सोम डिस्टिलरी मामले में कोर्ट सख्त: एक्साइज कमिश्नर अभिजीत अग्रवाल की भूमिका पर उठाए सवाल

Neel Tiwari | Mar 23, 2026, 15:29 IST
Share
som distillery jabalpur high court hearing excise commissioner
som distillery jabalpur high court hearing excise commissioner

सोम डिस्टिलरी के मामले में जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अदालत ने मौखिक रूप से संकेत दिया कि पूरे प्रकरण में कई स्तरों पर ऐसी कार्रवाई हुई, जिससे आरोपियों को फायदा पहुंचता दिखाई देता है।

News In Short

  • हाईकोर्ट ने एक्साइज कमिश्नर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
  • शो कॉज नोटिस में डायरेक्टर का नाम शामिल न होने पर आपत्ति जताई है।
  • 2024 की शिकायत 2 साल तक चीफ सेक्रेटरी ऑफिस में लंबित रही है।
  • इंदौर के मामले में ग्वालियर से कानूनी राय लेने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई।
  • जस्टिस विवेक अग्रवाल ने मामला हर्ड एंड रिजर्व रखा है।

News In Detail

विवादों में घिरी सोम डिस्टिलरी के मामले में जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जस्टिस विवेक अग्रवाल की सिंगल बेंच ने मामले की सुनवाई के बाद भले ही आदेश सुरक्षित रख लिया हो, लेकिन सुनवाई के दौरान की गई टिप्पणियों में एक्साइज कमिश्नर अभिजीत अग्रवाल की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

अदालत ने मौखिक रूप से संकेत दिया है। पूरे प्रकरण में कई स्तरों पर ऐसी कार्रवाई हुई है जिससे आरोपियों को फायदा पहुंचता दिखाई देता है।

एक्साइज कमिश्नर ने छिपाया सोम के मैनेजिंग डायरेक्टर का नाम

देपालपुर कोर्ट द्वारा कर्मचारियों की दोषसिद्धि के बाद 26 फरवरी 2024 को सोम डिस्टिलरी को शो कॉज नोटिस जारी किया गया था। ये तथ्य सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने आया।

इस नोटिस में कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर सुरजीत लाल का नाम शामिल नहीं किया गया। जबकि उसके खिलाफ भी दोषसिद्धि सामने आई थी। अब इसी आधार पर सोम अपने लाइसेंस के निलंबन को गलत बता रहा है। क्योंकि शो कॉज नोटिस में जिन कर्मचारियों के नाम लिखे हैं उनके ऊपर गंभीर धाराएं नहीं हैं।

तो इस तरह से कंपनी की साख बचाने के लिए आबकारी विभाग ने ही कार्यवाही के बाद भी उसकी पूरी मदद की। अदालत ने इसे गंभीर चूक मानते हुए तत्कालीन एक्साइज कमिश्नर अभिजीत अग्रवाल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। साथ ही मौखिक रूप से इसे आरोपियों को लाभ पहुंचाने वाला कदम बताया है।

som-distillery-jabalpur-high-court-hearing-excise-commissioner
som-distillery-jabalpur-high-court-hearing-excise-commissioner


दो साल तक दबी रही सोम के खिलाफ फाइल

मामले में एक और महत्वपूर्ण तथ्य यह सामने आया कि 2024 में ही इस पूरे प्रकरण की शिकायत चीफ सेक्रेटरी को की गई थी। यह फाइल करीब दो साल तक दबी रही। सुनवाई के दौरान यह बात भी सामने आई कि उच्च स्तर तक शिकायत पहुंचने के बाद ही 2026 में इस पर कार्रवाई शुरू हो सकी। इस देरी को लेकर कोर्ट में विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं।

कानूनी सलाह की प्रक्रिया भी संदेह के घेरे में

अदालत के समक्ष यह भी तथ्य रखा गया कि अवैध शराब से जुड़ा मामला इंदौर क्षेत्र का था। इसके बावजूद कंपनी के लाइसेंस निलंबन के लिए कानूनी सलाह ग्वालियर से ली गई। बाद में जबलपुर भेजी गई।

इस दौरान भी काफी लंबा समय बर्बाद किया गया। इस पर कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए पूछा कि जब घटना इंदौर क्षेत्र की थी तो वहां से ही कानूनी राय क्यों नहीं ली गई। इस प्रक्रिया को भी अदालत ने संदेह की नजर से देखा।

कर्मचारियों की दोषसिद्धि के बावजूद कार्रवाई में देरी

सुनवाई में एक और बात सामने आई। 2023 में कर्मचारियों की दोषसिद्धि के बावजूद लंबे समय तक कंपनी के लाइसेंस जारी रहे। बाद में 2026 में जाकर निलंबन की कार्रवाई की गई। इस देरी को लेकर भी अदालत में सवाल उठे थे। जब नियमों के तहत दोषसिद्धि के बाद लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई हो सकती थी तो इसमें इतना विलंब क्यों किया गया।

अब फैसला सुरक्षित, नजर अंतिम आदेश पर

जस्टिस विवेक अग्रवाल की सिंगल बेंच ने विस्तृत सुनवाई के बाद मामले को हर्ड एंड रिजर्व रख लिया है। अब सभी की नजर अदालत के अंतिम आदेश पर टिकी है। इसमें यह स्पष्ट होगा कि न केवल सोम डिस्टिलरी के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है, बल्कि आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों का क्या असर पड़ता है।

ये खबरें भी पढ़िए...

मदिरा टेंडर पर विवाद: तारीख बढ़ाकर सोम डिस्टिलरीज को फायदा पहुंचाने की आशंका

एमपी न्यूज: सुप्रीम कोर्ट तक दौड़ी सोम डिस्टिलरी, हाईकोर्ट ने दिखाया कानून का आईना

मध्य प्रदेश न्यूज: सोम डिस्टिलरी केस बन रहा 'नो बेंच केस'! सुप्रीम कोर्ट पहुंचते ही हाईकोर्ट से वापस ली अपील

चार जजों से दूर हुआ सोम डिस्टिलरीज केस, राहत नहीं मिली तो अब चीफ जस्टिस की बेंच में अपील

Tags:
  • एमपी न्यूज
  • जबलपुर हाईकोर्ट
  • सोम डिस्टिलरीज
  • आबकारी विभाग
  • मध्य प्रदेश न्यूज
  • जस्टिस विवेक अग्रवाल
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज