक साथ पेश करने का निर्णय लिया।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA