इंदौर को 67 साल में इन पदों पर कभी नहीं मिली कोई महिला आईएएस
Pratibha Rana | Mar 08, 2024, 14:05 IST
इंदौर संभागायुक्त
इंदौर संभागायुक्त पूरे संभाग का सबसे बड़ा प्रशासनिक पद है, लेकिन इस पद पर कभी कोई महिला आईएएस नहीं आई। हालांकि एडिशनल कमिशनर के तौर पर कई महिलाएं रही और अभी भी महिला अधिकारी नियुक्त है, लेकिन संभागायुक्त पद नहीं मिला।
संजय गुप्ता, INDORE. मप्र की स्थापना को 67 साल हो चुके हैं। इन सालों में कई महिला आईएएस हो चुकी है। निर्मला बुच तो सबसे बड़े पद सीएस पर भी जा चुकी है, लेकिन इंदौर में अहम प्रशासनिक पदों पर कभी कोई महिला आईएएस को मौका नहीं मिला है। इन पदों पर हमेशा पुरूष आईएएस का ही दबदबा रहा है। हालांकि इंदौर नगर निगम की बात करें या पुलिस विभाग की तो इन दोनों जगह पर भी महिला आईएएस और आईपीएस कमान संभाल चुकी है।
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इंदौर संभागायुक्त (कमिशनर)- इंदौर संभागायुक्त ( Indore Divisional Commissioner ) पूरे संभाग का सबसे बड़ा प्रशासनिक पद है। लेकिन, इस पद पर कभी कोई महिला आईएएस नहीं आई। हालांकि एडिशनल कमिशनर के तौर पर कई महिलाएं रही और अभी भी महिला अधिकारी नियुक्त है, लेकिन संभागायुक्त पद नहीं मिला। यह पद सचिव स्तर का होकर सीनियर आईएएस के लिए है।
इंदौर कलेक्टर- जिले का यह सबसे बड़ा प्रशासनिक पद है। लेकिन, इस पद पर भी कभी महिला आईएएस को बैठने का मौका नहीं मिला। कभी-कभार महिला आईएएस के नाम दावेदारों में जरूर चले लेकिन इस पद पर आया कोई नहीं। हालांकि एक बात है कि कमलनाथ सरकार के समय लोकेश जाटव के बाद एक महिला अधिकारी को कलेक्टर बनाने की पूरी तैयारी हो गई थी लेकिन सरकार ही पलट गई। यह पद उप सचिव स्तर का है, हालांकि इंदौर कलेक्टर, किसी आईएएस के लिए अंतिम कलेक्टरी होती है और इसके बाद वह सचिव स्तर पर प्रमोट होत है।
वाणिज्यिक कर आयुक्त- वाणिज्यिक कर आयुक्त का मुख्यालय इंदौर है, अब इसे स्टेट जीएसटी आयुक्त कहते हैं। इस पद पर भी कभी किसी महिला आईएएस को मौका नहीं मिला है। हालांकि यहां दो अपर आयुक्त के पद आईएएस के लिए हैं, उन पर अभी दोनों महिलाएं ही है, लेकिन आयुक्त का पद किसी महिला को अभी नहीं मिला है। यह पद सचिव स्तर का होकर सीनियर आईएएस का है।
लेबर कमिशनर (श्रमायुक्त)- इसका मुख्यालय भी इंदौर ही। इस पद पर भी कभी कोई महिला आईएएस को मौका नहीं मिला है। यह पद भी स्टेट जीएसटी आयुक्त की तरह सचिव स्तर का यानि सीनियर आईएएस का पद है।
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उधर नगर निगम हो या पुलिस जैसा क्रिमिनल को सुधारने वाला हार्ड विभाग। इन दोनों महकमों की इंदौर में कमान महिलाएं संभाल चुकी है। इंदौर में तो लगातार दो महिला निगमायुक्त रही है। इसमें पहले 2012 बैच की आईएएस प्रतिभा पाल थी तो फिर इसके बाद इसी बैच की आईएएस हर्षिका सिंह के पास यह कमान है। वहीं 1990 बैच की आईपीएस अनुराधा शंकर इंदौर में आईजी रह चुकी है। इसी तरह 2006 बैच की आईपीएस रूचिवर्धन मिश्र एसएसपी बनकर इंदौर पुलिस की कमान संभाल चुकी है।
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इन पदों पर महिला आईएएस का अभी भी इंतजार
इंदौर संभागायुक्त (कमिशनर)- इंदौर संभागायुक्त ( Indore Divisional Commissioner ) पूरे संभाग का सबसे बड़ा प्रशासनिक पद है। लेकिन, इस पद पर कभी कोई महिला आईएएस नहीं आई। हालांकि एडिशनल कमिशनर के तौर पर कई महिलाएं रही और अभी भी महिला अधिकारी नियुक्त है, लेकिन संभागायुक्त पद नहीं मिला। यह पद सचिव स्तर का होकर सीनियर आईएएस के लिए है।
इंदौर कलेक्टर- जिले का यह सबसे बड़ा प्रशासनिक पद है। लेकिन, इस पद पर भी कभी महिला आईएएस को बैठने का मौका नहीं मिला। कभी-कभार महिला आईएएस के नाम दावेदारों में जरूर चले लेकिन इस पद पर आया कोई नहीं। हालांकि एक बात है कि कमलनाथ सरकार के समय लोकेश जाटव के बाद एक महिला अधिकारी को कलेक्टर बनाने की पूरी तैयारी हो गई थी लेकिन सरकार ही पलट गई। यह पद उप सचिव स्तर का है, हालांकि इंदौर कलेक्टर, किसी आईएएस के लिए अंतिम कलेक्टरी होती है और इसके बाद वह सचिव स्तर पर प्रमोट होत है।
वाणिज्यिक कर आयुक्त- वाणिज्यिक कर आयुक्त का मुख्यालय इंदौर है, अब इसे स्टेट जीएसटी आयुक्त कहते हैं। इस पद पर भी कभी किसी महिला आईएएस को मौका नहीं मिला है। हालांकि यहां दो अपर आयुक्त के पद आईएएस के लिए हैं, उन पर अभी दोनों महिलाएं ही है, लेकिन आयुक्त का पद किसी महिला को अभी नहीं मिला है। यह पद सचिव स्तर का होकर सीनियर आईएएस का है।
लेबर कमिशनर (श्रमायुक्त)- इसका मुख्यालय भी इंदौर ही। इस पद पर भी कभी कोई महिला आईएएस को मौका नहीं मिला है। यह पद भी स्टेट जीएसटी आयुक्त की तरह सचिव स्तर का यानि सीनियर आईएएस का पद है।
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निगम, पुलिस की कमान संभाल चुकी महिला अधिकारी
उधर नगर निगम हो या पुलिस जैसा क्रिमिनल को सुधारने वाला हार्ड विभाग। इन दोनों महकमों की इंदौर में कमान महिलाएं संभाल चुकी है। इंदौर में तो लगातार दो महिला निगमायुक्त रही है। इसमें पहले 2012 बैच की आईएएस प्रतिभा पाल थी तो फिर इसके बाद इसी बैच की आईएएस हर्षिका सिंह के पास यह कमान है। वहीं 1990 बैच की आईपीएस अनुराधा शंकर इंदौर में आईजी रह चुकी है। इसी तरह 2006 बैच की आईपीएस रूचिवर्धन मिश्र एसएसपी बनकर इंदौर पुलिस की कमान संभाल चुकी है।
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