जस्टिस अल्पेश कोगजे MP हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस हुए नियुक्त
Neel Tiwari | Sept 06, 2026, 10:59 IST
जस्टिस अल्पेश कोगजे
गुजरात हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। जानिए उनका न्यायिक सफर और जिम्मेदारियां...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को नया मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। गुजरात हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो गई है।
जस्टिस कोगजे की नियुक्ति के साथ ही द सूत्र की 10 अगस्त को प्रकाशित खबर भी सही साबित हुई है। द सूत्र ने करीब तीन सप्ताह पहले ही बता दिया था कि जस्टिस अल्पेश कोगजे मध्य प्रदेश के अगले चीफ जस्टिस बन सकते हैं। उस समय नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई थी। अब नियुक्ति होने के बाद द सूत्र की उस खबर पर पूरी तरह मुहर लग गई है।
जस्टिस अल्पेश कोगजे के नाम को लेकर द सूत्र ने 10 अगस्त को खबर प्रकाशित की थी। उस समय रिपोर्ट में बताया गया था कि उनका नाम सबसे आगे चल रहा है। कॉलेजियम की औपचारिक सिफारिश तब सामने नहीं आई थी। इसके बावजूद द सूत्र ने सूत्रों के हवाले से उनका नाम स्पष्ट किया था।
इसके बाद 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनके नाम की सिफारिश की। अब केंद्र की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्ति भी हो गई है। इस घटनाक्रम ने द सूत्र की उस रिपोर्ट को सही साबित कर दिया है। हाईकोर्ट से जुड़ी खबरों में द सूत्र की मजबूत पकड़ इससे एक बार फिर सामने आई है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 31 अगस्त 2026 को बैठक की थी। इस बैठक में तीन हाईकोर्ट के लिए नए चीफ जस्टिस की सिफारिश हुई थी। जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान भेजने की सिफारिश हुई। जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भेजने की सिफारिश हुई। वहीं जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे को मध्य प्रदेश भेजने का फैसला हुआ। वह इससे पहले गुजरात हाईकोर्ट में जज के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब उनकी नियुक्ति के साथ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की कमान उनके हाथों में आ गई है।
जस्टिस अल्पेश वाई. कोगजे का जन्म 16 जुलाई 1969 को हुआ था। उन्होंने 1990 में रसायन शास्त्र से बीएससी की डिग्री हासिल की। वर्ष 1993 में उन्होंने एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। इसी साल उन्होंने वकालत शुरू कर दी थी। वर्ष 2001 में वह सहायक सरकारी वकील बने थे। वर्ष 2002 में उन्हें अतिरिक्त लोक अभियोजक की जिम्मेदारी मिली। उन्होंने वर्ष 2007 तक इस पद पर काम किया। इस दौरान उन्हें कई अहम मामलों में काम करने का अनुभव मिला।
जस्टिस कोगजे ने 2002 के गोधरा दंगों से जुड़े मामलों में भी पैरवी की। वह विशेष जांच टीम यानी एसआईटी से जुड़े मामलों में विशेष वकील रहे। उन्होंने विशेष जांच टीम के लिए विशेष लोक अभियोजक की भूमिका निभाई। इसके अलावा एसटीएफ से जुड़े मामलों में भी काम किया। वह केंद्रीय उत्पाद शुल्क और सीमा शुल्क विभाग के स्थायी वकील भी रहे। इन जिम्मेदारियों ने उनके कानूनी अनुभव को व्यापक बनाया। उन्हें आपराधिक और दूसरे कानूनी मामलों में काम करने का अनुभव मिला।
जस्टिस अल्पेश कोगजे को 6 अप्रैल 2016 को गुजरात हाईकोर्ट का अतिरिक्त जज बनाया गया। इसके बाद 15 मार्च 2018 को वह स्थायी जज बने। करीब एक दशक के न्यायिक अनुभव के बाद उन्हें नई जिम्मेदारी मिली है। अब वह मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश होंगे। उनका कार्यकाल 15 जुलाई 2031 तक रहेगा। इस दौरान उनके सामने हाईकोर्ट के प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी होगी। लंबित मामलों का तेजी से निपटारा भी अहम चुनौती रहेगी।
जस्टिस कोगजे के मुख्य न्यायाधीश बनने से हाईकोर्ट को नया नेतृत्व मिला है। उनके सामने न्यायिक और प्रशासनिक दोनों जिम्मेदारियां रहेंगी। लंबित मामलों का निपटारा हाईकोर्ट की बड़ी प्राथमिकता रहेगा। इसके साथ ही अदालत के कामकाज को बेहतर बनाना भी चुनौती होगी। उनके लंबे न्यायिक अनुभव से बेहतर परिणाम की उम्मीद है। अब उनकी नियुक्ति के बाद कार्यभार संभालने पर सबकी नजर रहेगी।
जस्टिस अल्पेश कोगजे की नियुक्ति द सूत्र की रिपोर्टिंग के लिए भी अहम है। 10 अगस्त को ही द सूत्र ने उनके नाम की जानकारी दी थी। उस समय आधिकारिक घोषणा नहीं हुई थी। इसके बावजूद द सूत्र ने संभावित नाम को स्पष्ट रूप से सामने रखा था।
31 अगस्त को कॉलेजियम ने उसी नाम की सिफारिश कर दी। अब नियुक्ति भी हो चुकी है। इससे हाईकोर्ट और कॉलेजियम से जुड़ी खबरों में द सूत्र की मजबूत पकड़ साबित हुई है। खासकर कॉलेजियम की अंदरूनी हलचल की जानकारी पहले सामने आना बड़ी बात है।
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जस्टिस कोगजे की नियुक्ति के साथ ही द सूत्र की 10 अगस्त को प्रकाशित खबर भी सही साबित हुई है। द सूत्र ने करीब तीन सप्ताह पहले ही बता दिया था कि जस्टिस अल्पेश कोगजे मध्य प्रदेश के अगले चीफ जस्टिस बन सकते हैं। उस समय नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई थी। अब नियुक्ति होने के बाद द सूत्र की उस खबर पर पूरी तरह मुहर लग गई है।
द सूत्र ने 10 अगस्त को ही बता दिया था नाम
इसके बाद 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनके नाम की सिफारिश की। अब केंद्र की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्ति भी हो गई है। इस घटनाक्रम ने द सूत्र की उस रिपोर्ट को सही साबित कर दिया है। हाईकोर्ट से जुड़ी खबरों में द सूत्र की मजबूत पकड़ इससे एक बार फिर सामने आई है।
कॉलेजियम ने 31 अगस्त को की थी सिफारिश
वकालत से न्यायपालिका तक लंबा सफर
गोधरा मामलों और एसआईटी से जुड़े रहे
2016 में बने जज, 2018 में स्थायी हुए
MP हाईकोर्ट को मिलेगा नया नेतृत्व
द सूत्र की खबर ने फिर साबित की अंदरूनी पकड़
31 अगस्त को कॉलेजियम ने उसी नाम की सिफारिश कर दी। अब नियुक्ति भी हो चुकी है। इससे हाईकोर्ट और कॉलेजियम से जुड़ी खबरों में द सूत्र की मजबूत पकड़ साबित हुई है। खासकर कॉलेजियम की अंदरूनी हलचल की जानकारी पहले सामने आना बड़ी बात है।
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