मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना पर खर्च शिक्षा बजट के 42 फीसदी के बराबर पहुंचा
Sourabh Bhatnagar | Aug 10, 2026, 15:04 IST
mp ladli bahna scheme mp cg budget
देश के 12 राज्यों में महिलाओं को हर महीने सीधे पैसे देने वाली स्कीम पर भारी खर्च हो रहा है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में यह खर्च शिक्षा और स्वास्थ्य बजट को कैसे प्रभावित कर रहा है, पूरी पड़ताल।
महिला कैश ट्रांसफर योजना बजट पर कितना भारी पड़ रही है
9520ec9c-377
समझें क्या है मामला
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ भी इस लिस्ट में शामिल हैं। सवाल यह उठता है कि इतना बड़ा खर्च शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे जरूरी सेक्टर से पैसा तो नहीं खींच रहा है।
आपसे क्यों जुड़ा है यह
पहले क्या था हाल
2023 के बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई। मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना ने यह ट्रेंड शुरू किया। इसके बाद कर्नाटक, महाराष्ट्र और अब दिल्ली तक हर राज्य बिना शर्त वाली कैश स्कीम लेकर आया। यानी अब महिला की उम्र और आय ही शर्त है, कोई और काम पूरा करने की जरूरत नहीं।
आंकड़े साफ तस्वीर दिखाते हैं
लेकिन असल बात यह है कि राज्यों के पास पैसा बनाने के नए रास्ते सीमित हैं। 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट के अनुसार लगभग 44 फीसदी राज्य खर्च तो पहले से ब्याज, पेंशन और वेतन में बंधा है। यानी नई स्कीम के लिए पैसा या तो कर्ज से आएगा या पुराने खर्चों में कटौती से।
झारखंड, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में जहां यह स्कीम सबसे बड़ी है, वहां इसका खर्च शिक्षा बजट के आधे से भी ज्यादा है। सोचिए एक बार। अगर स्कूल के बजट का आधा हिस्सा एक ही स्कीम में चला जाए, तो नई कक्षाएं, नए शिक्षक, नई किताबें कहां से आएंगी?
महाराष्ट्र में एक बड़ी घटना इसी जोखिम की मिसाल है। लाड़की बहिन योजना के तहत जांच में 92 लाख महिलाएं अपात्र निकलीं। तब तक करीब 14,000 करोड़ रुपए उनके खातों में जा चुके थे। यह पैसा अब वापस लेना आसान नहीं।
फिर भी इसका एक दूसरा पहलू भी है। EAC-PM की एक स्टडी बताती है कि महाराष्ट्र में इस स्कीम से महिलाओं के बैंक बैलेंस में औसतन करीब 84 फीसदी का इजाफा हुआ। यानी पैसा असल में महिलाओं के हाथ में पहुंच रहा है, सिर्फ कागजों पर नहीं।
कौन-कौन है मैदान में
दोनों तरफ की दलील
समर्थकों का कहना है कि पैसा सीधे महिला के खाते में जाने से घर के फैसलों में उसकी भागीदारी बढ़ती है। आलोचकों की दलील है कि बिना शर्त पैसा देने से स्किल डेवलपमेंट या रोजगार जैसी असली समस्या अनसुलझी रह जाती है।
MP और CG की तस्वीर
875bd99e-d75
क्यों बढ़ रहा है बोझ, और क्यों घट रही है लिस्ट
लेकिन सवाल यह है कि इतना बड़ा खर्च आ कहां से रहा है? राज्य का कुल बजट 2026-27 में 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए का है। यानी हर 100 रुपए के बजट में से करीब साढ़े पांच रुपए सिर्फ इस एक योजना पर जाते हैं। पहले से प्रकाशित एक डेटा विश्लेषण के अनुसार, 2025-26 में यह खर्च राज्य के शिक्षा बजट के करीब 42 फीसदी और स्वास्थ्य बजट के करीब 99 फीसदी के बराबर बैठता था।
और यहीं से मामला दिलचस्प हो जाता है। जिस तरफ बजट बढ़ रहा है, उसी तरफ लाभार्थियों की संख्या घट भी रही है। पिछले ढाई साल में साढ़े पांच लाख से ज्यादा महिलाओं के नाम योजना से हट चुके हैं। अकेले इंदौर जिले में 19 हजार से ज्यादा नाम कटे। कुछ नाम उम्र 60 साल पार करने की वजह से हटे। कुछ ई-केवाईसी पूरी न होने की वजह से। कुछ महिलाओं ने खुद ही लाभ छोड़ दिया।
ladli behna mp
सोचिए एक बार...
छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना (Chhattisgarh Mahtari Vandan Yojana) मार्च 2024 में शुरू हुई, 1,000 रुपए महीने की दर से। यह राज्य खर्च का 3.34 फीसदी, शिक्षा बजट का 21.40 फीसदी और स्वास्थ्य बजट का 60.40 फीसदी है। और यहीं से मामला दिलचस्प हो जाता है। छत्तीसगढ़ में हाल में असेंबली में यह मुद्दा गरमाया, जब सरकार ने बताया कि पात्रता जांच में 1.55 लाख महिलाओं के नाम सूची से हटाए गए।
आगे क्या होगा
वो बात जो पता नहीं थी
अब आप क्या करें: अपने राज्य के बजट दस्तावेज में देखें कि शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च किस दिशा में जा रहा है।
क्यों अभी: नया वित्तीय वर्ष शुरू होते ही राज्यों के बजट आवंटन सामने आएंगे।
आगे देखें: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अगले बजट सत्र में स्वास्थ्य-शिक्षा आवंटन पर नजर रखें।
यह खबर क्यों जरूरी है?
स्रोत
- PRS Legislative Research डेटा
FAQ
- सवाल 1: भारत में कितने राज्यों में महिला कैश ट्रांसफर योजना है?
2025-26 तक 12 से ज्यादा राज्यों में ऐसी स्कीम चल रही है, जबकि तीन साल पहले सिर्फ दो राज्यों में थी। - सवाल 2: मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना में कितना पैसा मिलता है?
मध्य प्रदेश में पात्र महिलाओं को अभी हर महीने 1,500 रुपए मिलते हैं, जो जून 2023 में 1,000 रुपए से शुरू हुई थी। - सवाल 3: क्या लाड़ली बहना योजना जैसी स्कीम शिक्षा और स्वास्थ्य बजट को प्रभावित करती है?
हां, कुछ राज्यों में इन स्कीमों पर खर्च शिक्षा और स्वास्थ्य बजट के आधे से भी ज्यादा पहुंच गया है, जिससे विशेषज्ञ चिंता जता रहे हैं।
ये खबरें भी पढ़ें...
लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त जल्द, क्या रक्षाबंधन पर मोहन भैया देंगे बड़ा तोहफा?
लाड़ली बहना योजना की नहीं मिली पात्रता: नियमों के जाल में फंसी MP की 5 लाख बहनें
लाड़ली बहना योजना: हर महीने घट रहीं लाड़ली बहना, तीन साल से नई एंट्री बंद
सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
By Umeshwari Baghel
RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान
By Ashish Bhardwaj
वेदांता ग्रुप को जल्द नया और युवा नेतृत्व मिलेगा: प्रिया अग्रवाल हेब्बर हो सकती हैं उत्तराधिकारी, कौन सी जिम्मेदारी मिलेगी?
By Arohi Raj
हाईकोर्ट की फटकार से जागा स्वास्थ्य विभाग: सचिव अमित कटारिया पर लगा जुर्माना, लापरवाही में कांकेर CMHO सस्पेंड
By Umeshwari Baghel
बंटी नागर सुसाइड केस: रियल एस्टेट कारोबारी की मौत पर तीन महिलाएं पुलिस के राडार पर
By Sanjay Gupta