इंदौर भागीरथपुरा मामले में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर को छोड़ बाकी बीजेपी नेताओं ने झांका भी नहीं
Sanjay Gupta | Jan 03, 2026, 13:12 IST
indore bhagirathpura water crisis
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 16 लोगों की मौत हो गई। इस संकट के समय केवल मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ही मैदान में डटे रहे। अन्य बड़े नेताओं ने इस महामारी से पूरी तरह दूरी बना ली।
5 पॉइंट में समझें पूरा मामला...
ये नेता सिर्फ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के स्वागत के दौरान और रेसीडेंसी वाली बैठक तक ही दिखे। इसके अलावा मैदान में झांकने तक नहीं आए।
कांग्रेस से बीजेपी में आए संजय शुक्ला साल 2018 में इसी विधानसभा से विधायक भी रह चुके हैं। तब वह क्षेत्र में घूमकर खुब आर्थिक मदद करते थे। इस बार उन्होंने यहां से पूरी तरह से दूरी बनाकर रखी हुई है। महामारी के दौरान देखने तक नहीं पहुंचे। इनकी संपत्ति 200 करोड़ से अधिक है।
इसी तरह उनके ही परिजन और विधानसभा तीन से विधायक गोलू शुक्ला जो खुद 60 करोड़ से अधिक की संपत्ति के मालिक हैं। हाल ही में शादी कर चर्चा में आए, उन्होंने भी इस क्षेत्र में झांकना उचित नहीं समझा। ऐसे ही विधायक मधु वर्मा हो या महेंद्र हार्डिया या फिर पूर्व महापौर मालिनी गौड़ सभी ने बैठक में शामिल होने तक ही खुद को समेट कर रखा।
इसके साथ ही सांसद शंकर लालवानी ने भी इस मामले में चुप्पी ही साधे रखी। वह खुद इस एरिया में नहीं गए और ना ही किसी तरह की मदद के रूप में आगे आए। जबकि सांसद के तौर पर तो उन्होंने भी यहां से वोट लिए थे। कुल मिलाकर पूरा मामला बीजेपी नेताओं ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर तक ही सीमित मान कर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया।
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- इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से अब तक 16 लोंगो की मौत हुई है।
- इस संकट के समय मंत्री कैलाश विजयर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव मैदान में सक्रिय दिखे।
- पूर्व विधायक संजय शुक्ला इलाके में कहीं नजर नहीं आए।
- कई विधायक और पूर्व महापौर सिर्फ मीटिंग तक ही सीमित रहे।
- सांसद शंकर लालवानी ने भी इस मामले में चुप्पी ही साधे रखी।
ये नेता सिर्फ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के स्वागत के दौरान और रेसीडेंसी वाली बैठक तक ही दिखे। इसके अलावा मैदान में झांकने तक नहीं आए।
करोड़पति नेता और ऐसी दूरियां
इसी तरह उनके ही परिजन और विधानसभा तीन से विधायक गोलू शुक्ला जो खुद 60 करोड़ से अधिक की संपत्ति के मालिक हैं। हाल ही में शादी कर चर्चा में आए, उन्होंने भी इस क्षेत्र में झांकना उचित नहीं समझा। ऐसे ही विधायक मधु वर्मा हो या महेंद्र हार्डिया या फिर पूर्व महापौर मालिनी गौड़ सभी ने बैठक में शामिल होने तक ही खुद को समेट कर रखा।
सांसद तो यहां से भी वोट लेते हैं
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