मध्य प्रदेश में फिर महंगी हुई बिजली: अप्रैल में बढ़ीं दरें, अब मई में 5.36% का नया सरचार्ज

Neel Tiwari | May 02, 2026, 20:44 IST
Share
madhya pradesh electricity
madhya pradesh electricity

मध्य प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को लगातार दूसरे महीने झटका लगा है। अप्रैल में 4.8% टैरिफ बढ़ने के बाद अब मई 2026 से 5.36% का अतिरिक्त FPPAS सरचार्ज लागू होगा। इससे घरेलू और उद्योग दोनों के बिजली बिल और महंगे हो जाएंगे।

News in short

  • अप्रैल 2026 में पहले ही 4.8% बिजली दरें बढ़ चुकी हैं।
  • मई से 5.36% का नया FPPAS सरचार्ज लागू होगा।
  • यह चार्ज एनर्जी चार्ज पर जोड़ा जाएगा।
  • बिजली खरीद महंगी होने से बढ़ा उपभोक्ताओं पर बोझ।
  • घरेलू और औद्योगिक दोनों उपभोक्ता होंगे प्रभावित।

News in detail

मध्यप्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को लगातार दूसरे महीने महंगाई का झटका लगा है। अप्रैल 2026 में जहां 4.8% टैरिफ बढ़ाया गया था, वहीं अब मई में फिर से बिल बढ़ने जा रहा है। इस बार कारण है FPPAS यानी ईंधन एवं बिजली खरीद समायोजन सरचार्ज (adjustment surcharge) जो सीधे आपके बिजली बिल में जुड़कर जेब पर असर डालेगा।

5.36% अतिरिक्त चार्ज कैसे तय हुआ?

मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (MPPMCL) के अनुसार अप्रैल महीने के लिए FPPAS की कैलकुलेशन 5.40% आई थी। नियमों के मुताबिक 5% तो सीधे जोड़ा जाता है, जबकि बाकी हिस्से का 90% जोड़कर कुल 5.36% सरचार्ज तय किया गया। यही चार्ज अब मई के बिलों में वसूला जाएगा।



मई के बिल से लागू होगा नया सरचार्ज

यह नया सरचार्ज अप्रैल 2026 से शुरू हुए बिलिंग साइकिल पर लागू हो चुका है, जिसका असर उपभोक्ताओं को मई में आने वाले बिजली बिल में साफ दिखाई देगा। यानी अगला बिल पहले से ज्यादा भारी आने वाला है।

एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी ने यह बताई वजह

एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के अनुसार बिजली खरीद की वास्तविक लागत और अनुमानित लागत में बड़ा अंतर सामने आया है। फरवरी 2026 में बिजली खरीद की असली कीमत 3.97 प्रति यूनिट रही, जबकि अनुमान 3.66 था। इस 0.31 प्रति यूनिट के अंतर ने कंपनियों का खर्च बढ़ाया, जिसे अब उपभोक्ताओं से वसूला जा रहा है।

तीनों बिजली कंपनियों को निर्देश जारी

इस फैसले को लागू करने के लिए प्रदेश की तीनों बिजली वितरण कंपनियों इंदौर, भोपाल और जबलपुर को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। कंपनियों से कहा गया है कि वे पूरी कैलकुलेशन अपनी वेबसाइट पर डालें, ताकि उपभोक्ता खुद समझ सकें कि उनका बिल क्यों बढ़ रहा है।

आम आदमी और उद्योग दोनों पर असर

इस नए सरचार्ज का असर सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उद्योगों पर भी पड़ेगा। औसत 7.14 प्रति यूनिट की दर के आधार पर अब हर यूनिट बिजली और महंगी हो जाएगी, जिससे महंगाई का असर और गहरा सकता है।

क्या है FPPAS ?

FPPAS (Fuel and Power Purchase Adjustment Surcharge) का मतलब है 'ईंधन और बिजली खरीद समायोजन सरचार्ज'। यह बिजली बिल में लगने वाला एक अतिरिक्त शुल्क है, जो कोयले या गैस की कीमतों में बढ़ोतरी और बिजली उत्पादन/खरीद की बदलती लागत के आधार पर हर महीने बदलता है।

FPPAS की मुख्य विशेषताएं

परिवर्ती शुल्क (Variable Surcharge) फिक्स्ड नहीं होता। यह ईंधन लागत में उतार-चढ़ाव के आधार पर बढ़ता या घटता रहता है।

मासिक समायोजन: यह सरचार्ज मासिक आधार पर बिजली बिल में जोड़ा जाता है।

FPPAS का बिल पर असर
जब कोयले या गैस की कीमतें बढ़ती हैं, तो FPPAS के रूप में बिजली बिल में अतिरिक्त राशि जुड़कर आती है, जिससे बिजली बिल महंगा हो जाता है। यह पहले के 'VCA' (Variable Cost Adjustment) या 'Fuel Surcharge' का ही नया रूप है।

ये भी पढ़ें...

बिजली बिल का टेंशन खत्म! क्या है PFBR तकनीक, जिससे आम आदमी को मिलेगी सस्ती बिजली?

गर्मी में बढ़ा रहा है बिजली बिल, तो इन स्मार्ट टिप्स से ऐसे करें बचत

भाजपा विधायक कालीचरण सर्राफ बोले, महंगी बिजली के कारण राजस्थान में नहीं हो रहा निवेश

MP में बिजली महंगी होगी: 2022-23 के लिए 8.71% रेट बढ़ाने की याचिका मंजूर

Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • बिजली बिल
  • बिजली महंगी
  • बिजली उपभोक्ताओं
  • मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा