नेशनल गेम्स के आंकड़ों ने MP के खेल सिस्टम पर उठाए सवाल
Ramanand Tiwari | Aug 26, 2026, 21:50 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने नेशनल गेम्स से लेकर बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों तक अपनी क्षमता दिखाई है, लेकिन सीमित सरकारी संसाधन और प्रतिभाओं को लंबे समय तक तैयार करने की व्यवस्था पर अब नए सिरे से सवाल उठ रहे हैं।
ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...
- नेशनल गेम्स में MP के खिलाड़ियों ने दम दिखाया
- कई विश्वविद्यालयों ने पदक तालिका में जगह बनाई
- तैराकी में खिलाड़ियों ने बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं
- सरकारी कोच के आठ पदों में दो ही भरे
- विभाग का दावा, विशेषज्ञ कोच भी मैदान में
नेशनल गेम्स के प्रदर्शन, विश्वविद्यालयों की हिस्सेदारी, खिलाड़ियों को मिली पुरस्कार राशि और प्रदेश में उपलब्ध प्रशिक्षक व्यवस्था को एक साथ देखें तो खेल सिस्टम की एक दूसरी तस्वीर सामने आती है।
यही इस पूरी कहानी का अलग पहलू है। सवाल यह नहीं कि खिलाड़ी सक्षम हैं या नहीं। सवाल यह है कि इस प्रतिभा को लगातार आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश की व्यवस्था कितनी तैयार है।
यूनिवर्सिटी खिलाड़ियों ने दिखाई ताकत
इन संस्थानों के खिलाड़ियों ने अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक हासिल किए। आंकड़ों में रैंक 26, 27, 40, 65, 88, 94, 98, 131, 132 और 140 तक की स्थिति भी दर्ज है।
यह तस्वीर बताती है कि प्रदेश में प्रतिभा की कमी नहीं है। कई विश्वविद्यालय खेलों में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं और खिलाड़ी प्रतिस्पर्धी स्तर पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
तैराकी ने दिखाया पदकों का दम
आरोन डिसूजा के खाते में तीन गोल्ड, एक सिल्वर और पांच ब्रॉन्ज दर्ज हैं। उनके लिए 21 लाख 60 हजार रुपये की पुरस्कार राशि का उल्लेख किया गया है।
संदीप सेजवाल ने चार गोल्ड और दो ब्रॉन्ज पदक जीते। उपलब्ध आंकड़ों में उनके लिए कुल 60 लाख 80 हजार रुपये की राशि दर्ज है। इन उपलब्धियों का महत्व इसलिए भी है क्योंकि खिलाड़ी तभी बड़े मंच पर टिकता है, जब उसके पीछे लगातार प्रशिक्षण और बेहतर खेल वातावरण हो।
असली सवाल: व्यवस्था कितनी टिकाऊ?
दूसरे राज्यों के आंकड़े इस अंतर को और स्पष्ट करते हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक हरियाणा में 480, पंजाब में 158, महाराष्ट्र में 125 और चंडीगढ़ में 58 कोच बताए गए हैं।
यह तुलना अपने आप में कोई निष्कर्ष नहीं देती, लेकिन यह जरूर पूछती है कि मध्यप्रदेश में बढ़ती खेल प्रतिभा के अनुपात में प्रशिक्षक और विशेषज्ञ संसाधनों का विस्तार कितनी तेजी से हुआ है।
विभाग का जवाब भी जानिए
यादव का कहना है कि खेल प्रशिक्षण की व्यवस्था सिर्फ नियमित सरकारी पदों तक सीमित नहीं है। विशेषज्ञ और अनुबंधित प्रशिक्षकों को भी इससे जोड़ा गया है, जिनके मार्गदर्शन में प्रदेश के खिलाड़ी बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में पहुंचे हैं।
विभाग का पक्ष यह है कि इसी व्यवस्था के जरिए खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी मिल रही है और कुछ खिलाड़ी पदक तक पहुंच रहे हैं।
प्रतिभा बनाम सिस्टम
विश्वविद्यालयों से खिलाड़ी निकल रहे हैं। नेशनल गेम्स में प्रदर्शन हो रहा है। तैराकी जैसी स्पर्धाओं में बड़े पदक मिल रहे हैं। पुरस्कार राशि भी दी जा रही है।
अब अगला सवाल यह है कि क्या यह सफलता एक मजबूत और स्थायी खेल व्यवस्था का परिणाम है या प्रतिभाशाली खिलाड़ियों और उपलब्ध संसाधनों के बीच बनी जुगलबंदी का?
यही सवाल मध्यप्रदेश के खेल मॉडल की अगली परीक्षा तय कर सकता है। क्योंकि एक-दो प्रतियोगिताओं में सफलता से आगे बढ़कर किसी प्रदेश को खेल शक्ति बनाने के लिए मजबूत प्रशिक्षण नेटवर्क, विशेषज्ञ सपोर्ट और लगातार तैयार होने वाली नई प्रतिभाओं की जरूरत होती है।
ये खबरें भी पढ़ें...
भोपाल में SC और ED का डर दिखाकर दंपती को रखा 97 दिन डिजिटल अरेस्ट
एमपी के सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, सीएम का ऐलान, अब हर साल होगी DPC
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय क्यों बोले- अच्छा है शक्कर के दाम बढ़ गए...
तलाकशुदा प्रेमिका के प्यार में 1121 किमी पहुंचा युवक, खाया जहर, पढ़ें लव स्टोरी
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कारंजा ही क्यों जा रहे? बालासाहेब देवरस के गांव में सेवा की नई कसौटी
By Ramanand Tiwari
MP Engineering College में 41 हजार सीटें खाली, छात्र अब डिग्री नहीं प्लेसमेंट और फैकल्टी देखकर चुन रहे कॉलेज
By Ramanand Tiwari
आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े के आरोप में भोपाल के सृष्टि हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ EOW ने दर्ज किया केस
By Sandeep Kumar
प्रेमी को फोन कर मिलने बुलाया, फिर पति के साथ मिलकर काटा गला, बलरामपुर वसीम हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा, पति-पत्नी पहुंचे जेल
By Umeshwari Baghel
MP ADPO और IBPS Law Mains की तारीख टकराई, अभ्यर्थी अब किसे चुनें? MPPSC से बदलाव की गुहार
By Sandeep Kumar
लॉरेंस बिश्नोई के नाम 50 करोड़ की फिरौती मांगने वाला शोएब ढेबर फरार, पता बताने वाले को पुलिस देगी 5 हजार रुपए
By VINAY VERMA
MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें, MP शिक्षक भर्ती पर गरमाई सियासत, कूनो में फिर गूंजी किलकारी...
By Sandeep Kumar