गुना में केंद्रीय मंत्री सिंधिया भूले चुनाव चिन्ह, बाद में कई बार बोले 'कमल का फूल'
Sandeep Kumar | Mar 24, 2024, 11:13 IST
गुना लोकसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया
गुना लोकसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रचार शुरू कर दिया है । प्रचार के दौरान गुना में अचानक सिंधिया अपना चुनाव चिन्ह भूल गए। इस दौरान सिंधिया के कान में पूर्व मंत्री ने कुछ कहा, फिर उनको चुनाव चिन्ह याद आया...
BHOPAL. गुना लोकसभा सीट ( Lok sabha seat ) से बीजेपी ( BJP ) प्रत्याशी बनाए गए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ( Jyotiraditya Scindia ) ने प्रचार शुरू कर दिया है। इस दौरान एक मंच पर उन्हें लोगों को अपना चुनाव चिन्ह ( election symbol ) याद दिलाना पड़ा। इसके बाद उन्होंने कई बार 'कमल का फूल' का जिक्र किया और लोगों से कमल के फूल पर बटन दबाने की अपील की।
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दरअसल सिंधिया शनिवार को गुना दौरे पर आए थे। वे बमोरी विधानसभा क्षेत्र के काबर बमोरी गांव में आदिवासी चौपाल को संबोधित कर रहे थे। वे आदिवासी समाज से आगामी लोकसभा चुनाव में वोट करने की अपील कर रहे थे। तभी मंच पर बैठे पूर्व मंत्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया ( Mahendra Singh Sisodia ) उठकर आए और सिंधिया के कान में कुछ कहा। जिसके बाद सिंधिया ने करीब 8-10 बार 'कमल का फूल' बोलकर जनता से उन्हें जिताने की अपील की।
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सिंधिया ने कहा कमल के फूल पर डालोगे? कमल के फूल पर डालना है। हाथ के पंजे को नकारना है। कमल के फूल पर डालना है। ज्योतिरादित्य सिंधिया मतलब कमल का फूल। याद रखना कमल का फूल। सबको बताना ज्योतिरादित्य सिंधिया मतलब कमल का फूल, राजमाता सिंधिया का कमल का फूल, ज्योतिरादित्य सिंधिया का कमल का फूल।
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आदिवासी चौपाल को संबोधित करने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया आदिवासी समाज की एक महिला के घर खाना खाने गए। इस दौरान पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने फिर उन्हें कहा- महाराज इन्हें कमल का फूल याद दिला दिया करो। इस पर सिंधिया ने कहा कि आपने अच्छा याद दिला दिया। सिंधिया ने आदिवासी महिला से दाल-बाटी बनाने की विधि भी पूछी। उन्होंने महिला को अपने हाथ से बाटी भी खिलाईं।
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आपको बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भी सिंधिया गुना सीट से लड़े थे। तब वे कांग्रेस में थे। सिंधिया इस चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी केपी यादव से हार गए थे। सिंधिया बाद में साल 2020 में बीजेपी में शामिल हो गए। अब बीजेपी ने उन्हें गुना सीट से प्रत्याशी बनाया है।
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काबर बमोरी गांव में सिंधिया भूले चुनाव चिन्ह
दरअसल सिंधिया शनिवार को गुना दौरे पर आए थे। वे बमोरी विधानसभा क्षेत्र के काबर बमोरी गांव में आदिवासी चौपाल को संबोधित कर रहे थे। वे आदिवासी समाज से आगामी लोकसभा चुनाव में वोट करने की अपील कर रहे थे। तभी मंच पर बैठे पूर्व मंत्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया ( Mahendra Singh Sisodia ) उठकर आए और सिंधिया के कान में कुछ कहा। जिसके बाद सिंधिया ने करीब 8-10 बार 'कमल का फूल' बोलकर जनता से उन्हें जिताने की अपील की।
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हाथ के पंजे को नकारना है -सिंधिया
सिंधिया ने कहा कमल के फूल पर डालोगे? कमल के फूल पर डालना है। हाथ के पंजे को नकारना है। कमल के फूल पर डालना है। ज्योतिरादित्य सिंधिया मतलब कमल का फूल। याद रखना कमल का फूल। सबको बताना ज्योतिरादित्य सिंधिया मतलब कमल का फूल, राजमाता सिंधिया का कमल का फूल, ज्योतिरादित्य सिंधिया का कमल का फूल।
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आदिवासी समाज की महिला के घर खाया खाना
आदिवासी चौपाल को संबोधित करने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया आदिवासी समाज की एक महिला के घर खाना खाने गए। इस दौरान पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने फिर उन्हें कहा- महाराज इन्हें कमल का फूल याद दिला दिया करो। इस पर सिंधिया ने कहा कि आपने अच्छा याद दिला दिया। सिंधिया ने आदिवासी महिला से दाल-बाटी बनाने की विधि भी पूछी। उन्होंने महिला को अपने हाथ से बाटी भी खिलाईं।
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पिछले लोकसभा में हार गए थे सिंधिया
आपको बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भी सिंधिया गुना सीट से लड़े थे। तब वे कांग्रेस में थे। सिंधिया इस चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी केपी यादव से हार गए थे। सिंधिया बाद में साल 2020 में बीजेपी में शामिल हो गए। अब बीजेपी ने उन्हें गुना सीट से प्रत्याशी बनाया है।
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