MP में अब इको-फ्रेंडली होगी हर सरकारी बिल्डिंग, दो मई को तय होंगे सख्त नियम
Ramanand Tiwari | Apr 30, 2026, 22:33 IST
buildings green
मध्य प्रदेश में 2 मई को होने वाले कार्यक्रम में इको-फ्रेंडली बिल्डिंग के नए मानक तय किए जाएंगे। सरकारी इमारतों में ऊर्जा की बचत और पर्यावरण संरक्षण के लिए सख्त नियम लागू होंगे।
मध्यप्रदेश में अब सरकारी इमारतें पुराने ढर्रे पर नहीं बनेंगी। 2 मई को होने वाले बड़े तकनीकी कार्यक्रम में तय होगा कि आगे बनने वाली हर नई बिल्डिंग इको-फ्रेंडली बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर बने। यानी ऐसी इमारतें, जहां हवा-पानी की कमी न हो, ऊर्जा की बचत हो और पर्यावरण पर असर लगभग शून्य रहे। इस फैसले का असर सिर्फ MP ही नहीं, पूरे देश की निर्माण एजेंसियों पर दिखेगा।
इको-फ्रेंडली बिल्डिंग का मतलब सिर्फ हरियाली नहीं, बल्कि पूरी सोच बदलना है। ऐसी इमारतें डिजाइन की जाती हैं जहां प्राकृतिक रोशनी और हवा का पूरा उपयोग हो। पानी और बिजली की खपत कम हो, और कार्बन उत्सर्जन न्यूनतम रहे। इसमें वेंटिलेशन, ओपन स्पेस, ऊर्जा दक्ष तकनीक और पर्यावरण संतुलन सब कुछ एक साथ प्लान किया जाता है।
अब तक कई सरकारी बिल्डिंग्स में बंद ढांचे की शिकायत रहती थी। कई जगहों पर पर्याप्त रोशनी और हवा नहीं मिलती थी। एसी और बिजली पर निर्भरता ज्यादा थी, जिससे खर्च भी बढ़ता था और पर्यावरण पर दबाव भी। इको-फ्रेंडली कॉन्सेप्ट इन कमियों को सीधे तौर पर टारगेट करता है।
नई इमारतों में ओपन स्पेस, बड़े विंडो एरिया और नैचुरल एयर फ्लो पर फोकस रहेगा। ऊर्जा बचाने के लिए सोलर पावर, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और स्मार्ट डिजाइन अपनाया जाएगा। स्ट्रक्चर ऐसा होगा कि कम संसाधनों में ज्यादा उपयोग हो सके यानी ‘सेल्फ-सस्टेनेबल’ बिल्डिंग।
इको-फ्रेंडली बिल्डिंग को गुणवत्ता के आधार पर रेटिंग दी जाती है। जैसे 3-स्टार, 4-स्टार और 5-स्टार। यह रेटिंग अलग-अलग एजेंसियां देती हैं, जो बिल्डिंग की ऊर्जा बचत, डिजाइन और पर्यावरण प्रभाव को देखकर तय होती है।
इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस का यह आयोजन सिर्फ एक मीटिंग नहीं, बल्कि पॉलिसी सेट करने वाला मंच है। देशभर से करीब 1000 इंजीनियर, आर्किटेक्ट और टेक्निकल एक्सपर्ट इसमें शामिल होंगे। इनके अलावा कार्यक्रम में सीएम मोहन यादव, पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह के साथ इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व चेयरमैन चिन्मय देवनाथ, फाउंडर ओ.पी. गोयल और प्रेसिडेंट की मौजूदगी रहेगी। यहां जो भी निर्णय लिए जाएंगे, उन्हें पूरे देश में लागू करने की दिशा में काम होता है।
मध्य प्रदेश की प्रमुख निर्माण एजेंसियां PWD, हाउसिंग बोर्ड, भवन विकास निगम और अन्य विभागों के इंजीनियर इसमें भाग लेंगे। साथ ही देशभर के एक्सपर्ट इको-फ्रेंडली बिल्डिंग के नए ट्रेंड और तकनीक साझा करेंगे।
PIU के ENC एस.आर. बघेल के मुताबिक, अब MP में बनने वाली नई सरकारी बिल्डिंग्स इको-फ्रेंडली कॉन्सेप्ट पर ही आधारित होंगी। डिजाइन से लेकर निर्माण तक हर स्तर पर नए मानकों का पालन अनिवार्य किया जाएगा।
कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी मंत्री राकेश सिंह ने चीफ इंजीनियर संजय मस्के को सौंपी गई है। साथ ही साफ संकेत दिया गया है कि निर्माण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। अगर कोई एजेंसी नियमों का पालन नहीं करती, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि जो फैसले 2 मई को होंगे, उन्हें जमीन पर कितनी तेजी और ईमानदारी से लागू किया जाता है।अगर यह मॉडल सही तरीके से लागू हुआ, तो मध्य प्रदेश सरकारी निर्माण के मामले में एक नया मानक तय कर सकता है।
MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें
एमपी में 1000 के करीब पहुंची बाघों की संख्या, सरकार ने WII से पूछा- जंगल कितने बाघों के लिए पर्याप्त
एमपी में किसान हेल्पलाइन और डैशबोर्ड लॉन्च, सीएम मोहन यादव ने खुद फोन कर परखी व्यवस्था
2 मई से शुरू एमपी अतिथि शिक्षक भर्ती 2026 प्रक्रिया, डिजिटल स्कोर कार्ड से होगा चयन, जानें डिटेल
क्या है इको-फ्रेंडली बिल्डिंग कॉन्सेप्ट?
अब तक क्या समस्या थी?
इको-फ्रेंडली बिल्डिंग कैसे होगी अलग?
स्टार रेटिंग भी मिलेगी
2 मई का कार्यक्रम क्यों अहम?
कौन-कौन होंगे शामिल?
सरकार की क्या तैयारी है?
जिम्मेदारी और सख्ती दोनों
इको-फ्रेंडली बिल्डिंग के फायदे
- बिजली और पानी की खपत में कमी।
- बेहतर वेंटिलेशन और प्राकृतिक रोशनी।
- पर्यावरण पर न्यूनतम असर।
- लंबे समय में कम मेंटेनेंस खर्च।
- काम करने वालों के लिए बेहतर माहौल।
बड़ा सवाल अब क्या?
ये खबरें भी पढ़ें...
एमपी में 1000 के करीब पहुंची बाघों की संख्या, सरकार ने WII से पूछा- जंगल कितने बाघों के लिए पर्याप्त
एमपी में किसान हेल्पलाइन और डैशबोर्ड लॉन्च, सीएम मोहन यादव ने खुद फोन कर परखी व्यवस्था
2 मई से शुरू एमपी अतिथि शिक्षक भर्ती 2026 प्रक्रिया, डिजिटल स्कोर कार्ड से होगा चयन, जानें डिटेल
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari