नकली खाद के जाल में उलझे किसानों से जांच के नाम पर छल

Sanjay Sharma | Jan 31, 2025, 22:38 IST
Share
खाद डालते किसान
खाद डालते किसान

मध्यप्रदेश में मिलावटी खाद की कालाबाजारी से किसान परेशान हैं। कृषि विभाग की लापरवाही और जांच में ढील से किसानों की फसलें प्रभावित हुईं, शिकायतों पर कार्रवाई में देरी हो रही है।

BHOPAL : प्रदेश में खाद की किल्लत में किसानों को उलझाकर मिलावटी यूरिया और डीएपी की जमकर कालाबाजारी की गई। अधिकारी और मुनाफाखोरों का गठजोड़ किसानों की शिकायत पर नकली खाद की जांच को दबाने में कामयाब रहा है। कृषि विभाग की प्रयोगशालाओं में खाद के सैंपलों की जांच पर किसान सवाल उठा रहे हैं। नकली खाद से किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों की शिकायतों पर भी विभाग का मजाक जारी है। ऐसी शिकायतें विभाग में महीनों तक दबी रहती हैं और फिर केवल दिखावे के लिए जांच होती है और नतीजा कुछ नहीं निकलता। जबलपुर के किसानों की ऐसी ही शिकायतों पर विभाग के रवैए ने कार्यशैली को उजागर कर दिया है। इससे समझा जा सकता है उर्वरक गुणवत्ता की जांच के नाम पर किसानों को कैसे छला जा रहा है।

चार महीने में भी नहीं हुई शिकायत की जांच

सरकार खाद के संकट से घिरे किसानों के प्रति कितनी संवेदनशील रही है। दरअसल जबलपुर में मिलावटी खाद के मामले सामने आने पर 24 सितम्बर 2024 को किसानों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश के मुखिया डॉ.मोहन यादव, कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना को पत्र भेजे थे। शिकायत विभाग में घूमती रही और 4 महीने बाद सरकार ने इसकी सुध ली। जांच के लिए उप संचालक डॉ.अजय कौशल 24 जनवरी को किसानों के बयान दर्ज करने जबलपुर पहुंचे थे। सवाल ये है जब विभाग चार महीने में जांच नहीं कर पाया तो किसानों के कल्याण का दावा कैसे मजबूत हो सकता है।

ये खबर भी पढ़ें...

समृद्ध खेती: खाद्य प्रसंस्करण में 8.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी

इन 10 खाद्य पदार्थों में है प्लास्टिक, जानें स्वास्थ्य पर कितना असर

बिना परीक्षण ही तैयार हो रही सैंपल रिपोर्ट

जबलपुर के किसान राघवेन्द्र सिंह पटेल के अनुसार भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, सागर और उज्जैन में 6 उर्वरक गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशालाएं हैं। प्रयोगशालाओं में रबी और खरीफ सीजन के अलावा सालभर अधिकारियों द्वारा लिए गए खाद सैंपल पहुंचते हैं। अधिकारी केवल औपचारिता के तौर पर रिपोर्ट तैयार करते हैं। वहीं जिन 30 फीसदी सैंपलों की जांच होती है उनमें भी खाद विक्रेता कंपनियों से कमीशन वसूलकर उनके पक्ष में रिपोर्ट दे दी जाती है।

कमरे में ताला, उपकरण बंद, कैसे हो रहे परीक्षण

किसानों ने पीएम और सीएम से उर्वरक गुणवत्ता नियंत्रण के नाम पर जारी छलावे की शिकायत की है। किसानों ने जबलपुर स्थित प्रयोगशाला में होने वाली जांचों पर संदेह जताया है। किसानों का कहना है जबलपुर में जो प्रयोगशाला खाद के सैंपलों की जांच करती है वहां केवल दिखावा हो रहा है। नाइट्रोजन डाइजेशन कक्ष में दो साल से ताला लगा हुआ है। यहां नाइट्रोजन और फॉस्फोरस जैसे मुख्य अवयवों की मात्रा का परीक्षण संभव नहीं है। जांच में उपयोगी सुरक्षा उपकरण, मास्क भी उपलब्ध नहीं हैं।

ये खबर भी पढ़ें...

कृषि मंत्री शिवराज के बेटे का रिसेप्शन और किसानों संग बैठक एक ही दिन, जीतू ने जमकर घेरा

घर में रखा ढाई लाख किसानों का धान , केंद्रों पर टोकन बांटना किए बंद

कंपनियों के इशारे पर बदल जाते हैं जांच के नतीजे

भारतीय किसान संघ के राघवेन्द्र सिंह का आरोप है कि कृषि अधिकारियों ने प्रयोगशालाओं को कमाई का जरिया बना लिया है। यहां उर्वरक गुणवत्ता नियंत्रण के नाम पर सैंपलों की जांच रिपोर्ट मनमाने तरीके से तैयार की जाती है। खाद के सैंपल प्रयोगशाला पहुंचते ही उर्वरक विक्रेता कंपनियों के एजेंट सक्रिय हो जाते हैं। उनसे लेनदेन कर रिपोर्ट में सैंपलों को पास और मानक उर्वरकों को फेल बता दिया जाता है। किसानों ने प्रयोगशाला में कार्यरत महिला अधिकारी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं।

नकली खाद से किसानों पर दोहरी मार

फसलों की बुआई के सीजन में हर साल किसानों को खाद की किल्लत से जूझना होता है। सरकार के हजार दावों के बाद भी किसानों को जरूरत में मुताबिक यूरिया, डीएपी और दूसरे उर्वरक नहीं मिल पाते। मजबूरी में उन्हें बाजार से खाद खरीदना पड़ता है। नकली और अमानक खाद के कारण पैदावार कम होने से दोहरा नुकसान भी उठाना पड़ता है। किसान दोहरी मार झेलते हैं और उर्वरकों की गुणवत्ता नियंत्रण के लिए जिम्मेदार इसमें भी कमाई का अवसर ढूंढ लेते हैं।

Tags:
  • MP News
  • agriculture news
  • एमपी हिंदी न्यूज
  • खाद
  • Chemical Fertilizer
  • Fertilizer
  • नकली खाद-बीज
  • खाद की स्थिति
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई