श्योपुर केस देख, इंदौर हाईकोर्ट में 8 जिलों के नगर पालिका अध्यक्षों के खिलाफ लगी याचिकाएं
Sanjay Gupta | Apr 04, 2026, 14:40 IST
sheopur municipal election case indore highcourt
श्योपुर नगर पालिका अध्यक्ष विवाद अब पूरे मध्य प्रदेश में फैल गया है। इंदौर हाईकोर्ट में 8 जिलों की नगर पालिकाओं के अध्यक्षों के चुनाव और वित्तीय अधिकारों को चुनौती देने वाली 15 याचिकाएं दायर हुई हैं।
News In Short
- श्योपुर नगर पालिका अध्यक्ष के चुनाव को लेकर विवाद शुरू हुआ है।
- नोटिफिकेशन नहीं होने पर चुनाव को चुनौती दी गई।
- अब इंदौर-उज्जैन संभाग के 8 जिलों की 15 याचिकाएं इंदौर हाईकोर्ट पहुंच गई हैं।
- कई मामलों में अध्यक्षों के वित्तीय अधिकारों पर रोक लग चुकी है।
- 6 अप्रैल की सुनवाई से पूरे प्रदेश की नगर पालिकाएं प्रभावित हो सकती हैं।
News In Detail
वहीं अब यह बवाल इंदौर-उज्जैन संभाग के आठ जिलों तक फैल गया है। इन मामलों में इंदौर हाईकोर्ट में 06 अप्रैल को सुनवाई संभावित है। इस पर अब पूरे प्रदेश की नजरें हैं। जो श्योपुर में हुआ वह पूरे एमपी की नगर पालिका परिषद के निर्वाचन (नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव) को लेकर हुआ था। कहीं पर भी निर्वाचन का नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ था।
इंदौर हाईकोर्ट में यहां से हुई थी शुरुआत
इस पर 2 मई 2024 को हाईकोर्ट इंदौर ने अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार पर रोक लगा दी थी। इस केस में 25 सितंबर 2025 (संदर्भ अनुसार संशोधित) को याचिकाकर्ता ने मप्र नगर पालिका संशोधन एक्ट 2025 पेश किया और कहा कि बिना नोटिफिकेशन चुनाव मान्य नहीं है। इस पर हाईकोर्ट ने जवाब मांगा है, लेकिन अभी शासन से जवाब नहीं आया है।
इंदौर-उज्जैन संभाग के इन जिलों पर लगी याचिकाएं
- इसमें उज्जैन, खरगोन, देवास, धार, आगर-मालवा, रतलाम, राजगढ़ और बड़वानी जिले शामिल हैं।
- बड़वानी के पानसेमल की याचिका को छोड़कर बाकी जिलों की याचिकाएं मार्च 2026 में ही दायर हुई हैं।
- जावरा (रतलाम), नागदा (उज्जैन), सोनकच्छ (देवास) के मामलों में हाईकोर्ट ने वित्तीय अधिकारों के उपयोग पर रोक लगा दी है।
- बाकी मामलों में शासन से जवाब मांगा गया है। इनमें जावरा की एक और नगर पालिका बड़ावदा परिषद, बागली (देवास), पडाल्याखुर्द (खरगोन), तराना (उज्जैन), बाबड़ी (राजगढ़), खाचरौद (उज्जैन), मंडलेश्वर (खरगोन), बरोद (आगर-मालवा), सैलाना (रतलाम), सतवास (देवास) और कुक्षी (धार) शामिल हैं।
7150c675-45e
2d139936-d6d
इंदौर हाईकोर्ट केस की सुनवाई क्यों अहम
वहीं इसी तरह के 15 केस में इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई होना है। मामला नोटिफिकेशन का ही है। ऐसे में इंदौर हाईकोर्ट का कोई भी आदेश पूरे प्रदेश की नगर पालिकाओं को प्रभावित करेगा। इससे एमपी की 98 नगर पालिका और 247 नगर परिषद के अध्यक्षों की कुर्सी और अधिकार संकट में आ सकते हैं।
क्या हुई थी गफलत
चुनाव के बाद नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर परिषदों के महापौरों और पार्षदों के परिणाम की अधिसूचना जारी हुई थी। वहीं, निर्वाचित अध्यक्षों के लिए अधिसूचना राज्य सरकार के शहरी विकास और आवास विभाग द्वारा जारी नहीं की गई।
इसका खुलासा तब हुआ जब 22 अप्रैल 2024 को पानसेमल (बड़वानी) को लेकर याचिका दायर हुई और वित्तीय अधिकारों पर रोक लग गई। इसके बाद श्योपुर मामले ने सरकार को हिला दिया।
श्योपुर मामले में सीएस, संभागायुक्त सभी उलझे
इस पर हाईकोर्ट ने आश्चर्य जताया और वित्तीय अधिकार रोक दिए। सरकार सुप्रीम कोर्ट तक गई, लेकिन राहत नहीं मिली।
फिर सरकार ने बदला जवाब
कहा गया कि शासकीय अधिवक्ता से गलती हुई और जवाब गलत तैयार किया गया था। इस पर हाईकोर्ट और सख्त हो गया और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा।
चंबल आयुक्त से लेकर मुख्य सचिव अनुराग जैन तक से जवाब मांगा गया। लेकिन जवाब नहीं मिलने पर 01 अप्रैल को ग्वालियर हाईकोर्ट ने इसे सरकार की बेंच हंटिंग प्रैक्टिस करार दिया और कहा कि देरी कर सरकार कोर्ट के साथ छल कर रही है।
ये खबर भी पढ़िए...
एमपी के मुख्य सचिव अनुराग जैन छुट्टी पर: वरिष्ठ आईएएस राजेश राजौरा को मिला मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार
एमपी आईएएस ट्रांसफर: सीएस अनुराग जैन अवकाश पर, सबसे बड़ी लिस्ट के लिए अभी और इंतजार
एमपी के कलेक्टर पैसे लिए बिना काम नहीं करते… सीएस अनुराग जैन ने कलेक्टरों को दी सफाई
इंदौर से CBI ने बैंक लोन घोटाले में सोनी इस्पात के डायरेक्टर राजीव लोचन सोनी को किया गिरफ्तार
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari