कांग्रेस सरकार का फैसला पलटा, अब प्रदेश के 305 नगर निकायों के वार्डों का होगा पुनर्गठन
Amit Baijnath Garg | Jul 25, 2025, 14:13 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में भजनलाल सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के एक और फैसले को बदला है। मंत्रिमंडलीय उप समिति ने सभी 305 स्थानीय निकायों के वार्डों के पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है।
राजस्थान की भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कई महत्वपूर्ण फैसलों को बदलने का सिलसिला जारी रखा है। इनमें से एक अहम फैसला स्थानीय निकायों के वार्डों के पुनर्गठन का था, जिसे अब भाजपा सरकार ने पलट दिया है। मंत्रिमंडलीय उप समिति ने प्रदेश के 305 नगर निकायों के वार्डों के पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है।
यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के तहत कई वार्डों का गठन मनमर्जी से किया गया था। इस दौरान न तो क्षेत्रफल का ध्यान रखा गया था और ना ही मतदाताओं की संख्या का। कई ऐसे वार्ड बनाए गए थे, जहां मतदाताओं की संख्या केवल 500 थी, वहीं पास के ही वार्डों में पांच हजार से अधिक मतदाता थे। ऐसे असंगत वार्ड गठन से व्यवस्थाएं बिगड़ी थीं, जिसे सही करने के लिए पुनर्गठन जरूरी था।
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भाजपा की भजनलाल सरकार ने सत्ता में आने के बाद कांग्रेस सरकार के फैसलों का पुनरीक्षण किया है। पिछले छह महीनों में राज्य में कई योजनाओं के नाम बदलने और फैसलों की समीक्षा की गई है। भाजपा सरकार का मानना है कि लोकल निकायों के पुनर्गठन की यह प्रक्रिया राज्य में बेहतर प्रशासन और समुचित संसाधन वितरण को सुनिश्चित करेगी।
अब राज्य के सभी 305 स्थानीय निकायों के वार्डों के पुनर्गठन पर मंत्री मंडलीय उप समिति द्वारा मंजूरी मिलने के बाद इस निर्णय को लागू करने की दिशा में तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि इस प्रक्रिया के बाद सभी वार्डों में उचित प्रतिनिधित्व हो और प्रशासन में सुधार किया जा सके।
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वार्डों का पुनर्गठन क्यों जरूरी था?
2019 में कांग्रेस सरकार ने किया पुनर्गठन पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने 2019 में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों जैसे जयपुर, जोधपुर और भरतपुर संभागों के नगर निकायों का पुनर्गठन किया था। इस पुनर्गठन में निर्धारित मापदंडों को नजरअंदाज करते हुए 65 फीसदी तक विचलन किया गया था, जो कि मानकों के विपरीत था। मंत्री खर्रा ने इसे गलत ठहराया और कहा कि इस प्रकार का बदलाव किसी भी हालत में जायज नहीं था।
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भाजपा सरकार की भूमिका और प्राथमिकताएं
आगे की प्रक्रिया और निर्णय
FAQ
- 1. राजस्थान सरकार ने 305 नगर निकायों के वार्डों का पुनर्गठन क्यों किया?
भाजपा सरकार ने कांग्रेस सरकार के फैसले को पलटते हुए वार्डों के पुनर्गठन को मंजूरी दी, ताकि मतदाता संख्या और क्षेत्रफल के अनुरूप सही वार्ड गठन किया जा सके। - 2. क्या कांग्रेस सरकार के द्वारा किए गए पुनर्गठन में कोई गड़बड़ी थी?
हां, कांग्रेस सरकार ने 2019 में पुनर्गठन करते समय निर्धारित मापदंडों की अवहेलना की थी, जिसमें 65% तक विचलन हुआ था, जो अव्यावहारिक था। - 3. भाजपा सरकार ने इस पुनर्गठन को मंजूरी क्यों दी?
भाजपा सरकार ने यह निर्णय लिया क्योंकि पूर्ववर्ती पुनर्गठन में असंगत वार्डों का गठन हुआ था, जिससे प्रशासनिक समस्याएं उत्पन्न हुई थीं और अब यह सुधार जरूरी हो गया था।
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