सुरक्षित नहीं पत्रकार, माफिया बना रहे निशाना... ये 5 घटनाएं कह रहीं आतंक की कहानी

Manish Kumar | Mar 08, 2025, 22:44 IST
Share
journalists-attacks-in-india
दाएं से बाएं - सुशील काले, मुकुल शुक्ला (पीछे नीले चेक शर्ट में), मुकेश चंद्राकर और राघवेंद्र बाजपेई Photograph: (the sootr)

भारत में पत्रकारों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। हाल ही में पत्रकारों पर हमलों ने उनकी सुरक्षा और लोकतंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

भारत में पत्रकारों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हाल ही में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में पत्रकारों को जान से मारने की धमकियां दी गई हैं और जानलेवा हमले तक किए गए हैं। यह घटनाएं लोकतंत्र की स्वतंत्रता और पत्रकारिता की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन चुकी हैं। छत्तीसगढ़ के मुकेश चंद्राकर हत्याकांड को लेकर काफी हो-हल्ला मचा, सरकार ने पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर कई वादे भी किए, लेकिन सभी हवा-हवाई ही साबित हुए। इस बीच, मध्य प्रदेश में बीते दिनों कई जिलों में कहीं अधिकारी ही पत्रकार को धमका रहे हैं तो कहीं खनन-रेत माफिया जानलेवा हमला कर रहा है और कहीं भू-माफिया परिवार समेत जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।

शिवपुरी में पत्रकार पर रेत माफिया का हमला

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में सुशील काले नामक एक पत्रकार पर रेत माफियाओं द्वारा जानलेवा हमला किया गया। पत्रकार सुशील ने रेत माफियाओं के खिलाफ खबरें छापीं थीं, जिसके कारण उन पर यह हमला किया गया। घटना में हमलावरों ने लोहे की रॉड से उन्हें जमकर पीटा जिसके कारण पत्रकार का पैर फ्रेक्चर हो गया।

bf799c5f-7ab
bf799c5f-7ab


यह खबर भी पढ़ें... बजट में पत्रकारों के लिए बड़ी घोषणा, सरकार देगी 20 हजार रुपए

सागर में पुलिस की अनदेखी पर आत्मदाह की कोशिश

सागर जिले में एक अन्य पत्रकार, मुकुल शुक्ला, ने पुलिस की अनदेखी से परेशान होकर आत्मदाह की कोशिश की। दरअसल, पत्रकार ने एक जिला खनिज अधिकारी के खिलाफ रिपोर्ट की थी, लेकिन जब एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो पत्रकार ने चक्काजाम प्रदर्शन किया। इस दौरान, जब पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी, तो वह आत्मघाती कदम उठाने के लिए मजबूर हो गए।

c86ff2c5-037
c86ff2c5-037


उमरिया में भू-माफिया द्वारा धमकी

उमरिया जिले में एक पत्रकार, दीपक शर्मा, को भू-माफिया ने धमकी दी। दीपक शर्मा ने शासकीय भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण की खबर छापी थी। इसके बाद भू-माफिया ने उन्हें और उनकी मां को जान से मारने की धमकी दी। यह घटना दर्शाती है कि पत्रकारों को अपनी जान की सुरक्षा के लिए दिन-प्रतिदिन संघर्ष करना पड़ता है।

baf3a4e7-2f0
baf3a4e7-2f0


यह खबर भी पढ़ें... पत्रकार मुकेश चंद्राकर के नाम 50000 रुपए फैलोशिप..ठेकेदार ने ली थी जान

बीजापुर में पत्रकार की हत्या

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। हत्या के पीछे सड़क निर्माण का काम था, जिसके खिलाफ मुकेश लगातार रिपोर्टिंग कर रहे थे। इस हत्या का खुलासा एसआईटी ने किया और बताया कि यह हत्या ठेकेदार द्वारा रची गई थी, जो मुकेश की रिपोर्टिंग से नाराज था जो उसके खिलाफ लगातार खबरें छाप रहे थे।

c58a0013-08f
c58a0013-08f


यूपी के सीतापुर में पत्रकार को मारी गई गोली

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक पत्रकार, राघवेंद्र बाजपेई, को अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के दौरान राघवेंद्र को बाइक से टक्कर मारकर गिराया गया, फिर उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।

ba853ada-4c2
ba853ada-4c2


यह खबर भी पढ़ें... पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में PWD के अफसरों पर भी होगी FIR

पत्रकारों की खुद की सुरक्षा का बढ़ता संकट

पत्रकारों का काम हमेशा समाज की सच्चाई को सामने लाना होता है, लेकिन उनके लिए खुद की सुरक्षा का संकट बढ़ता जा रहा है। इन हमलों के बावजूद पत्रकार अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार रहते हैं। यह घटनाएं उनके लिए डर और चिंता का कारण बन चुकी हैं। अब समय आ गया है कि सरकार और पुलिस प्रशासन पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए। पत्रकारों की इन संघर्षों से यह भी साबित होता है कि उनकी भूमिका समाज में कितनी महत्वपूर्ण है। वह सच्चाई को उजागर करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं। और यह संघर्ष सिर्फ अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की स्वतंत्रता और हक के लिए है।

यह खबर भी पढ़ें... नक्सली भी पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या से दुखी, कही ये बड़ी बात

Tags:
  • एमपी न्यूज
  • हमला
  • पत्रकार
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच