अजमेर महिला जेल की निलंबित जेलर दिव्या चौधरी गिरफ्तार, दो महिला बंदियों को घर ले जाने का आरोप
Raghvendra Singh Rathore | Oct 07, 2026, 19:44 IST
निलंबित जेलर दिव्या चौधरी को कोटा से गिरफ्तार किया गया।
अजमेर महिला बंदी सुधार गृह की निलंबित जेलर दिव्या चौधरी को पुलिस ने कोटा से गिरफ्तार किया है। उन पर दो महिला बंदियों को नियमों के खिलाफ जेल से बाहर ले जाने का आरोप है। मामला दर्ज होने के बाद दिव्या की तलाश चल रही थी। पुलिस ने साइबर सेल और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से उन्हें ट्रैक किया।
अजमेर महिला जेल से दो महिला कैदियों को कथित तौर पर बाहर निकालकर अपने घर ले जाने के मामले में पुलिस ने निलंबित जेलर दिव्या चौधरी को गिरफ्तार किया। अजमेर की सिविल लाइंस थाना पुलिस ने दिव्या को कोटा के एक फ्लैट से पकड़ा।
अजमेर एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला के मुताबिक, तत्कालीन प्रभारी जेलर दिव्या चौधरी पर पद के दुरुपयोग का आरोप है। पुलिस का कहना है कि दो महिला बंदियों को नियमों के खिलाफ जेल से बाहर निकाला गया था। इसके बाद उन्हें दिव्या के घर पर ले जाया गया।
पुलिस के मुताबिक, घटना 12 जुलाई 2026 की है। उस समय दिव्या चौधरी अजमेर महिला बंदी सुधार गृह की प्रभारी जेलर थीं। आरोप है कि दिव्या ने महिला प्रहरी सोनिया चौधरी के साथ मिलकर दो बंदियों को जेल से बाहर निकाला। इनमें आजीवन कारावास की सजा काट रही किरण और विचाराधीन बंदी सना शामिल थीं।
पुलिस का दावा है कि अजमेर महिला जेल के मेन गेट पर मौजूद जेलकर्मियों ने इसका विरोध किया था। इसके बावजूद दोनों महिला बंदियों को बाहर ले जाया गया। पुलिस का आरोप है कि विरोध करने वाले जेलकर्मियों को डराया-धमकाया गया। मामले में इन आरोपों की जांच की जा रही।
पुलिस जांच के मुताबिक, दोनों बंदियों को जेल से निकालने के बाद जेलर दिव्या चौधरी के एआरजी सिटी स्थित घर ले जाया गया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों बंदियों को जेल से बाहर ले जाने की असल वजह क्या थी। इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं, इसकी भी जांच चल रही।
पुलिस का आरोप है कि निलंबित जेलर दिव्या चौधरी ने अपने पद का दुरुपयोग किया। बंदियों को निजी हित के लिए आवास पर ले जाने की बात भी पुलिस की ओर से कही गई है। हालांकि, इन आरोपों पर दिव्या चौधरी का पक्ष उपलब्ध नहीं है
घटना के करीब तीन सप्ताह बाद 5 अगस्त को अजमेर के सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज हुआ। अजमेर केंद्रीय कारागृह के प्रहरी महिपाल मांगलोदा की रिपोर्ट पर यह कार्रवाई हुई थी। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, रिकॉर्ड और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों की जांच की।
अजमेर पुलिस के मुताबिक, निलंबित जेलर दिव्या चौधरी गिरफ्तारी से बचने के लिए मुख्यालय से बिना सूचना दिए चली गई थीं। इसके बाद उनकी तलाश शुरू की गई। पुलिस टीम ने साइबर सेल की मदद ली। तकनीकी जानकारी के आधार पर उनकी लोकेशन को ट्रैक किया गया।
अजमेर पुलिस की टीम ने 6 अक्टूबर को कोटा के एक फ्लैट पर दबिश दी। यहां से 37 वर्षीय दिव्या चौधरी को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़ और वृत्त अधिकारी शिवम जोशी के निर्देशन में की गई। टीम का नेतृत्व सिविल लाइंस थानाधिकारी शंभू सिंह ने किया।
दिव्या चौधरी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच खत्म नहीं हुई है। अब इस पूरे मामले में अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। सबसे अहम सवाल यह है कि दोनों महिला बंदियों को जेल से बाहर क्यों निकाला गया। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इसमें और कौन-कौन शामिल था। गिरफ्तार दिव्या से पूछताछ जारी है। पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अजमेर एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला के मुताबिक, तत्कालीन प्रभारी जेलर दिव्या चौधरी पर पद के दुरुपयोग का आरोप है। पुलिस का कहना है कि दो महिला बंदियों को नियमों के खिलाफ जेल से बाहर निकाला गया था। इसके बाद उन्हें दिव्या के घर पर ले जाया गया।
दो महिला बंदियों को बाहर ले जाने का आरोप
जेलकर्मियों के विरोध के बावजूद निकाला
बंदियों को अपने घर ले जाने का आरोप
पुलिस ने निजी हित का लगाया आरोप
5 अगस्त को दर्ज हुआ था मुकदमा
साइबर सेल की मदद से की ट्रैकिंग
कोटा के फ्लैट से दिव्या चौधरी गिरफ्तार
अब किस बात की जांच कर रही पुलिस?
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