सागर शराब कांड में 11 की मौत: आबकारी नीति पर उठे सवाल, अफसरों का निलंबन काफी नहीं

Jitendra Shrivastava | Sept 06, 2026, 20:11 IST
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सागर शराब कांड में 11 की मौत
Photograph: (thesootr)

BHOPAL. सागर जिले में नकली शराब पीने से 11 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद तीन आबकारी अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया। अब सवाल उठ रहा है कि सिर्फ कार्रवाई काफी है या नीति की समीक्षा भी जरूरी है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • सागर जिले के बंडा क्षेत्र में नकली शराब पीने से 11 लोगों की मौत हुई।
  • जांच में पता चला शराब यूपी के ललितपुर से सागर पहुंची थी।
  • शराब पर नकली रैपर और फर्जी QR कोड लगाए गए थे।
  • सरकार ने तीन आबकारी अफसरों को सस्पेंड कर दिया है।
  • अब सवाल उठ रहा है कि नीति की समीक्षा भी जरूरी है या नहीं।
मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब ने कई परिवार उजाड़ दिए हैं। बंडा तहसील के नौरोजा, घुघरा खुर्द समेत चार गांवों में शनिवार सुबह अचानक कई लोग बीमार पड़ गए। कुछ ही घंटों में मामला जानलेवा हो गया।

अब तक 11 मौतों की खबर है। हालांकि, प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर 10 मौतों की पुष्टि की है। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन अफसरों को सस्पेंड कर दिया है।

सरकार का एक्शन, तीन अफसर सस्पेंड

घटना के बाद राज्य सरकार हरकत में आई। सागर आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया। इनमें सहायक आयुक्त आबकारी और सहायक जिला आबकारी अधिकारी शामिल हैं।

उपायुक्त आबकारी को मुख्यालय अटैच किया गया है। ग्वालियर की उपायुक्त और फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को जांच के लिए सागर भेजा गया है। सीएम मोहन यादव और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

अब सवाल सिर्फ कार्रवाई का नहीं

घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक अलग बहस भी शुरू हो गई है। जहां सरकार से अपील की जा रही है कि सागर को सिर्फ एक केस फाइल तक सीमित न रखा जाए। उनका कहना है कि अफसरों पर कार्रवाई से पहले पूरी आबकारी नीति 2025-26 की समीक्षा जरूरी है।

इसमें कुछ सीधे सवाल उठाए गए हैं-

  • क्या मौजूदा नीति अवैध बाजार को आर्थिक खिड़की दे रही है।
  • क्या वैध शराब की ऊंची कीमत पड़ोसी राज्यों से तस्करी को बढ़ावा दे रही है।
  • क्या अवैध शराब के हॉटस्पॉट की कोई वैज्ञानिक मैपिंग है।
  • क्या संदिग्ध सैंपल की जांच समय पर होती है।

कैसे शुरू हुआ पूरा मामला

शनिवार सुबह करीब साढ़े चार बजे बंडा में पहली सूचना मिली थी। गांव में तेजी से अफरा-तफरी मच गई। मरीजों को बंडा सिविल अस्पताल लाया गया।

डॉक्टरों के मुताबिक कई मरीजों के शरीर नीले पड़ गए थे। यह लक्षण मिथाइल अल्कोहल विषाक्तता से जुड़े माने जाते हैं। गंभीर मरीजों को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC – Bundelkhand Medical College) रेफर किया गया।

यूपी से जुड़ा सप्लाई का तार

एसपी अनुराग सुजानिया के मुताबिक शुरुआती जांच में शराब की सप्लाई उत्तर प्रदेश (UP – Uttar Pradesh) के ललितपुर से होने की बात सामने आई। जांच में एक पुराना गिरोह सामने आया जो नकली शराब बनाकर सागर भेजता था।

मई 2026 की एक FIR (First Information Report) में इसी गिरोह का जिक्र मिला है। आरोपी असली ब्रांड जैसा रैपर, नकली ढक्कन और फर्जी QR (Quick Response) कोड लगाकर शराब बेचते थे। सस्ते दाम के लालच में गांव वाले इसे असली समझकर खरीद लेते थे।

पोस्टमार्टम में मिथाइल अल्कोहल

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि शुरुआती पोस्टमार्टम में मिथाइल अल्कोहल मिलने के संकेत मिले हैं। पूरी पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद होगी।

डॉक्टरों का कहना है कि मिथाइल यानी मेथेनॉल नसों और दिमाग पर सीधा असर डालता है। समय पर इलाज न मिले तो जान भी जा सकती है। मुनाफे के लालच में असली शराब में यही सस्ता रसायन मिलाया जाता है।

sagar jahrili sharab
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देश में बढ़ते ऐसे मामले

जहरीली शराब से मौत का यह अकेला मामला नहीं है। पिछले महीने गुजरात के भावनगर में भी ऐसा हादसा हुआ था। बिहार के पटना जिले में भी हाल में कुछ मौतें हुई थीं।

गुजरात और बिहार दोनों में शराबबंदी लागू है, फिर भी अवैध शराब से मौतें रुक नहीं रही हैं। इससे सीमावर्ती निगरानी और सप्लाई चेन पर सवाल और गहरे हो जाते हैं।

आगे क्या होगा

प्रशासन की टीम अब गांव-गांव जाकर स्क्रीनिंग कर रही है। पुलिस सप्लाई चेन के हर सिरे तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के असली कारण की पूरी पुष्टि होगी। सरकार का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन नीति समीक्षा की मांग अभी जवाब का इंतजार कर रही है।

FAQ

  1. सागर में जहरीली शराब से कितनी मौतें हुईं?
    अब तक 11 मौतों की खबर है, प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर 10 की पुष्टि की है। कई लोग अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद सही आंकड़ा साफ होगा।
  2. यह जहरीली शराब कहां से आई थी?
    जांच में सामने आया कि शराब उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले से सागर पहुंची थी। इस पर नकली रैपर और फर्जी QR कोड लगाए गए थे। सस्ते दाम के चलते गांवों में यह आसानी से बिक गई।
  3. सरकार ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
    सागर आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है। एक अधिकारी को मुख्यालय अटैच किया गया है। जांच के लिए विशेष अधिकारी को सागर भेजा गया है।
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शराब कांड | सागर शराब कांड

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