कल मिल सकता है मध्य प्रदेश रेरा का नया अध्यक्ष और सदस्य, ये नाम हैं कतार में
Sourabh Bhatnagar | Aug 12, 2026, 14:01 IST
mp rera new chairman appointment
मध्य प्रदेश रेरा में नए अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। कल यानी 13 अगस्त को होने वाली बैठक में रेरा चेयरमैन, सदस्य और रेरा अपीलीय ट्रिब्यूनल (REAT) के सदस्य के नामों पर फैसला हो सकता है।
करीब चार महीने से खाली पड़ी मध्यप्रदेश रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) के अध्यक्ष पद की तलाश अब आखिरी पड़ाव पर पहुंचती दिख रही है। कल यानी 13 अगस्त को होने वाली अहम बैठक में रेरा को नया चेयरमैन, नया सदस्य और साथ ही अपीलीय ट्रिब्यूनल (REAT) का सदस्य भी मिल सकता है।
तीनों अहम पदों पर नियुक्ति को लेकर कल एक ही दिन बैठक होनी है, जिससे रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े लोगों की निगाहें अब इसी बैठक पर टिकी हैं।
रेरा अध्यक्ष पद के लिए कुल 12 नाम विचाराधीन हैं। जिनमें से तीन नाम रिटायर्ड आईएएस (mp ias news) अधिकारियों के हैं। इनमें शैलेंद्र सिंह, रविंद्र सिंह और जेएन कंसोटिया जैसे अनुभवी अफसरों के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं।
बताया जा रहा है कि ये तीनों नाम शॉर्टलिस्ट की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं। कल की बैठक में इन्हीं में से किसी एक पर मुहर लग सकती है।
अध्यक्ष पद के साथ-साथ रेरा सदस्य के खाली पद के लिए भी नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। इस पद के लिए 8 नाम सामने आए हैं, जिनमें सुरेश कुमार, संजय गुप्ता औररविंद्र सिंह का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है।
इसके अलावा रेरा अपीलीय ट्रिब्यूनल (REAT) में सदस्य पद के लिए भी 6 नाम रेस में हैं। इसमें भी रविंद्र सिंह और सुरेश कुमार के नाम की चर्चा तेज है। गौरतलब है कि ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष पद पर पहले ही रिटायर्ड हाईकोर्ट जज जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की नियुक्ति हो चुकी है। अब सदस्य पद की कमी पूरी होने का इंतजार है। दिलचस्प है कि रविंद्र सिंह ने तीनों पदों के लिए आवेदन किया है।
मध्य प्रदेश रेरा के अध्यक्ष का पद अप्रैल 2026 से खाली चल रहा है। इसी तरह mp reraअपीलीय ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष का पद भी मार्च 2026 में जस्टिस वीपीएस चौहान का कार्यकाल पूरा होने के बाद से रिक्त हो गया था। हालांकि यह पद अब भरा जा चुका है।
चेयरमैन पद खाली होने से रेरा में कई सुनवाइयां अटकी रहीं और बिल्डरों के करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट फंसे रहे। मामला एमपी हाईकोर्ट तक पहुंचा, जहां कोर्ट ने साफ कहा कि ट्रिब्यूनल और अथॉरिटी में शीर्ष पद खाली रहने से आम लोगों को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा। कोर्ट ने मुख्य सचिव को तुरंत नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए थे।
शुरुआत में एमपी सरकार ने 16 रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों की सूची तैयार कर हाईकोर्ट रजिस्ट्रार को भेजी थी। जिसमें पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस सहित कई नाम शामिल थे। लेकिन हाईकोर्ट ने इस प्रक्रिया पर सख्त रुख अपनाते हुए फाइल नगरीय विकास विभाग को वापस लौटा दी और स्पष्ट किया कि यह पद सिर्फ रिटायर्ड आईएएस अफसरों के लिए आरक्षित नहीं है। इसके बाद सार्वजनिक विज्ञापन निकालकर नए सिरे से आवेदन मंगाए गए। इसके बाद अब 12 नामों की सूची सामने आई है।
अगर कल की बैठक में तीनों पदों पर नियुक्तियां हो जाती हैं, तो मध्य प्रदेश रेरा और उसके ट्रिब्यूनल का कामकाज पूरी तरह पटरी पर लौट सकता है। फिलहाल रेरा चेयरमैनकी गैर-मौजूदगी में सिर्फ सदस्य ही कामकाज संभाल रहे हैं, जिससे कई अहम फैसले और सुनवाइयां लंबित पड़ी हैं। कल की बैठक के नतीजे यह तय करेंगे कि आखिरकार यह करीब चार महीने लंबा इंतजार खत्म होता है या नहीं।
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तीनों अहम पदों पर नियुक्ति को लेकर कल एक ही दिन बैठक होनी है, जिससे रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े लोगों की निगाहें अब इसी बैठक पर टिकी हैं।
चेयरमैन पद के लिए 12 नाम, तीन IAS अफसर रेस में सबसे आगे
बताया जा रहा है कि ये तीनों नाम शॉर्टलिस्ट की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं। कल की बैठक में इन्हीं में से किसी एक पर मुहर लग सकती है।
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रेरा ट्रिब्यूनल सदस्य पद के लिए 6 नाम
आखिर चार महीने से क्यों खाली पड़ा है अध्यक्ष का पद?
चेयरमैन पद खाली होने से रेरा में कई सुनवाइयां अटकी रहीं और बिल्डरों के करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट फंसे रहे। मामला एमपी हाईकोर्ट तक पहुंचा, जहां कोर्ट ने साफ कहा कि ट्रिब्यूनल और अथॉरिटी में शीर्ष पद खाली रहने से आम लोगों को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा। कोर्ट ने मुख्य सचिव को तुरंत नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए थे।
शुरुआत में एमपी सरकार ने 16 रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों की सूची तैयार कर हाईकोर्ट रजिस्ट्रार को भेजी थी। जिसमें पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस सहित कई नाम शामिल थे। लेकिन हाईकोर्ट ने इस प्रक्रिया पर सख्त रुख अपनाते हुए फाइल नगरीय विकास विभाग को वापस लौटा दी और स्पष्ट किया कि यह पद सिर्फ रिटायर्ड आईएएस अफसरों के लिए आरक्षित नहीं है। इसके बाद सार्वजनिक विज्ञापन निकालकर नए सिरे से आवेदन मंगाए गए। इसके बाद अब 12 नामों की सूची सामने आई है।
कल की बैठक क्यों अहम है?
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