एमपी में एनालॉग पनीर पर रोक अब ई-कॉमर्स पर भी लागू, आदेश जारी
Pawan Modiya | Aug 14, 2026, 21:43 IST
एनालॉग पनीर बैन
मध्यप्रदेश खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने एनालॉग पनीर पर रोक अब ई-कॉमर्स कंपनियों पर भी लागू कर दी है। इसी बीच मदर लाइट ब्रांड की लाल मिर्च और हल्दी पावडर के दो बैच असुरक्षित पाए जाने पर वापस मंगाए गए हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्यप्रदेश खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने दो बड़ी कार्रवाई की हैं।
- पहली कार्रवाई एनालॉग पनीर से जुड़ी है, जिसकी रोक अब ई-कॉमर्स कंपनियों पर भी लागू है।
- यह आदेश Blinkit, Zomato, Zepto, Flipkart और Amazon जैसी कंपनियों को भेजा गया।
- दूसरी कार्रवाई मदर लाइट ब्रांड के मसालों पर हुई है, जिनके दो बैच लैब जांच में असुरक्षित मिले।
- दोनों कार्रवाई सीधे तौर पर उपभोक्ताओं की सेहत और सुरक्षा से जुड़ी हैं।
सरकार ने निर्माण और भंडारण पर भी रोक लगाई है। इसके साथ वितरण और परिवहन पर भी रोक लागू है। संबंधित उत्पादों की बिक्री भी प्रतिबंधित कर दी गई है। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा कानून के तहत हुई है।
अब कार्रवाई सिर्फ दुकानों तक सीमित नहीं रहेगी। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी इस दायरे में आएंगे। उनके गोदामों और डार्क स्टोर की जांच होगी। वितरण केंद्रों पर भी प्रतिबंध लागू रहेगा।
सरकार ने इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया है। इसका असर मध्यप्रदेश के पूरे क्षेत्र में रहेगा। यानी किसी एक शहर तक यह कार्रवाई सीमित नहीं है।
ई-कॉमर्स कंपनियों पर निर्देश
गोदामों में ऐसे उत्पादों का संग्रहण भी नहीं होगा। डार्क स्टोर में भी इनका स्टॉक नहीं रखा जा सकेगा। वितरण केंद्रों से इनकी सप्लाई भी रोकनी होगी।
सरकार ने कई बड़ी कंपनियों का नाम भी बताया है। इनमें Blinkit, Zomato और Zepto शामिल हैं। Ondoor, Reliance और BigBasket को भी निर्देश मिले हैं। Flipkart और Amazon भी इसमें शामिल हैं।
इन कंपनियों के राज्य स्तर के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए गए हैं। उन्हें जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसका मतलब ऑनलाइन लिस्टिंग की भी जांच होगी। उपलब्ध स्टॉक की भी निगरानी की जाएगी।
ई-कॉमर्स कारोबार में डार्क स्टोर महत्वपूर्ण होते हैं। यहां सामान ग्राहकों के ऑर्डर के लिए रखा जाता है। इसलिए प्रतिबंध का असर इन केंद्रों पर भी होगा।
गोदाम और दुकानों की होगी जांच
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की उपलब्धता जांची जाएगी। गोदामों में रखे स्टॉक की भी जांच होगी। दुकानों में भी प्रतिबंधित उत्पाद देखे जाएंगे। दूसरे संबंधित प्रतिष्ठानों की भी निगरानी होगी।
अगर कहीं नियम टूटते मिले तो कार्रवाई होगी। विभाग ने इसकी स्पष्ट जानकारी दी है। कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। इसके लिए जिला स्तर पर निगरानी व्यवस्था बनाई गई है।
सरकार का मकसद प्रतिबंध का पालन कराना है। सिर्फ आदेश जारी करके कार्रवाई खत्म नहीं होगी। उपलब्ध स्टॉक की स्थिति भी देखी जाएगी। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों बाजारों पर नजर रहेगी।
क्या होता है एनालॉग पनीर
ऐसे उत्पादों में दूध की वसा बदली जा सकती है। इसकी जगह वनस्पति तेल या वनस्पति वसा इस्तेमाल होती है। दुग्ध ठोस की जगह भी दूसरी सामग्री हो सकती है। खाद्य प्रशासन ने इसी अंतर को स्पष्ट किया है।
आम ग्राहक के लिए यह अंतर समझना जरूरी है। पैकेट देखकर दोनों उत्पाद एक जैसे लग सकते हैं। लेकिन उनकी सामग्री अलग हो सकती है। इसलिए सिर्फ दिखने के आधार पर खरीदना ठीक नहीं है।
सरकार ने उपभोक्ताओं को लेबल देखने को कहा है। पैकेट पर उत्पाद का नाम जांचना जरूरी है। सामग्री की सूची भी ध्यान से देखनी चाहिए। लेबल पर दिए जरूरी विवरण भी पढ़ने चाहिए।
मदर लाइट ब्रांड की लाल मिर्च और हल्दी पावडर भी असुरक्षित
ये खबरें भी पढ़ें...
मप्र में भी प्रतिबंधित होगा एनालॉग पनीर, स्वास्थ्य राज्यमंत्री पटेल की घोषणा
MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें, 20 अफसरों को मिलेगा राष्ट्रपति पदक
सांसद आलोक शर्मा का बड़ा आरोप, भोपाल के कुछ NGO को हो रही पाक-चीन से फंडिंग
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
By VINAY VERMA
RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान
By Ashish Bhardwaj