नाबालिगों से दुष्कर्म: विधायक ने मांगा न्याय का हिसाब, सरकार बोली...
Ravi Awasthi | Jan 01, 2026, 23:36 IST
MLA Bala Bachchan
एमपी में नाबालिगों से दुष्कर्म के हजारों मामले लंबित हैं। विधायक बाला बच्चन ने इस मामले को लेकर सरकार से पूछा था। सरकार ने इस मामले में जवाब दिया है।
BHOPAL. मध्यप्रदेश में नाबालिगों से दुष्कर्म के हजारों मामले वर्षों से न्यायालयों में लंबित हैं। सरकार इन पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए क्या ठोस प्रयास कर रही है। इसका स्पष्ट जवाब खुद सरकार के पास नहीं है। यह स्थिति एमपी विधानसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब से सामने आई है।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस के बाला बच्चन ने विधानसभा के जुलाई-अगस्त के सत्र में दुष्कर्म की शिकार नाबालिगों व उनकी हत्या से जुड़ा मामला उठाया था। उन्होंने लिखित सवाल में मप्र हाईकोर्ट और दोनों खंडपीठों में लंबित प्रकरणों की संख्या पूछी। सरकारी अधिवक्ताओं की मौजूदगी और पीड़ितों को न्याय दिलाने में शासन के प्रयासों की जानकारी चाही।
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करीब छह माह के अंतराल से पिछले सत्र में कांग्रेस विधायक के सवाल का जवाब आया भी तो अधूरा। इसमें लंबित प्रकरणों की संख्या तो वर्ष व न्यायालय बार बताई गई। लेकिन प्रकरणों की पैरवी में सरकारी वकीलों की मौजूदगी का रिकॉर्ड नहीं होने की बात कही गई। सरकारी प्रयासों के बारे में तो कुछ कहा ही नहीं गया।
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'द सूत्र' ने भी विधि विभाग के जिम्मेदार अफसरों से विधायक के सवालों के जवाब जानने का जतन किया। विभागीय सचिव मुकेश कुमार इस मुद्दे पर बात करने को ही राजी नहीं हुएं। वहीं अतिरिक्त सचिव प्रवीण हजारे ने यह कहकर टाल दिया,कि मैं इस बारे में कुछ भी कहने के लिए अधिकृत नहीं।
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कांग्रेस विधायक बाला बच्चन भी शासन,प्रशासन के इस रुख से निराश है। उनका कहना है कि नाबालिगों से जुड़े गंभीर अपराधों के मामलों में वर्षों तक सुनवाई चलती रहती है। कई आरोपी जमानत पर बाहर हैं। वहीं,पीड़ित परिवार न्याय की प्रतीक्षा में मानसिक पीड़ा झेल रहे हैं। उन्होंने व्यवस्था में सख्ती की जरूरत बताई।
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सदन में आई जानकारी के मुताबिक,गत 30 जून की स्थिति में नाबालिगों से दुष्कर्म के 5,847 मामलों लंबित हैं। इनमें 73 प्रकरणों में दुष्कर्म व इसके बाद पीड़िता ही हत्या किए जाने के प्रकरण भी शामिल हैं। सर्वाधिक 3575 प्रकरण जबलपुर हाईकोर्ट में विचाराधीन हैं। वहीं इसकी इंदौर खंडपीठ में 1496 व ग्वालियर बेंच में 776 केस साल 2013 से लंबित हैं। ऐसे कई मामले हैं,जिनमें सौ से डेढ़ सौ बार सुनवाई भी हो चुकी है।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस के बाला बच्चन ने विधानसभा के जुलाई-अगस्त के सत्र में दुष्कर्म की शिकार नाबालिगों व उनकी हत्या से जुड़ा मामला उठाया था। उन्होंने लिखित सवाल में मप्र हाईकोर्ट और दोनों खंडपीठों में लंबित प्रकरणों की संख्या पूछी। सरकारी अधिवक्ताओं की मौजूदगी और पीड़ितों को न्याय दिलाने में शासन के प्रयासों की जानकारी चाही।
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छह माह बाद मिला जवाब भी अधूरा
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जिम्मेदार अफसरों ने भी साधी चुप्पी
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पूर्व नेता प्रतिपक्ष बाला बच्चन भी निराश
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