यासीन मछली कांड : बिना आपराधिक मामलों के घर तोड़ने पर HC ने भोपाल कलेक्टर और DCP क्राइम को किया तलब
Neel Tiwari | Sept 25, 2025, 23:02 IST
Photograph: (thesootr)
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने यासीन मछली कांड में अतिक्रमण और बैंक खातों की फ्रीजिंग पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने भोपाल कलेक्टर और डीसीपी क्राइम को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।
यासीन मछली कांड में साजिदा बी सहित अन्य 8 याचिकाकर्ताओं के घरों पर अतिक्रमण की कार्रवाई की गई थी। साथ ही उनके बैंक खातों को फ्रीज किए गए थे। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में भोपाल कलेक्टर और डीसीपी क्राइम भोपाल पुलिस को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ताओं पर कोई भी आपराधिक मामला लंबित नहीं है, फिर भी उनके खिलाफ कार्रवाई की गई, जो भेदभावपूर्ण और अनुचित मानी जा रही है।
यासीन और शाहवर मछली के परिजन याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि जिस भूमि पर उनके मकान ध्वस्त किए गए, वहां अन्य लोग भी लंबे समय से रह रहे हैं, लेकिन केवल उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके अलावा, उनके बैंक खातों को फ्रीज करने से वे कोई भी व्यावसायिक या वित्तीय गतिविधि करने में असमर्थ हैं। कोर्ट ने कहा कि बिना अभियोग और उचित नोटिस के ऐसी कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 14, 16 और 21 का उल्लंघन है।
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हाईकोर्ट ने भोपाल कलेक्टर और डीसीपी क्राइम को निर्देश दिया है कि वे 26 सितंबर 2025 को सुबह 10:30 बजे कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर पूरी रिपोर्ट और सभी दस्तावेज प्रस्तुत करें। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दी गई कोई भी सफाई या जवाब अपर्याप्त है और याचिकाकर्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए कड़ी कार्रवाई जरूरी है।
हाईकोर्ट ने अब तक हुई सुनवाई में यह माना है कि मकानों का ध्वस्तीकरण और बैंक खातों का फ्रीज अनुचित और भेदभावपूर्ण है। बिना उचित प्रक्रिया और नोटिस के कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 14, 16 और 21 का उल्लंघन है। इसके बाद ही भोपाल कलेक्टर और DCP क्राइम को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।
मछली परिवार के साजिदा बी सहित कुल 8 लोगों ने यह याचिका दायर की है जिसमें मध्य प्रदेश सरकार सहित भोपाल कलेक्टर और डिप्टी कमिश्नर क्राइम एवं अन्य को प्रतिवादी बनाया गया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई कल 26 सितंबर 2025, सुबह 10:30 बजे होगी जिसमें भोपाल के कलेक्टर और डीसीपी क्राइम को प्रत्यक्ष रूप से हाजिर होना पड़ेगा।
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भोपाल के आनंदपुरा कोकता इलाके में मछली परिवार का साम्राज्य फैला हुआ था। 15,000 वर्ग फीट सरकारी जमीन पर तीन मंजिला हवेली बनाई गई थी। इस हवेली में 30 से ज्यादा कमरे, गैरेज, पार्क और झूला भी बनाए गए। इसके अलावा फार्म हाउस, वेयर हाउस, मदरसा और कारखाना भी सरकारी भूमि पर बनाए गए थे। कुल संपत्ति की कीमत लगभग 100 से 150 करोड़ रुपये बताई जाती है।
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यासीन मछली पर ड्रग्स तस्करी, यौन शोषण, लड़कियों को ब्लैकमेल करना, अपहरण, मारपीट और लूट के आरोप हैं तो शारिक मछली पर नाबालिग के साथ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपी, ड्रग्स की स्मगलिंग और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग जैसे आरोप हैं।
मछली परिवार ने मछली पकड़ने के ठेके से हर साल लगभग 4 करोड़ रुपये की कमाई की थी। 40 साल में इस परिवार ने मोटे तौर पर 150 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित की।
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बीते दिनों जब प्रशासन मछली परिवार के परिजनों के घरों पर कार्रवाई कर रहा था, उस दौरान शारिक मछली के पक्ष की महिलाओं ने बुलडोजर रुकवाने के लिए पत्थरबाजी की। वहीं कुछ लोग कार्रवाई से खुश दिखाई दिए और जय श्री राम के नारे लगाने लगे, जिस पर दूसरे पक्ष ने आपत्ति जताई। पुलिसकर्मियों ने दोनों ही पक्षों को मौके से हटाया।
इसी दौरान मछली परिवार से पीड़ित एक व्यक्ति, राजेश तिवारी, मौके पर पहुंचे और अपने हाथों में तिरंगा लहराते हुए कार्रवाई का स्वागत किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मछली परिवार ने उन्हें किडनैप कर जबरन ड्रग दी और 50 हजार रुपये उनके मोबाइल से ट्रांसफर करवाए। राजेश ने कहा, "शारिक मछली के रसूख के कारण पुलिस लंबे समय तक कार्रवाई नहीं कर रही थी।"
कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ताओं पर कोई भी आपराधिक मामला लंबित नहीं है, फिर भी उनके खिलाफ कार्रवाई की गई, जो भेदभावपूर्ण और अनुचित मानी जा रही है।
बैंक खातों की फ्रीजिंग पर सवाल
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26 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
याचिकाकर्ता किसी भी मामले में अभियुक्त नहीं
मछली परिवार के साजिदा बी सहित कुल 8 लोगों ने यह याचिका दायर की है जिसमें मध्य प्रदेश सरकार सहित भोपाल कलेक्टर और डिप्टी कमिश्नर क्राइम एवं अन्य को प्रतिवादी बनाया गया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई कल 26 सितंबर 2025, सुबह 10:30 बजे होगी जिसमें भोपाल के कलेक्टर और डीसीपी क्राइम को प्रत्यक्ष रूप से हाजिर होना पड़ेगा।
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फैला हुआ था मछली परिवार का साम्राज्य
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मछली परिवार पर हैं गंभीर आरोप
अकूत संपत्ति की कमाई का तरीका
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अतिक्रमण हटाने पर कहीं खुशी कहीं गम
इसी दौरान मछली परिवार से पीड़ित एक व्यक्ति, राजेश तिवारी, मौके पर पहुंचे और अपने हाथों में तिरंगा लहराते हुए कार्रवाई का स्वागत किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मछली परिवार ने उन्हें किडनैप कर जबरन ड्रग दी और 50 हजार रुपये उनके मोबाइल से ट्रांसफर करवाए। राजेश ने कहा, "शारिक मछली के रसूख के कारण पुलिस लंबे समय तक कार्रवाई नहीं कर रही थी।"
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