NEET-UG में रिटेस्ट के लिए सुप्रीम कोर्ट में लगी 52 याचिकाएं, इस पर शुक्रवार को होगी सुनवाई

Sanjay Gupta | Jul 23, 2025, 14:27 IST
Share
indore-neet-ug-retake-52-petitions
indore-neet-ug-retake-52-petitions

इंदौर में NEET-UG परीक्षा में रिटेस्ट की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 52 याचिकाएं दायर की गई हैं। वहीं, इस मामले पर शुक्रवार, 25 जुलाई को सुनवाई होगी। जानें क्या है याचिका की वजह...

इंदौर में NEET-UG परीक्षा के दौरान चार मई को हुई बारिश के कारण बिजली की समस्या के चलते लगी रिट अपील पर 14 जुलाई, सोमवार को विस्तृत 37 पन्नों का आदेश जारी किया गया था। इसमें छात्रों को कोई राहत नहीं मिली और उनकी रिटेस्ट की मांग खारिज कर दी गई। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की अपील मंजूर हो गई है। इसके खिलाफ अब सुप्रीम कोर्ट में इंदौर के 52 अभ्यर्थी गए हैं। इनकी याचिका पर शुक्रवार, 25 जुलाई को सुनवाई होगी।

सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता ने रखी बात

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई 51 याचिकाओं के लिए अधिवक्ता मृदुल भटनागर के साथ अचल सिंह बूले पेश हुए। वहीं एक अन्य याचिका के लिए अधिवक्ता कीर्ति पटवर्धन हैं। इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई के लिए रख लिया।
ये खबर भी पढ़िए...NEET-UG में सभी याचिकाएं खारिज, नहीं होगा रिटेस्ट, प्रशासन-NTA को भविष्य के लिए निर्देश

इसके पहले हाईकोर्ट के आदेश में यह हुआ

हाईकोर्ट ने रिट अपील को खारिज करते हुए विस्तृत आदेश जारी किया था। इसमें एनटीए और स्थानीय प्रशासन को यह निर्देश दिए गए थे कि इस तरह की स्थिति से बचने के लिए वह भविष्य में हवा, पानी और इन सभी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करें। परीक्षा केंद्र तय करते समय इन बातों का ध्यान रखें और भविष्य में इस तरह के हालात न आने दें।

NEET-UG में रिटेस्ट, सुप्रीम कोर्ट में लगी याचिकाएं पर एक नजर...

  • 4 मई को इंदौर में NEET-UG परीक्षा के दौरान आंधी-बारिश के कारण बिजली गुल हो गई, जिससे परीक्षा प्रभावित हुई और रिटेस्ट की मांग उठी।
  • हाईकोर्ट ने रिटेस्ट की मांग खारिज कर दी, साथ ही एनटीए और स्थानीय प्रशासन को भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के निर्देश दिए।
  • इंदौर के 52 अभ्यर्थी इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं, जहां 25 जुलाई को सुनवाई होगी।
  • एनटीए ने कहा कि परीक्षा केंद्रों में केवल 18 पर पॉवर बैकअप की समस्या थी और बाकी केंद्रों पर कोई गंभीर समस्या नहीं आई।
  • हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं के लिए रिटेस्ट संभव नहीं है क्योंकि अन्य छात्रों के चयन में कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
ये खबर भी पढ़िए...NEET-UG सुनवाई में याचिकाकर्ताओं को बोली हाईकोर्ट बेंच- हार्डलक 787 एक ही क्रैश हुआ

याचिकाकर्ता की ओर से यह तर्क दिए गए थे

अभ्यर्थियों के अधिवक्ता मृदुल भटनागर के साथ ही नितिन भाटी, चिन्मय मेहता, विवेक शरण ने लगभग 70 याचिकाएं दायर कीं और बात रखी थी। इसमें सुप्रीम कोर्ट के वंशिका यादव केस का हवाला दिया गया था, जिसमें रिटेस्ट की बात की गई थी। इसके अलावा साल भर बच्चों द्वारा मेहनत करने और एक-एक अंक के महत्व की बात भी की गई थी। साथ ही यह आरोप लगाया गया कि एनटीए ने किसी भी परीक्षा केंद्र का सीसीटीवी नहीं दिखाया और वहाँ अंधेरा था।

शासन, एनटीए की ओर से यह रखा गया पक्ष

एनटीए और शासन की ओर से कहा गया कि 49 परीक्षा केंद्रों में से केवल 18 पर पॉवर बैकअप की समस्या थी और दो केंद्रों पर दो मिनट के लिए समस्या आई थी। बाकी जगह कोई पॉवर समस्या नहीं आई या जनरेटर चालू हो गया था। इन परीक्षा केंद्रों में से एक से आल इंडिया रैंक 2 का अभ्यर्थी इंदौर से ही निकला है और 27 हजार से अधिक अभ्यर्थियों में से केवल 70 ही याचिका के लिए आए हैं। कई अन्य के चयन हुए हैं, जो रिटेस्ट नहीं चाहते। सभी ने औसतन 123 सवाल हल किए 180 में से, जो अन्य परीक्षा केंद्रों पर भी हुआ है, तो ऐसे में परीक्षा प्रभावित नहीं हुई।

ये खबर भी पढ़िए...Neet-UG मामले की अंधेरे में सुनवाई, इंदौर हाईकोर्ट ने कहा- देखते हैं अंधेरे में काम होता है या नहीं

हाईकोर्ट ने सभी पक्ष सुनने के बाद यह कहा

हाईकोर्ट ने कहा कि यह सही है कि पालक चिंतित हैं, बच्चे महंगी कोचिंग करते हैं, साल भर मेहनत करते हैं और सपने देखते हैं। लेकिन यह भी सही है कि 22 लाख परीक्षा में बैठते हैं और केवल एक लाख सीटें हैं। ऐसे में चयन प्रतिशत बहुत कम है। यह नहीं कहा जा सकता कि इन केंद्रों पर और बेहतर व्यवस्था होती तो इन्हें अधिक अंक मिलते। रिटेस्ट होने पर अधिक अंक आकर ये चयनित हो जाएंगे। सभी परिस्थितियाँ देखते हुए रिटेस्ट की अपील स्वीकार्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट में बीते साल के वंशिका केस में रिटेस्ट की बात थी, वह अलग केस था, जिसमें पेपर लीक की बात थी। वहीं एक ही कठिनाई स्तर का दो बार पेपर नहीं बन सकता है। इसलिए याचिकाएं खारिज की जाती हैं।

हाईकोर्ट से रिट अपील तक यह चला केस

इस मामले में मृदुल भटनागर अधिवक्ता के जरिए कई याचिकाएं दायर की गईं। इसमें सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि याचिकाकर्ताओं, जिन्होंने 3 जून (जिस दिन आंसर की जारी हुई) के पहले हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं, उनके लिए रिटेस्ट किया जाए। इसके बाद एनटीए अपील में गया और कई अन्य अभ्यर्थियों ने भी याचिका दायर की।

सुनवाई के दौरान बेंच ने यहां तक कहा कि क्या यह कहा जा सकता है कि 22 लाख परीक्षा में बैठे थे और फिर से एसी, लाइट दें तो वे सफल हो जाएंगे। इसे हार्डलक और बैडलक ही कहेंगे, जैसा कि 787 प्लेन एक ही बार में क्रैश हुआ, और जिसमें जो महिला पहले फ्लाइट छूटने से खुद को अनलकी मान रही थी, वह बाद में खुद को लकी मान रही थी।

चार मई को आंधी-बारिश से गई थी बिजली

इंदौर में चार मई को परीक्षा के दौरान आंधी-बारिश के कारण एक से डेढ़ घंटे तक बिजली चली गई थी। इसे लेकर याचिका दायर की गई थी और परीक्षा प्रभावित होने के कारण फिर से परीक्षा कराने की मांग की गई थी। इस पर एनटीए के रिजल्ट जारी करने पर रोक लगा दी गई थी।

बाद में एनटीए की अपील पर केवल याचिकाकर्ताओं के रिजल्ट रोके गए और बाकी के रिजल्ट जारी करने की मंजूरी दी गई। हाईकोर्ट ने फैसला देते हुए याचिकाकर्ताओं के लिए, विशेष रूप से जिनकी याचिकाएं तीन जून से पहले दायर की गई थीं, उनकी परीक्षा फिर से कराने के आदेश दिए। लेकिन अगले ही दिन एनटीए ने अपील दायर की और इसके बाद रिट पिटीशन पर आदेश पर स्टे हो गया। इसके बाद अब रिट अपील पर सुनवाई होगी। उधर इसी तरह के मद्रास हाईकोर्ट में लगे केस में हाईकोर्ट ने फिर से परीक्षा कराने की याचिका खारिज की थी।

thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃

🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧👩

NEET-UG Exam | Supreme Court | MP News

Tags:
  • Supreme Court
  • सुप्रीम कोर्ट
  • MP News
  • मध्यप्रदेश
  • इंदौर
  • NEET-UG Exam
  • NEET UG
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा