कैलाश चंद्र पंत को मिला पद्म श्री अवार्ड, हिंदी भाषा के लिए रहा सराहनीय योगदान

Sandeep Kumar | Jan 25, 2026, 17:38 IST
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kailash chandra pant
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कैलाश चंद्र पंत मध्य प्रदेश के सीनियर जर्नलिस्ट हैं। उन्होंने हिंदी भाषा के सम्मान में महत्वपूर्ण काम किया है। पत्रकारिता करियर को विराम देने के बाद, वह दो दशकों से 'जनधर्म' साप्ताहिक मैगजीन निकालते हैं।

News in Short

  • कैलाश चंद्र पंत का नाम पद्म श्री सम्मान के लिए चुना गया है।
  • पंत ने हिंदी भाषा के सम्मान में महत्वपूर्ण योगदान किया है।
  • पंत जी दो दशकों से 'जनधर्म' साप्ताहिक मैगजीन निकालते हैं।
  • पंत ने महू में स्वध्याय विद्यापीठ और हिंदी भवन न्यास की स्थापना की।
  • उनका जन्म 26 अप्रैल 1936 को मध्य प्रदेश के महू में हुआ था।

News in Detail

25 जनवरी 2026 को पद्म पुरस्कार पाने वाले लोगों की लिस्ट जारी हुई। इनमें कई राज्यों के लोग शामिल हैं, जिन्होंने अपने काम से देश का मान बढ़ाया। मध्य प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार कैलाशचंद्र पंत का नाम भी इसमें है। सरकार ने उन्हें पद्म श्री के लिए चुना है। हिंदी भाषा के लिए उनका योगदान सराहनीय है। वह हिंदी का मान पूरे भारत में बढ़ा रहे हैं। आइए जानते हैं कैलाश चंद्र पंत बारे में...

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कौन हैं कैलाश चंद्र पंत?

कैलाश चंद्र पंत मध्य प्रदेश के सीनियर जर्नलिस्ट हैं। उन्होंने हिंदी भाषा के सम्मान में महत्वपूर्ण काम किया है। पत्रकारिता करियर खत्म करने के बाद, वह दो दशकों से 'जनधर्म' साप्ताहिक मैगजीन निकालते हैं। उन्होंने महू में स्वध्याय विद्यापीठ की स्थापना की। कैलाश चंद्र पंत ने भोपाल में हिंदी भवन न्यास और कृषि भवन को भी विकसित किया।

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अक्षरा पत्रिका के संपादक भी रहे पंत

कैलाश चंद्र पंत भोपाल से प्रकाशित पत्रिका अक्षरा के संपादक हैं। उन्हें बृजलाल द्विवेदी सम्मान मिला है। साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म श्री अवार्ड मिला है। वह साहित्य और पत्रकारिता से जुड़े सेमिनारों में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होते रहे हैं।

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कहां हुआ कैलाश चंद्र पंत का जन्म

कैलाश चंद्र पंत का जन्म 26 अप्रैल 1936 को हुआ था। पंत की माता का नाम हरिप्रिया पंत है। पिताजी का नाम स्वर्गीय लीलाधर पंत था। उनका जन्म मध्यप्रदेश के महू में हुआ था। उनका पैतृक गांव उत्तराखंड के बागेश्वर जिले का खन्तोली है।

वे हिन्दी साहित्यकार, पत्रकार और प्रमुख हिन्दीसेवी थे। उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब उन्होंने नौकरी छोड़कर स्वतंत्र प्रेस स्थापित किया और साप्ताहिक पत्र 'जनधर्म' निकाला।

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कैलाश चंद्र पंत शिक्षा

  • प्राथमिक शिक्षा - पब्लिक बॉयज प्राइमरी स्कूल, महू
  • मैट्रिक - केबीईपी मेमोरियल हाईस्कूल, महू, इंदौर
  • शिक्षा : एमए (हिन्दी) - क्रिश्चियन कॉलेज, इंदौर

प्रमुख उपलब्धियां

  1. महू में 'स्वाध्याय विद्यापीठ' की स्थापना।
  2. 22 वर्षों तक साप्ताहिक जनधर्म का नियमित प्रकाशन किया।
  3. भोपाल में किसान भवन का निर्माण और हिन्दी भवन का विकास किया।
  4. कौन किसका आदमी और धुंध के आर पार का प्रकाशन।
  5. 20 मई 1995 को भोपाल में नागरिक अभिनन्दन तथा 1 लाख 61 हजार रुपए की राशि भेंट स्वरूप प्राप्त की।
  6. मालवांचल में कूर्मांचल नामक अभिनंदन-ग्रन्थ का प्रकाशन।
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