एमपी सरकार ने गेहूं-धान खरीद से किया इनकार, कर्ज संकट के चलते केंद्र से मदद मांगी

Amresh Kushwaha | Nov 03, 2025, 14:19 IST
Share
mp-gehun-dhan-kharidi-loan-crisis-story
mp-gehun-dhan-kharidi-loan-crisis-story

एमपी सरकार के 77 हजार करोड़ रुपए के कर्ज के कारण गेहूं-धान की सरकारी खरीद रोक दी है। अब केंद्र से खरीदी की जिम्मेदारी लेने की गुहार लगाई गई है। इससे किसानों पर असर पड़ने की आशंका है।

BHOPAL. मध्य प्रदेश सरकार ने गेहूं-धान की खरीद से इनकार कर दिया है। इसके पीछे राज्य पर 77 हजार करोड़ का कर्ज और बढ़ते खर्च सबसे बड़ी वजह बताए गए हैं। सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर अपील की है कि अब आप ही किसानों से गेहूं-धान खरीदें।

जानें क्या बदल जाएगी खरीद की प्रक्रिया?

आमतौर पर राज्य सरकार किसानों से गेहूं-धान खरीदती है और फिर भारतीय खाद्य निगम उसे लेता है। सरकार के नए प्रस्ताव में अब केंद्र सरकार की सीधी भूमिका हो सकती है। इससे राज्य का नागरिक आपूर्ति निगम प्रक्रिया से बाहर हो जाएगा।

ये खबर भी पढ़िए...सीएम मोहन यादव का बड़ा फैसला, भावांतर योजना में सोयाबीन खरीदी में FAQ की बाध्यता खत्म



किसानों के लिए क्या बदल जाएगा?

सरकार का कहना है कि किसानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। लेकिन जानकारों का कहना है कि FCI के सख्त नियमों की वजह से कई किसान अपनी फसल बेच नहीं पाएंगे। ऐसे में उन्हें फसल औने-पौने भाव में निजी व्यापारियों को बेचनी पड़ सकती है।

ये खबर भी पढ़िए...भावांतर योजना में सोयाबीन खरीदी शुरू, लेकिन मॉडल रेट अभी नहीं; किसानों को डर, भाव ना गिरा दें व्यापारी

पहले 5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला

  1. राज्य सरकार ने भारी कर्ज के कारण गेहूं-धान खरीदने से हाथ खींच लिए हैं।
  2. मुख्यमंत्री ने केंद्र को पत्र लिखकर सीधे खरीद की अपील की है।
  3. कर्ज की वापसी और खर्च की प्रतिपूर्ति में राज्य को बड़ी दिक्कत रही।
  4. व्यवस्था बदलने पर FCI द्वारा सख्त गुणवत्ता के मानक लागू होंगे।
  5. किसानों को उपज बेचने में दिक्कत और आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ी है।

सरकार को खरीद में हर साल बड़ा घाटा

प्रदेश सरकार हर साल भारी मात्रा में गेहूं-धान खरीदती है। इस साल करीब 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया, लेकिन सरकारी वितरण में इसका बहुत थोड़ा हिस्सा जाता है। बाकी अनाज FCI के पास जाता है, और पूरे खर्च की जिम्मेदारी राज्य सरकार पर होती है।

ये खबर भी पढ़िए...MP News: भावांतर योजना में किसानों को झटका, शासन का पत्र- FAQ गुणवत्ता का ही सोयाबीन इसमें लेंगे

कर्ज और रकम की वापसी में राज्य की परेशानी

खरीद की रकम के भुगतान में राज्य सरकार को काफी परेशानी होती है। बैंकों से हजारों करोड़ का कर्ज उठाकर अनाज खरीदा जाता है। FCI के भुगतान में 2-3 साल लग जाते हैं। कई बार पूरी राशि नहीं मिलती और राज्य को बड़ा घाटा उठाना पड़ता है।

बदलाव के पक्ष में और विरोध में भी राय

राज्य सरकार के मुताबिक व्यवस्था बदलने से प्रदेश की फीसली बचत होगी। वहीं कर्मचारी संघ और विपक्ष का कहना है कि इससे किसानों को बड़ा नुकसान हो सकता है। विपक्ष ने सरकार पर किसानों के हितों को अनदेखा करने का आरोप लगाया है।

ये खबर भी पढ़िए...जीतू पटवारी के प्रदर्शन को शिवराज सिंह चौहान ने बताया मीडिया स्टंट, बोले- सोयाबीन की बात, लाए गेहूं का बोरा

क्या बोले विशेषज्ञ और पूर्व अधिकारी?

रिटायर्ड अधिकारी मानते हैं कि नागरिक आपूर्ति निगम की खराब स्थिति का कारण कुप्रबंधन है। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि FCI के पास किसानों की चिंता कम होगी, जिससे वे निजी व्यापारियों के भरोसे रह जाएंगे।

आगे क्या होगा, केंद्र को लेना है फैसला

अब अंतिम फैसला केंद्र सरकार को लेना है कि खरीद की प्रक्रिया कैसी होगी। किसानों की नजर सरकार की अगली नीति पर टिकी है।

FAQ

  1. क्या केंद्र सरकार ने अभी गेहूं-धान की खरीद का निर्णय लिया है?
    अभी केंद्र सरकार ने अंतिम फैसला नहीं लिया है। प्रस्ताव पर विचार हो रहा है।
  2. किसानों को अब फसल बेचने में कौनसी दिक्कत आ सकती है?
    FCI के सख्त मानकों से फसल रिजेक्ट हो सकती है और किसानों को औने-पौने दाम मिलने की आशंका है।
  3. मध्यप्रदेश सरकार ने गेहूं-धान की खरीद बंद क्यों की?
    खरीदी, भंडारण व भुगतान के खर्च के कारण राज्य पर कर्ज का बोझ बहुत बढ़ गया है।
Tags:
  • MP News
  • मध्यप्रदेश
  • CM Mohan Yadav
  • सीएम मोहन यादव
  • केंद्र सरकार
  • मध्य प्रदेश सरकार
  • राज्य सरकार
  • गेहूं-धान की खरीद
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती