बी-2 बाईपास की जमीन से फिलहाल नहीं टूटेंगे मकान, एकलपीठ के आदेश पर रोक

Jageshwar prasad | Apr 22, 2026, 12:44 IST
Share
Ashish Bhardwaj (55)
Photograph: (the sootr)

राजस्थान हाई कोर्ट ने बी-2 बाईपास स्थित 42 बीघा जमीन पर एकलपीठ के आदेश पर रोक लगा दी। आवासन मंडल को यथास्थिति बहाल करने का आदेश दिया गया है।

News In Short

  • श्रीराम कॉलोनी-बी के विवाद में आवासन मंडल को यथास्थिति बहाल करने का आदेश।
  • राजस्थान हाईकोर्ट ने श्रीराम कॉलोनी-बी विकास समिति की अपील पर यह आदेश दिया।
  • यह आदेश चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस शुभा मेहता की खंडपीठ ने दिया।
  • एकलपीठ के फैसले के बाद आवासन मंडल ने निर्माण ध्वस्त की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।
  • हाई कोर्ट के इस बड़े फैसले से इस क्षेत्र में रहने वाले 200 परिवारों को मिली राहत।

News In Detail

Jaipur: राजस्थान हाई कोर्ट की खंडपीठ ने जयपुर शहर में बी-2 बाईपास स्थित 42 बीघा जमीन मामले में एकलपीठ के आदेश पर रोक लगा दी है। इस फैसले सेराजस्थान आवासन मंडल को बड़ा झटका लगा, जिसने एकलपीठ के फैसले के बाद निर्माणों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।
अब उसे वहां यथास्थिति बहाल करनी होगी।

यह आदेश राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश शुभा मेहता की खंडपीठ ने श्रीराम कॉलोनी-बी विकास समिति की अपील पर दिया है। पूर्व के एकलपीठ के फैसले के तुरंत बाद आवासन मंडल एक्शन मोड में आ गया था। 16 अप्रैल को बुलडोजर लेकर पहुंची मंडल की टीम ने करीब 20 परिवारों के निर्माण ध्वस्त कर दिए थे और जमीन पर कब्जे की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। लेकिन अब खंडपीठ के आदेश के बाद मंडल को पीछे हटना होगा और वहां यथास्थिति बनाए रखनी होगी।

क्या है पूरा विवाद?

मामला करीब चार दशक पुराना है। साल 1981 के विक्रय समझौतों के आधार पर श्रीराम कॉलोनी-बी के करीब 200 परिवार यहां बस गए थे। विवाद तब गहराया जब एकलपीठ ने 9 अप्रैल को इस जमीन का मालिकाना हक आवासन मंडल का माना और जेडीए द्वारा 1995 में दी गई योजना स्वीकृति को अवैध करार दे दिया।

अपील में दी गई ये दलीलें

श्रीराम कॉलोनी-बी विकास समिति ने खंडपीठ के सामने मुख्य रूप से तीन बातें रखीं। समिति ने कहा कि जिन मुद्दों पर एकलपीठ ने फैसला दिया, उन्हें सुप्रीम कोर्ट पहले ही तय कर चुका है।
आवासन मंडल ने समिति पर धोखाधड़ी के जो आरोप लगाए थे, उन पर भी पहले निर्णय हो चुका है। चार दशकों से रह रहे परिवारों के आशियानों को अचानक शून्य घोषित करना उनके साथ सरासर अन्याय है।

जब कमिश्नर ने रोक दी थी एनओसी

दिलचस्प बात यह है कि साल 2019 में जेडीए इस कॉलोनी के नियमन के लिए शिविर लगाना चाहता था, लेकिन आवासन मंडल के तत्कालीन आयुक्त पवन अरोड़ा ने एनओसी देने से साफ इनकार कर दिया था। मंडल का तर्क था कि मौके पर 50 प्रतिशत निर्माण नहीं है, इसलिए नियमन नहीं हो सकता। यह मामला इतना बढ़ा कि एसीबी तक पहुंच गया था।

ये भी पढ़ें:-

पेपर लीक मामले में SOG को मिली बड़ी सफलता, फरार कोचिंग संचालक भीम सिंह को किया गिरफ्तार

पचपदरा रिफाइनरी में आग, सरकार कर सकती है SIT का गठन, हालत का जायजा लेने पहुंचे सीएम

पचपदरा रिफाइनरी में आग: गहलोत बोले-यह बहुत बड़ी घटना, इसकी गहराई से जांच हो

जनजाति छात्रावासों में बड़ा घोटाला, नियमों को ताख पर रख खर्च कर दिए 70 करोड़ रुपए

Tags:
  • राजस्थान हाई कोर्ट
  • राजस्थान आवासन मंडल
  • राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश
  • जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा
  • श्रीराम कॉलोनी-बी
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा