जय श्रीराम बोलकर 350 करोड़ संपत्ति के मालिक संजय शुक्ला और पटेल कांग्रेस छोड़कर बीजेपी के हुए
Sandeep Kumar | Mar 09, 2024, 11:00 IST
इंदौर से दोनों अरबपति बीजेपी में शामिल
आखिरकार जिस बात की कांग्रेस को आशंका थी वह सच साबित हुई और इंदौर से दोनों अरबपति कांग्रेस नेता संजय शुक्ला और विशाल पटेल बीजेपी में शामिल हो गए हैं...
संजय गुप्ता @INDORE. आखिरकार जिस बात की कांग्रेस ( Congress ) को आशंका थी वह सच साबित हुई और इंदौर से दोनों अरबपति कांग्रेस नेता संजय शुक्ला ( Sanjay Shukla ) और विशाल पटेल ( Vishal Patel ) बीजेपी ( BJP ) में शामिल हो गए। इसकी शुरुआती खबर खुद शुक्ला ने अपने हितैषियों को फोन करके कुछ इस तरह से दी- जय श्रीराम, आज शामिल हो रहा हूं बीजेपी में, भोपाल आ गया हूं। फिर आगे बताया कि उनके साथ विशाल पटेल भी है और यह सभी सुरेश पचौरी ( Suresh Pachauri ) के नेतृत्व में शामिल हो रहे हैं। बीजेपी में शामिल होते शुक्ला ने कहा कि बीजेपी मेरा परिवार था और मैं अब परिवार में वापस आया हूँ। मुझे उस वक़्त बहुत बुरा लगा जब राम मंदिर का आमंत्रण कांग्रेस ने ठुकराया था, अब मैं बीजेपी में रहकर जनता की सेवा करूँगा।
ये खबर भी पढ़िए..सुरेश पचौरी, गजेंद्र सिंह राजखेड़ी और संजय शुक्ला ने ज्वाइन की BJP
शुक्ला के पिता
शुक्ल के पिता पंडित विष्णु शुक्ला ( Pandit Vishnu Shukla ) जनसंघ के समय से मजबूत नेता रहे हैं। बीजेपी के टिकट पर वह चुनाव भी लड़े हालांकि चुनाव जीत नहीं सके। संजय शुक्ला के के चाचा भी बीजेपे टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं । वहीं रिश्ते में उनके चचेरे भाई गोलू शुक्ला बीजेपी के टिकट से विधानसभा तीन के विधायक भी इस बार चुने गए हैं। इस तरह उनका पूरा परिवार शुरू से ही बीजेपी वाला रहा है।
ये खबर भी पढ़िए...लोकसभा चुनाव 2024 से पहले मध्य प्रदेश को एक और वंदे भारत एक्सप्रेस की सौगात
कांग्रेस में रहकर सबसे ज्यादा धार्मिक आयोजन कराने वाले शुक्ला ही है। सबसे ज्यादा इंदौर एक में कथाएं उन्होंने ही कराई है। वह हर महीने अयोध्या, काशी यात्रा भी कराते हैं। यानि कांग्रेस में रहकर भी बीजेपी की तरह काम करने की शैली शुरू से ही शुक्ला की रही है।
ये खबर भी पढ़िए..5 सीटों पर महिला प्रत्याशी उतारेगी BJP! पूर्व मंत्री की बेटी का भी नाम
संजय शुक्ला 200 करोड़ से अधिक संपत्ति के मालिक है तो विशाल पटेल 140 करोड की संपत्ति के मालिक है। शुक्ला 2018 में इंदौर विधानसभा एक से विधायक रहे और इसी समय में विशाल पटेल भी देपालपुर से विधयाक रहे। इस बार दोनों चुनाव हार गए थे। इनके नाम लोकसभा प्रत्याशी के तौर पर भी चल रहे थे, हालांकि दोनों ही मना कर चुके थे। शुक्ला का इंदौर एक में अपना जनाधार था, वहीं विशाल पटेल का देपालपुर में, इनके जाने से लोकसभा में बीजेपी की लीड बढना तय है।
ये खबर भी पढ़िए...कैलाश की लालवानी पर एक और गुगली, अब कहा Union Minister भी आ सकता है इंदौर सीट पर
शुक्ला के लिए जुलाई 2022 से ही बीजेपी में शामिल होने के कयास चल रहे थे जब महापौर चुनाव हो रहे थे औऱ् वह कांग्रेस प्रत्याशी बने थे। लेकिन बात जम नहीं पाई। फिर विधानसभा चुनाव के समय कैलाश विजयवर्गीय की ओर से कई बार ऑफर हुए लेकिन कांग्रेस सरकार बनने की उम्मीद में वह बीजेपी में नहीं गए, उस समय उन्हें विधानसभा एक या तीन नंबर से टिकट का ऑफर था।
कमलनाथ का जब बीजेपी में जाने की सुगबुगाहट तेज हुई, तब भी दोनों के ही नाम बीजेपी में जाने के चर्चा चली। लेकिन मामला फिर कयास तक ही सीमित रहा और जब कमलनाथ नहीं गए तो फिर दोनों के भी रास्ते उस समय बंद हो गए।
पचौरी के प्रदेशाध्यक्ष रहते हुए शुक्ला को पहली बार विधानसभा टिकट मिला था, शुक्ला पचौरी के कट्टर समर्थक है। अब जब पचौरी जा रहे हैं तो उन्होंने अपने साथ वालों को भी ले लिया। शुक्ला और विशाल पटेल के बहुत अच्छे संबंध है। शुक्ला की पत्नी विशाल को राखी बांधती है। वहीं दोनों के कारोबारी संबंध भी बेहतर है। वहीं विशाल भी इस बार देपालपुर में जीत के लिए आशवस्त थे लेकिन उन्हें लगता है कि अंदरूनी पार्टी के कुछ लोगों ने चोट करके उन्हें हरवाया है। इसलिए वह भी शुक्ला के सथ बीजेपी में जा रहे हैं।
ये खबर भी पढ़िए..सुरेश पचौरी, गजेंद्र सिंह राजखेड़ी और संजय शुक्ला ने ज्वाइन की BJP
शुक्ला के पिता जनसंघ के मजबूत नेता रहे
शुक्ल के पिता पंडित विष्णु शुक्ला ( Pandit Vishnu Shukla ) जनसंघ के समय से मजबूत नेता रहे हैं। बीजेपी के टिकट पर वह चुनाव भी लड़े हालांकि चुनाव जीत नहीं सके। संजय शुक्ला के के चाचा भी बीजेपे टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं । वहीं रिश्ते में उनके चचेरे भाई गोलू शुक्ला बीजेपी के टिकट से विधानसभा तीन के विधायक भी इस बार चुने गए हैं। इस तरह उनका पूरा परिवार शुरू से ही बीजेपी वाला रहा है।
ये खबर भी पढ़िए...लोकसभा चुनाव 2024 से पहले मध्य प्रदेश को एक और वंदे भारत एक्सप्रेस की सौगात
अयोध्या की यात्रा कराते हैं शुक्ला, सबसे ज्यादा धार्मिक आयोजन भी
कांग्रेस में रहकर सबसे ज्यादा धार्मिक आयोजन कराने वाले शुक्ला ही है। सबसे ज्यादा इंदौर एक में कथाएं उन्होंने ही कराई है। वह हर महीने अयोध्या, काशी यात्रा भी कराते हैं। यानि कांग्रेस में रहकर भी बीजेपी की तरह काम करने की शैली शुरू से ही शुक्ला की रही है।
ये खबर भी पढ़िए..5 सीटों पर महिला प्रत्याशी उतारेगी BJP! पूर्व मंत्री की बेटी का भी नाम
कांग्रेस की आर्थिक बैक बोन और लंबा वोट बैंक गया
संजय शुक्ला 200 करोड़ से अधिक संपत्ति के मालिक है तो विशाल पटेल 140 करोड की संपत्ति के मालिक है। शुक्ला 2018 में इंदौर विधानसभा एक से विधायक रहे और इसी समय में विशाल पटेल भी देपालपुर से विधयाक रहे। इस बार दोनों चुनाव हार गए थे। इनके नाम लोकसभा प्रत्याशी के तौर पर भी चल रहे थे, हालांकि दोनों ही मना कर चुके थे। शुक्ला का इंदौर एक में अपना जनाधार था, वहीं विशाल पटेल का देपालपुर में, इनके जाने से लोकसभा में बीजेपी की लीड बढना तय है।
ये खबर भी पढ़िए...कैलाश की लालवानी पर एक और गुगली, अब कहा Union Minister भी आ सकता है इंदौर सीट पर
शुक्ला के महापौर समय से ही बीजेपी में जाने के चर्चा
शुक्ला के लिए जुलाई 2022 से ही बीजेपी में शामिल होने के कयास चल रहे थे जब महापौर चुनाव हो रहे थे औऱ् वह कांग्रेस प्रत्याशी बने थे। लेकिन बात जम नहीं पाई। फिर विधानसभा चुनाव के समय कैलाश विजयवर्गीय की ओर से कई बार ऑफर हुए लेकिन कांग्रेस सरकार बनने की उम्मीद में वह बीजेपी में नहीं गए, उस समय उन्हें विधानसभा एक या तीन नंबर से टिकट का ऑफर था।
कमलनाथ के जाने के समय भी चर्चा में आए थे नाम
कमलनाथ का जब बीजेपी में जाने की सुगबुगाहट तेज हुई, तब भी दोनों के ही नाम बीजेपी में जाने के चर्चा चली। लेकिन मामला फिर कयास तक ही सीमित रहा और जब कमलनाथ नहीं गए तो फिर दोनों के भी रास्ते उस समय बंद हो गए।
अब पचौरी के कारण गए
पचौरी के प्रदेशाध्यक्ष रहते हुए शुक्ला को पहली बार विधानसभा टिकट मिला था, शुक्ला पचौरी के कट्टर समर्थक है। अब जब पचौरी जा रहे हैं तो उन्होंने अपने साथ वालों को भी ले लिया। शुक्ला और विशाल पटेल के बहुत अच्छे संबंध है। शुक्ला की पत्नी विशाल को राखी बांधती है। वहीं दोनों के कारोबारी संबंध भी बेहतर है। वहीं विशाल भी इस बार देपालपुर में जीत के लिए आशवस्त थे लेकिन उन्हें लगता है कि अंदरूनी पार्टी के कुछ लोगों ने चोट करके उन्हें हरवाया है। इसलिए वह भी शुक्ला के सथ बीजेपी में जा रहे हैं।
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj